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चौराहे से छात्र को खींच ले गए कार में
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Thu, 19 Feb 2015 11:38 PM IST
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कार सवार लोगों ने बुधवार रात करीब आठ बजे मेजा रोड चौराहे से इंटर के एक छात्र का अपहरण कर लिया। उसे सरेआम कार में खींचकर अपहर्ता भागे तो आसपास के लोगों से खबर पाकर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। देर छात्र ने फोनकर परिजनों से कहा कि उसे छुड़ाने के लिए पांच लाख रुपये लेकर वाराणसी पहुंच जाएं। आधी रात पुलिस के साथ परिवार के लोग वाराणसी पहुंचे तो वह कैंट स्टेशन के पास झाड़ी में रोते मिला। उसने बताया कि वह किसी तरह बदमाशों के कार की डिग्गी से कूदकर भागा है। फिलहाल अपहर्ताओं का पता नहीं चला है।
मेजा रोड निवासी लालजी गुप्ता कबाड़ का धंधा करते हैं। उनका पुत्र आशीष गुप्ता नैनी के एक कॉलेज में इंटर का छात्र है। नैनी में ही वह किराए के कमरे में रहता है। तबीयत खराब होने पर वह एक हफ्ते से घर में था। बुधवार रात करीब आठ बजे वह मेजा रोड चौराहे पर खड़ा था तभी एक कार आकर रुकी। उसमें तीन लोग थे। उन्होंने बाहर निकलकर आशीष से पूछा कि लालजी गुप्ता का घर कौन है। फिर अचानक उसका चेहरा कपड़े से ढककर कार में खींच लिया। लोगों ने शोर मचाया लेकिन देखते ही देखते कार तेज रफ्तार में बढ़ गई।
पता चलते ही आशीष के पिता लालजी ने मेजा पुलिस चौकी प्रभारी अवध बिहारी शुक्ला को खबर दी। रात में आशीष ने भाई प्रेम के मोबाइल पर फोनकर कहा कि उसे वाराणसी में लाकर रखा गया है। पांच लाख रुपये फिरौती देने पर ही उसे छोड़ा जाएगा। यह जानकारी मिलते ही पुलिस के साथ परिवार के लोग आधी रात के बाद वाराणसी पहुंच गए। वहां आशीष को फोन किया गया तो वह कैंट स्टेशन के पास झाड़ी में मिला आशीष ने कहा कि उसे कार की डिग्गी में बंदकर बदमाश खाना खाने चले गए थे। वह किसी तरह कांच तोड़कर डिग्गी से बाहर निकल आया। अपहरण करने वाले कौन थे, यह अब तक नहीं मालूम हो सका है।
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मेजा रोड निवासी लालजी गुप्ता कबाड़ का धंधा करते हैं। उनका पुत्र आशीष गुप्ता नैनी के एक कॉलेज में इंटर का छात्र है। नैनी में ही वह किराए के कमरे में रहता है। तबीयत खराब होने पर वह एक हफ्ते से घर में था। बुधवार रात करीब आठ बजे वह मेजा रोड चौराहे पर खड़ा था तभी एक कार आकर रुकी। उसमें तीन लोग थे। उन्होंने बाहर निकलकर आशीष से पूछा कि लालजी गुप्ता का घर कौन है। फिर अचानक उसका चेहरा कपड़े से ढककर कार में खींच लिया। लोगों ने शोर मचाया लेकिन देखते ही देखते कार तेज रफ्तार में बढ़ गई।
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पता चलते ही आशीष के पिता लालजी ने मेजा पुलिस चौकी प्रभारी अवध बिहारी शुक्ला को खबर दी। रात में आशीष ने भाई प्रेम के मोबाइल पर फोनकर कहा कि उसे वाराणसी में लाकर रखा गया है। पांच लाख रुपये फिरौती देने पर ही उसे छोड़ा जाएगा। यह जानकारी मिलते ही पुलिस के साथ परिवार के लोग आधी रात के बाद वाराणसी पहुंच गए। वहां आशीष को फोन किया गया तो वह कैंट स्टेशन के पास झाड़ी में मिला आशीष ने कहा कि उसे कार की डिग्गी में बंदकर बदमाश खाना खाने चले गए थे। वह किसी तरह कांच तोड़कर डिग्गी से बाहर निकल आया। अपहरण करने वाले कौन थे, यह अब तक नहीं मालूम हो सका है।
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