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सिल्की की हत्या में जेल गया फरेबी आशिक
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 22 Apr 2016 02:07 AM IST
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रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
- फोटो : demo pic
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मुजफ्फरनगर से सिल्की गोयल को लाकर यहां होटल में मारकर लाश नाले में फेंकने के आरोपी दगाबाज आशिक विजय कुमार सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हालांकि उसने पूछताछ में हत्या के आरोप से साफ इनकार कर दिया और कहा कि प्रेमिका ने फांसी लगा ली थी। वह घबरा गया इसलिए शव को बैग में भरकर होटल की छत से नाले में फेंक दिया। उसने पूछताछ में बताया कि होटल के नौकर को भी घटना की जानकारी थी और उसने शव को ठिकाने लगाने में मदद की। पुलिस ने होटल के मैनेजर के साथ ही नौकर को भी हिरासत में ले लिया है।
साऊथ मलाका के नाले में आठ अप्रैल की सुबह बैग के भीतर युवती की लाश मिली थी। छानबीन के दौरान पुलिस को कुछ दिन बाद नाले से सटे होटल त्रिवेणी कॉटेज में ऐसे सुबूत मिले जिससे पुलिस ने माना कि युवती का कत्ल उसी होटल में किया गया था। पुलिस को होटल के रजिस्टर से पता चला कि वहां घटना से तीन दिन पहले दो युवक और युवती आकर ठहरे थे। रजिस्टर में लिखा नाम-पता हासिलकर पुलिस ने मुजफ्फर नगर के कोतवाली इलाके के प्रेमपुरी में छापेमारी की। मंगलवार रात पुलिस ने लखनऊ में पीजीआई गेट से दूसरी युवती प्रतिका को पकड़ लिया। वह पीजीआई में भर्ती अपनी बहन को देखने गई थी।
उसने पुलिस को बताया कि सिल्की गोयल का कई साल से अपने पड़ोस में रहने वाले विजय कुमार सिंह से प्रेम संबंध था। उन दोनों ने चोरी-छिपे शादी भी कर ली थी। मगर धीरे-धीरे विजय का मन सिल्की से भर गया तो वह छुटकारा पाने का तरीका सोचने लगा। पुलिस के मुताबिक, सिल्की से छुटकारा पाने की नीयत से ही विजय उसे लेकर इलाहाबाद आय था। बहाना यह कि हाईकोर्ट से सुरक्षा की गुहार लगाई जाएगी ताकि सिल्की के परिजन उन पर हमला नहीं कर सके। सिल्की घर से 45 हजार रुपये, चांदी के 10 सिक्के और गहने लेकर भागी थी। विजय और सिल्की के साथ प्रतिका भी अपने प्रेमी विपिन के साथ भागकर आई थी। विपिन और विजय सगे भाई हैं। दोनों जोड़े होटल त्रिवेणी कॉटेज में ठहरे। यहीं सिल्की की हत्या कर विजय ने लाश नाले में फेंक दी थी। पुलिस ने विजय को बुधवार दोपहर मुजफ्फर नगर में गिरफ्तार कर लिया।
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एसपी सिटी राजेश यादव के मुताबिक, विजय ने कत्ल का गुनाह नहीं कुबूला जबकि किया उसने ही है। उसका कहना है कि वह रात में होटल से बाहर खाना लेने गया था। लौटा तो देखा कि सिल्की कमरे में फांसी पर लटकी है। उसकी मौत हो चुकी थी। वह घबरा गया। होटल से कुछ दूर दुकान से बड़ा बैग खरीदकर लाया और सिल्की की लाश उसमें भरकर होटल की छत से पीछे नाले में फेंक दी। फिर वह अपने भाई और उसकी प्रेमिका के साथ होटल से निकल गया। विजय ने बताया कि सिल्की के पैसे-गहनों भरा बैग उसका भाई विपिन ले गया था। पुलिस उसे खोज रही है।
विजय ने पुलिस को बताया कि वह बैग में सिल्की का शव भरकर फेंक रहा था तभी होटल के एक नौकर ने देख लिया। पकड़े जाने के डर से उसने नौकर को हजारों रुपये देकर चुप रहने के लिए मना लिया। पैसे लेकर नौकर ने कमरे से सिल्की की मौत के सुबूत भी मिटाने में मदद की थी। ऐसे में पुलिस नौकर को भी हत्या में शामिल होने का आरोपी बनाने की सोच रही है। मैनेजर से भी पूछताछ की जा रही है।
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साऊथ मलाका के नाले में आठ अप्रैल की सुबह बैग के भीतर युवती की लाश मिली थी। छानबीन के दौरान पुलिस को कुछ दिन बाद नाले से सटे होटल त्रिवेणी कॉटेज में ऐसे सुबूत मिले जिससे पुलिस ने माना कि युवती का कत्ल उसी होटल में किया गया था। पुलिस को होटल के रजिस्टर से पता चला कि वहां घटना से तीन दिन पहले दो युवक और युवती आकर ठहरे थे। रजिस्टर में लिखा नाम-पता हासिलकर पुलिस ने मुजफ्फर नगर के कोतवाली इलाके के प्रेमपुरी में छापेमारी की। मंगलवार रात पुलिस ने लखनऊ में पीजीआई गेट से दूसरी युवती प्रतिका को पकड़ लिया। वह पीजीआई में भर्ती अपनी बहन को देखने गई थी।
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उसने पुलिस को बताया कि सिल्की गोयल का कई साल से अपने पड़ोस में रहने वाले विजय कुमार सिंह से प्रेम संबंध था। उन दोनों ने चोरी-छिपे शादी भी कर ली थी। मगर धीरे-धीरे विजय का मन सिल्की से भर गया तो वह छुटकारा पाने का तरीका सोचने लगा। पुलिस के मुताबिक, सिल्की से छुटकारा पाने की नीयत से ही विजय उसे लेकर इलाहाबाद आय था। बहाना यह कि हाईकोर्ट से सुरक्षा की गुहार लगाई जाएगी ताकि सिल्की के परिजन उन पर हमला नहीं कर सके। सिल्की घर से 45 हजार रुपये, चांदी के 10 सिक्के और गहने लेकर भागी थी। विजय और सिल्की के साथ प्रतिका भी अपने प्रेमी विपिन के साथ भागकर आई थी। विपिन और विजय सगे भाई हैं। दोनों जोड़े होटल त्रिवेणी कॉटेज में ठहरे। यहीं सिल्की की हत्या कर विजय ने लाश नाले में फेंक दी थी। पुलिस ने विजय को बुधवार दोपहर मुजफ्फर नगर में गिरफ्तार कर लिया।
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एसपी सिटी राजेश यादव के मुताबिक, विजय ने कत्ल का गुनाह नहीं कुबूला जबकि किया उसने ही है। उसका कहना है कि वह रात में होटल से बाहर खाना लेने गया था। लौटा तो देखा कि सिल्की कमरे में फांसी पर लटकी है। उसकी मौत हो चुकी थी। वह घबरा गया। होटल से कुछ दूर दुकान से बड़ा बैग खरीदकर लाया और सिल्की की लाश उसमें भरकर होटल की छत से पीछे नाले में फेंक दी। फिर वह अपने भाई और उसकी प्रेमिका के साथ होटल से निकल गया। विजय ने बताया कि सिल्की के पैसे-गहनों भरा बैग उसका भाई विपिन ले गया था। पुलिस उसे खोज रही है।
विजय ने पुलिस को बताया कि वह बैग में सिल्की का शव भरकर फेंक रहा था तभी होटल के एक नौकर ने देख लिया। पकड़े जाने के डर से उसने नौकर को हजारों रुपये देकर चुप रहने के लिए मना लिया। पैसे लेकर नौकर ने कमरे से सिल्की की मौत के सुबूत भी मिटाने में मदद की थी। ऐसे में पुलिस नौकर को भी हत्या में शामिल होने का आरोपी बनाने की सोच रही है। मैनेजर से भी पूछताछ की जा रही है।