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शुआट्स के 23 करोड़ के गबन में 23 गुनहगार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 21 Aug 2017 01:48 AM IST
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- फोटो : file photo
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एक्सिस बैंक में शुआट्स के खाते से 23 करोड़ 92 लाख रुपये के गबन के मामले में शुआट्स और बैंक 23 लोगों के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है। क रीब पंद्रह दिन तक हुई सुनवाई के बाद क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम अब चार्जशीट तैयार करने में जुट गई है। जिसमें साक्ष्य के आधार पर चरणबद्ध तरीके से दोषी बैंक और शुआट्स के कर्मचारियों तथा अफसरों की गिरफ्तारी और वारंट की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। कार्रवाई पूरी होने तक क्राइम ब्रांच ने इस प्रक्रिया को गोपनीय रखा है। कहीं से जांच रिपोर्ट लीक होने पर आरोपी फायदा उठा सकता है।
हाईकोर्ट के आदेश पर एसएसपी ने एक्सिस बैंक में शुआट्स के खाते से 23.92 करोड़ के गबन की जांच थाना सिविल लाइंस से हटाकर क्राइम ब्रांच की एसआईटी को सौंप दी थी। एसआईटी ने जांच के दौरान शुआट्स और बैंक के अफसरों के पंद्रह दिन तक अफसरों के बयान लिए। इस दौरान बैंक के बर्खास्त अधिकारी तथा कर्मचारी भी शामिल थे। बताते हैं कि पहले फेज में क्राइम ब्रांच बैंक और शुआट्स के स्तर से दोषी बताए गए अफसरों में से ही गिरफ्तार होगी। अगले फेज में अपने स्तर से विवेचना में अन्य दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिन्हें शुआट्स और बैंक प्रबंधक ने दोषी नहीं माना है और वह क्राइम ब्रांच की जांच में प्रथमदृष्टया दोषी पाए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार बैंक ने 12 और शुआट्स ने चार कर्मचारियों को अपने स्तर से दोषी करार दिया है। इनके अलावा सात और अफसर क्राइम ब्रांच की ओर से दोषी माने जा रहे हैं। सात और दोषी अफसरों के नामों को क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने गोपनीय रखा है। ‘बयान की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। कुछ और लोगों को बयान और साक्ष्य के लिए बुलाया जा सकता है। इस समय जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसी साथ-साथ विवेचना में दोषी पाए जाने वालों की गिरफ्तारी की जाएगी। इस प्रक्रिया को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है।’ बीके मिश्रा, एसपी क्राइम
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हाईकोर्ट के आदेश पर एसएसपी ने एक्सिस बैंक में शुआट्स के खाते से 23.92 करोड़ के गबन की जांच थाना सिविल लाइंस से हटाकर क्राइम ब्रांच की एसआईटी को सौंप दी थी। एसआईटी ने जांच के दौरान शुआट्स और बैंक के अफसरों के पंद्रह दिन तक अफसरों के बयान लिए। इस दौरान बैंक के बर्खास्त अधिकारी तथा कर्मचारी भी शामिल थे। बताते हैं कि पहले फेज में क्राइम ब्रांच बैंक और शुआट्स के स्तर से दोषी बताए गए अफसरों में से ही गिरफ्तार होगी। अगले फेज में अपने स्तर से विवेचना में अन्य दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिन्हें शुआट्स और बैंक प्रबंधक ने दोषी नहीं माना है और वह क्राइम ब्रांच की जांच में प्रथमदृष्टया दोषी पाए गए हैं।
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सूत्रों के अनुसार बैंक ने 12 और शुआट्स ने चार कर्मचारियों को अपने स्तर से दोषी करार दिया है। इनके अलावा सात और अफसर क्राइम ब्रांच की ओर से दोषी माने जा रहे हैं। सात और दोषी अफसरों के नामों को क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने गोपनीय रखा है। ‘बयान की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। कुछ और लोगों को बयान और साक्ष्य के लिए बुलाया जा सकता है। इस समय जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसी साथ-साथ विवेचना में दोषी पाए जाने वालों की गिरफ्तारी की जाएगी। इस प्रक्रिया को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है।’ बीके मिश्रा, एसपी क्राइम
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