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भागो-भागो, जान बचाओ, तेंदुआ आया... तेंदुआ
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 01 Jun 2017 02:04 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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सुबह के तकरीबन नौ बजे थे। दलापुर गांव में कोई दुकान जाने की तैयारी में था तो कोई सरकारी दफ्तर। मजदूर मजदूरी पर जाने के लिए तो किसान खेत की ओर जाने की तैयारी में थे। तभी बस्ती में तेंदुए के होने का शोर मचा। तेंदुए को सामने देख गांववाले दहल गए। वहां मौजूद कुलदीप और शीला को तो जैसे सांप सूंघ गया। भागो-भागो, सब बचाओ अपनी जान, गांव की बस्ती में तेंदुआ आने का हल्ला मच गया।
आसपास की बस्ती तक यह पुकार पहुंची तो खलबली मच गई। कुछ युवक हाथ में लाठी-डंडा लेकर गन्ने के खेत में पहुंचे। इसी बीच तेंदुआ दोबारा गन्ने के खेत से बाहर निकाला तो अफरातफरी मच गई। जब तेंदुआ कच्चे मकान में कैद हो गया तो गांव के युवा लाठी डंडे से लैस हो कर बस्ती से लेकर खेत घूमते रहे। यह माहौल दिन भर बना रहा जब तक कि तेंदुआ पकड़ नहीं लिया गया। इस दौरान डीएफओ मनोज खरे, एसडीओ केएस यादव और वन दरोगा अभय मिश्रा अपनी टीम के साथ मौजूद रहे।
जब ग्रामीण सैकड़ों की संख्या में इकट्ठे हुए तो तमाम तरह की अफवाहें उड़ने लगीं। दिन में अफवाह उड़ी कि खेत में एक और तेंदुआ है, फिर क्या था। लाठी डंडों से लैस युवा खेत पहुंच गए। काफी देर ढूंढने के बाद कुछ नहीं मिला।
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आसपास की बस्ती तक यह पुकार पहुंची तो खलबली मच गई। कुछ युवक हाथ में लाठी-डंडा लेकर गन्ने के खेत में पहुंचे। इसी बीच तेंदुआ दोबारा गन्ने के खेत से बाहर निकाला तो अफरातफरी मच गई। जब तेंदुआ कच्चे मकान में कैद हो गया तो गांव के युवा लाठी डंडे से लैस हो कर बस्ती से लेकर खेत घूमते रहे। यह माहौल दिन भर बना रहा जब तक कि तेंदुआ पकड़ नहीं लिया गया। इस दौरान डीएफओ मनोज खरे, एसडीओ केएस यादव और वन दरोगा अभय मिश्रा अपनी टीम के साथ मौजूद रहे।
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जब ग्रामीण सैकड़ों की संख्या में इकट्ठे हुए तो तमाम तरह की अफवाहें उड़ने लगीं। दिन में अफवाह उड़ी कि खेत में एक और तेंदुआ है, फिर क्या था। लाठी डंडों से लैस युवा खेत पहुंच गए। काफी देर ढूंढने के बाद कुछ नहीं मिला।
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