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किसी ने कम तो किसी ने दिया ही नहीं टैक्स, हुई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 17 Jan 2018 06:08 PM IST
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गलत रिटर्न दाखिल करके कम टैक्स जमा करने वालों पर राज्य वस्तु एवं सेवा कर (वाणिज्य कर) विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। ऐसे व्यापारियों के 226 मामलों में 2.27 करोड़ रुपये टैक्स जमा कराया गया। इसके अलावा टैक्स न जमा करने वालों पर भी कार्रवाई की गई और 15.74 लाख रुपये टैक्स और ब्याज वसूला गया। दूसरी ओर विभाग ने टैक्स न जमा करने वालों के अस्थाई कर निर्धारण की तैयारी भी शुरू कर दी है। इसके लिए उन्हें इलेक्ट्रानिक माध्यम से नोटिस भेजा जाएगा।
जुलाई में जीएसटी लागू होने के बाद बावजूद काफी व्यापारी मासिक रिटर्न नहीं दाखिल कर रहे हैं, जबकि विभाग ऐसे व्यापारियों से लगातार संपर्क कर रिटर्न दाखिल करने का अनुरोध कर रहा है। ऐसे व्यापारियों की भी बड़ी संख्या है जिन्होंने दिसंबर के रिटर्न में गलत ब्योरा दर्ज करके कम टैक्स जमा किया। एडीशनल कमिश्नर आरके कुरील के निर्देश पर ऐसे व्यापारियों की जांच कराई गई। दिसंबर में जिन व्यापारियों ने रिटर्न दाखिल किया, उनमें से 3126 व्यापारियों की जांच में पता चला कि उन्होंने उतनी मात्रा में टैक्स नहीं जमा किया, जितनी मात्रा में करना चाहिए था। गलत टैक्स जमा करने वाले इन व्यापारियों में से 226 से 2.27 करोड़ रुपये टैक्स जमा कराया गया।
विभाग की ओर से मंगलवार को सिविल लाइंस स्थित सर्जिकल सामान की दुकान की जांच की गई। जांच के दौरान पता चला कि व्यापारी ने यूपी के बाहर से 21 लाख रुपये से अधिक का माल मंगाया लेकिन टैक्स नहीं दिया। व्यापारी से ब्याज सहित 7.06 लाख रुपये टैक्स जमा कराया गया। इसी तरह एक अन्य व्यापारी ने ई-वे बिल से 11.55 लाख रुपये का माल मंगाने के बावजूद टैक्स नहीं जमा किया। जांच के दौरान पता चला कि यूपी से बाहर से मंगाया गया माल बेच भी दिया गया।
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व्यापारी ने 3.18 लाख रुपये जमा कराया गया। सिविल लाइंस में ही सेवा प्रदाता के रूप में पंजीकृत एक कोचिंग संस्थान से भी टैक्स वसूला गया। एक कोचिंग का पंजीकरण कराके परिसर में तीन कोचिंग चलाई जा रही थी। उससे चार लाख रुपये टैक्स जमा कराया गया। इसके साथ नैनी छिवकी में बिना पंजीकरण के चल रहे एक विवाह घर के खिलाफ कार्रवाई की। अफसरों ने यहां कुछ पर्चों और डायरी की जांच की, जिसमें पता चला कि उसकी सालाना आय 20 लाख रुपये से अधिक है। विवाहघर का पंजीकरण कराया गया और 1.50 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया।
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जुलाई में जीएसटी लागू होने के बाद बावजूद काफी व्यापारी मासिक रिटर्न नहीं दाखिल कर रहे हैं, जबकि विभाग ऐसे व्यापारियों से लगातार संपर्क कर रिटर्न दाखिल करने का अनुरोध कर रहा है। ऐसे व्यापारियों की भी बड़ी संख्या है जिन्होंने दिसंबर के रिटर्न में गलत ब्योरा दर्ज करके कम टैक्स जमा किया। एडीशनल कमिश्नर आरके कुरील के निर्देश पर ऐसे व्यापारियों की जांच कराई गई। दिसंबर में जिन व्यापारियों ने रिटर्न दाखिल किया, उनमें से 3126 व्यापारियों की जांच में पता चला कि उन्होंने उतनी मात्रा में टैक्स नहीं जमा किया, जितनी मात्रा में करना चाहिए था। गलत टैक्स जमा करने वाले इन व्यापारियों में से 226 से 2.27 करोड़ रुपये टैक्स जमा कराया गया।
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विभाग की ओर से मंगलवार को सिविल लाइंस स्थित सर्जिकल सामान की दुकान की जांच की गई। जांच के दौरान पता चला कि व्यापारी ने यूपी के बाहर से 21 लाख रुपये से अधिक का माल मंगाया लेकिन टैक्स नहीं दिया। व्यापारी से ब्याज सहित 7.06 लाख रुपये टैक्स जमा कराया गया। इसी तरह एक अन्य व्यापारी ने ई-वे बिल से 11.55 लाख रुपये का माल मंगाने के बावजूद टैक्स नहीं जमा किया। जांच के दौरान पता चला कि यूपी से बाहर से मंगाया गया माल बेच भी दिया गया।
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व्यापारी ने 3.18 लाख रुपये जमा कराया गया। सिविल लाइंस में ही सेवा प्रदाता के रूप में पंजीकृत एक कोचिंग संस्थान से भी टैक्स वसूला गया। एक कोचिंग का पंजीकरण कराके परिसर में तीन कोचिंग चलाई जा रही थी। उससे चार लाख रुपये टैक्स जमा कराया गया। इसके साथ नैनी छिवकी में बिना पंजीकरण के चल रहे एक विवाह घर के खिलाफ कार्रवाई की। अफसरों ने यहां कुछ पर्चों और डायरी की जांच की, जिसमें पता चला कि उसकी सालाना आय 20 लाख रुपये से अधिक है। विवाहघर का पंजीकरण कराया गया और 1.50 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया।