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अपहरण के कुछ ही घंटे बाद कर दिया था कत्ल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 01 Aug 2016 01:48 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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मुंडेरा के विनय को गुरुवार दोपहर घर के पास से स्विफ्ट डिजायर कार से आए बदमाशों ने अगवा कर लिया था। अपहरण के बाद बदमाशों ने विनय के ही मोबाइल से पिता नारायण सहाय के मोबाइल पर कॉल कर बताया था कि बेटे का अपहरण हो गया है। इसके बाद फोन कट गया और जब नारायण ने दोबारा कॉल की तो तो मोबाइल बंद हो गया। वह मामले की शिकायत लेकर धूमनगंज थाने पहुंचे लेकिन पुलिस ने उस दिन रिपोर्ट लिखने के बजाय दूसरे दिन अपहरण की रिपोर्ट लिखी। जांच के दौरान पुलिस को मोहल्ले में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में मरियाडीह के आलम के साथ विनय उर्फ छोटू जाते दिखा था। इसके बाद पुलिस आलम की तलाश में दबिश दे रही थी।
शनिवार रात पुलिस ने आलम और बबलू नामक दो युवकों को उठाकर पूछताछ की। तब पता चला कि अपहरण के कुछ ही घंटे बाद विनय की गला घोंटकर हत्या के बाद शव बमरौली इलाके में गंगा नदी में फेंक दिया था। हालांकि शनिवार को धूमनगंज पुलिस ने बमरौली इलाके में गंगा नदी से एक शव बरामद किया था। विनय के घरवालों को शिनाख्त के लिए बुलाया था लेकिन तब शिनाख्त नहीं हो पाई थी। पकड़े गए आरोपियों से इतनी जानकारी के बाद धूमनगंज पुलिस ने विनय के परिजनों को दोबारा पोस्टमार्टम हाउस भेजकर शव की शिनाख्त को कहा। तब हत्या की बात पता चली।
विनय के कत्ल के पीछे रुपये के लेनदेन के विवाद की बात सामने आ रही है। विनय के गायब होने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में आलम के साथ उसे देखा तो काफी कुछ मामला समझ में आने लगा था। पूछताछ के बाद पता चला कि विनय का मरियाडीह के आलम के साथ लेनदेन का विवाद है।
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आलम काफी दिनों से विनय पर उधार दी गई रकम वापस लेने का दबाव बना रहा था। पता चला है कि दो साल पहले आलम ने विनय को 25 हजार रुपये उधार दिए थे। इसके अलावा मरियाडीह के ही बबलू और इमरान से भी उसने रकम ब्याज पर उधार ली थी। उस पर कुल चार लाख रुपये का ऋण हो गया था। उसे मोबाइल पर लगातार रकम वापस करने के लिए धमकाया जा रहा था। सूदखोरों के डर से ही विनय अपने घर न रहकर दादा के साथ रहता था। गुरुवार को वह जब घर आया तो इसकी जानकारी आलम को लग गई। वह अपने साथियों संग उसके घर पहुंच गया। घर के पास से ही उसे अगवा कर ले गया।
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शनिवार रात पुलिस ने आलम और बबलू नामक दो युवकों को उठाकर पूछताछ की। तब पता चला कि अपहरण के कुछ ही घंटे बाद विनय की गला घोंटकर हत्या के बाद शव बमरौली इलाके में गंगा नदी में फेंक दिया था। हालांकि शनिवार को धूमनगंज पुलिस ने बमरौली इलाके में गंगा नदी से एक शव बरामद किया था। विनय के घरवालों को शिनाख्त के लिए बुलाया था लेकिन तब शिनाख्त नहीं हो पाई थी। पकड़े गए आरोपियों से इतनी जानकारी के बाद धूमनगंज पुलिस ने विनय के परिजनों को दोबारा पोस्टमार्टम हाउस भेजकर शव की शिनाख्त को कहा। तब हत्या की बात पता चली।
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विनय के कत्ल के पीछे रुपये के लेनदेन के विवाद की बात सामने आ रही है। विनय के गायब होने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में आलम के साथ उसे देखा तो काफी कुछ मामला समझ में आने लगा था। पूछताछ के बाद पता चला कि विनय का मरियाडीह के आलम के साथ लेनदेन का विवाद है।
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आलम काफी दिनों से विनय पर उधार दी गई रकम वापस लेने का दबाव बना रहा था। पता चला है कि दो साल पहले आलम ने विनय को 25 हजार रुपये उधार दिए थे। इसके अलावा मरियाडीह के ही बबलू और इमरान से भी उसने रकम ब्याज पर उधार ली थी। उस पर कुल चार लाख रुपये का ऋण हो गया था। उसे मोबाइल पर लगातार रकम वापस करने के लिए धमकाया जा रहा था। सूदखोरों के डर से ही विनय अपने घर न रहकर दादा के साथ रहता था। गुरुवार को वह जब घर आया तो इसकी जानकारी आलम को लग गई। वह अपने साथियों संग उसके घर पहुंच गया। घर के पास से ही उसे अगवा कर ले गया।