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रैगिंग की वजह से अवसाद में पहुंचा विवि का छात्र
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 16 Mar 2016 01:48 AM IST
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रैगिंग
- फोटो : demo
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एक हॉस्टल में नव प्रवेशी छात्र के साथ रैगिंग का मामला सामने आया है। शोधछात्र की ओर से परेशान किए जाने और बदसलूकी की वजह से वह अवसाद में पहुंच गया है। एंटी रैगिंग हेल्पलाइन नंबर पर पीड़ित छात्र ने शिकायत की है कि यही स्थिति रही तो वह आत्महत्या कर लेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि प्रथम दृष्टया जांच में पीड़ित छात्र बीए द्वितीय वर्ष का बताया जा रहा है। जबकि, शिकायत में उसने खुद को बीए प्रथम वर्ष का छात्र बताया है। विश्वविद्यालय में रैगिंग का यह दूसरा मामला है। पिछले महीने ही महिला हॉस्टल की एक छात्रा ने रैगिंग की शिकायत की थी।
पीड़ित छात्र ने नौ मार्च को हेल्पलाइन नंबर पर रैगिंग की शिकायत की थी। उसका कहना था कि एक शोधार्थी उसे बेवजह परेशान करता है। अक्सर कमरे में घुस जाता है। बदसलूकी का भी आरोप लगाया है। हेल्पलाइन नंबर पर हुई इस शिकायत की तत्काल जानकारी कुलपति, रजिस्ट्रार तथा विश्वविद्यालय के अन्य अफसरों को दी गई। जिला प्रशासन को भी इसकी जानकारी देकर जवाब मांगा गया है। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर एनके शुक्ला का कहना है कि शिकायत मिली है। छात्र खुद को बीए प्रथम वर्ष का बता रहा है। जबकि, प्रारंभिक जांच में वह द्वितीय वर्ष का बताया रहा है। आगे जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पीड़ित छात्र ने नौ मार्च को हेल्पलाइन नंबर पर रैगिंग की शिकायत की थी। उसका कहना था कि एक शोधार्थी उसे बेवजह परेशान करता है। अक्सर कमरे में घुस जाता है। बदसलूकी का भी आरोप लगाया है। हेल्पलाइन नंबर पर हुई इस शिकायत की तत्काल जानकारी कुलपति, रजिस्ट्रार तथा विश्वविद्यालय के अन्य अफसरों को दी गई। जिला प्रशासन को भी इसकी जानकारी देकर जवाब मांगा गया है। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर एनके शुक्ला का कहना है कि शिकायत मिली है। छात्र खुद को बीए प्रथम वर्ष का बता रहा है। जबकि, प्रारंभिक जांच में वह द्वितीय वर्ष का बताया रहा है। आगे जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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