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प्रयागराज में आज भी हड़ताल पर डाककर्मी, ठप पड़ी डाक सेवाएं, भटकने को मजबूर लोग
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Updated Tue, 30 Oct 2018 01:34 AM IST
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कचहरी डाकघर में शनिवार को हुए बवाल, मारपीट और आगजनी की घटना के विरोध में आज भी डाक कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इसके अलावा सोमवार को भी कौशाम्बी के साथ शहर और ग्रामीण इलाकों के 550 डाकघर बंद रहे। पासपोर्ट का काम ठप रहा। 66 केंद्रों पर आधार पंजीकरण सेवा भी प्रभावित हुई। हड़ताल से करोड़ों का लेनदेन प्रभावित होने के साथ लोग परेशान हुए। नाराज कर्मचारियों ने प्रधान डाक घर परिसर में सभा की फिर डीएम और एसएसपी को ज्ञापन सौंपा।
कचहरी डाकघर कांड के विरोध में डाक विभाग की तीन प्रमुख यूनियन के पदाधिकारी और कर्मचारी एकजुट हुए। सिविल लाइंस स्थित प्रधान डाकघर (जीपीओ) में अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ, राष्ट्रीय डाक कर्मचारी संघ, भारतीय डाक कर्मचारी संघ के साथ डाक सेवक संघ के नेताओं ने आम सभा में सुरक्षा का मुद्दा जोरदारी से उठाया। चार सूत्री प्रस्ताव पारित पर आंदोलन जारी रखने का एलान किया। इसमें डाकघरों में सरकारी संपत्ति और कर्मचारियों की सुरक्षा, डाक कर्मियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने और घटना के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग शामिल है। प्रस्ताव संबंधी ज्ञापन डीएम, एसएसपी, पोस्ट मास्टर जनरल, प्रवर अधीक्षक डाकघर को दिया गया।
सभा की अध्यक्षता जीपी ओझा, राजदेव, ज्ञानधर तिवारी, विद्याभूषण पांडेय ने की। यूनियन नेता आशीष चटर्जी, आरपी सिंह, विश्वजीत, राजेश वर्मा, प्रमोद राय, जेपी यादव, शंखधर सिंह, प्रेम प्रकाश तिवारी, विक्रम सिंह, तुफैल खां, केएन पांडेय, छेदी लाल गुप्ता आदि ने सभा को संबोधित किया। इस मौके पर सैकड़ों डाक कर्मचारी नारेबाजी करते रहे।
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डाक कर्मचारियों की हड़ताल से दिन भर लोग परेशान रहे। लेनदेन करने डाकघरों तक पहुंचे लोगों को मायूसी का सामना करना पड़ा। आधार पंजीकरण कराने वाले भी बैरंग लौटे। पासपोर्ट वेरीफिकेशन कराने आए लोगों को अगली तिथि भी नहीं मिल सकी। संभवत: उनका नंबर अब दीपावली के बाद ही आ पाएगा।
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कचहरी डाकघर कांड के विरोध में डाक विभाग की तीन प्रमुख यूनियन के पदाधिकारी और कर्मचारी एकजुट हुए। सिविल लाइंस स्थित प्रधान डाकघर (जीपीओ) में अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ, राष्ट्रीय डाक कर्मचारी संघ, भारतीय डाक कर्मचारी संघ के साथ डाक सेवक संघ के नेताओं ने आम सभा में सुरक्षा का मुद्दा जोरदारी से उठाया। चार सूत्री प्रस्ताव पारित पर आंदोलन जारी रखने का एलान किया। इसमें डाकघरों में सरकारी संपत्ति और कर्मचारियों की सुरक्षा, डाक कर्मियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने और घटना के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग शामिल है। प्रस्ताव संबंधी ज्ञापन डीएम, एसएसपी, पोस्ट मास्टर जनरल, प्रवर अधीक्षक डाकघर को दिया गया।
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सभा की अध्यक्षता जीपी ओझा, राजदेव, ज्ञानधर तिवारी, विद्याभूषण पांडेय ने की। यूनियन नेता आशीष चटर्जी, आरपी सिंह, विश्वजीत, राजेश वर्मा, प्रमोद राय, जेपी यादव, शंखधर सिंह, प्रेम प्रकाश तिवारी, विक्रम सिंह, तुफैल खां, केएन पांडेय, छेदी लाल गुप्ता आदि ने सभा को संबोधित किया। इस मौके पर सैकड़ों डाक कर्मचारी नारेबाजी करते रहे।
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डाक कर्मचारियों की हड़ताल से दिन भर लोग परेशान रहे। लेनदेन करने डाकघरों तक पहुंचे लोगों को मायूसी का सामना करना पड़ा। आधार पंजीकरण कराने वाले भी बैरंग लौटे। पासपोर्ट वेरीफिकेशन कराने आए लोगों को अगली तिथि भी नहीं मिल सकी। संभवत: उनका नंबर अब दीपावली के बाद ही आ पाएगा।
डाक कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने अराजकता के खिलाफ आंदोलन जारी रखने का एलान किया है। पदाधिकारियों का कहना है कि संयम से काम करने के दौरान ऐसी स्थिति लगभग हर दिन बनी रहती है। सरकारी संपत्ति के नुकसान की भरपाई और सुरक्षा के बारे में सार्थक बात होनी चाहिए।
जिला कचहरी के पास स्थित डाकघर में हुए बवाल मामले में अब पुलिस सरकारी संपत्ति के नुकसान के आकलन के बाद कार्रवाई करेगी। डाक विभाग की ओर से इस संबंध में एक रिपोर्ट केंद्रीय टीम को भेजी जा रही है। टीम यहां नुकसान की जो रिपोर्ट तैयार करेगी, वह मिलने के बाद ही पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। 27 अक्तूबर को हुए बवाल के बाद मामले में दोनों पक्षों की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
अधिवक्ता अमित कुमार निगम व अभिषेक श्रीवास्तव ने जहां बंधक बनाकर पीटने, लूट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वहीं डाक विभाग की ओर से अज्ञात वकीलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। सोमवार को इस संबंध में डाक कर्मचारियों ने एसएसपी से भी मुलाकात की।
पुलिस का कहना है कि बवाल के दौरान हुए सरकारी संपत्ति के नुकसान के संबंध में डाक विभाग की ओर से रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। अब लखनऊ से एक टीम आकर घटना के दौरान हुए नुकसान का आकलन करेगी। साथ ही इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। इस रिपोर्ट के मिलने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। इंस्पेक्टर कर्नलगंज सत्येंद्र सिंह ने बताया कि रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिला कचहरी के पास स्थित डाकघर में हुए बवाल मामले में अब पुलिस सरकारी संपत्ति के नुकसान के आकलन के बाद कार्रवाई करेगी। डाक विभाग की ओर से इस संबंध में एक रिपोर्ट केंद्रीय टीम को भेजी जा रही है। टीम यहां नुकसान की जो रिपोर्ट तैयार करेगी, वह मिलने के बाद ही पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। 27 अक्तूबर को हुए बवाल के बाद मामले में दोनों पक्षों की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
अधिवक्ता अमित कुमार निगम व अभिषेक श्रीवास्तव ने जहां बंधक बनाकर पीटने, लूट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वहीं डाक विभाग की ओर से अज्ञात वकीलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। सोमवार को इस संबंध में डाक कर्मचारियों ने एसएसपी से भी मुलाकात की।
पुलिस का कहना है कि बवाल के दौरान हुए सरकारी संपत्ति के नुकसान के संबंध में डाक विभाग की ओर से रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। अब लखनऊ से एक टीम आकर घटना के दौरान हुए नुकसान का आकलन करेगी। साथ ही इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। इस रिपोर्ट के मिलने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। इंस्पेक्टर कर्नलगंज सत्येंद्र सिंह ने बताया कि रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने बताया कि घटना की तस्वीरें सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं। फुटेज मेें किसी तरह की छेड़छाड़ न की जा सके, इसके लिए डीवीआर सील कर दिया गया है। 27 अक्तूबर को कचहरी डाकघर में रजिस्ट्री करने गए अधिवक्ताओं व कर्मचारियों में विवाद के बाद जमकर बवाल हुआ था। इसी दौरान डाकघर परिसर में रखे सामान उलट-पलट दिए जाने के साथ ही बाइकों में तोड़फोड़ कर दो मोटरसाइकिलें आग के हवाले कर दिया गया था।
कचहरी डाकघर के कर्मचारियों वकीलों में हुई मारपीट के विरोध में सोमवार को वकीलों ने न्यायिक कार्य नहीं किया। उन्होंने सभा कर डाक विभाग द्वारा वकीलों के खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर को झूठा बताया।
संघ के मंत्री मनोज सिंह लोकेश ने बताया कि शनिवार को कचहरी डाकघर गए अधिवक्ताओं के साथ कर्मचारियों ने बंधक बना कर मारपीट की थी। जिसके विरोध में सोमवार को अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी की अध्यक्षा में सभा हुई। सभा में मंत्री कृष्ण चन्द्र मिश्र बऊ, अमित निगम, लक्ष्मी कांत मिश्र, नितिन तिवारी, अभिषेक श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष कृष्ण बिहारी तिवारी, शीतला प्रसाद मिश्र, राकेश तिवारी, भगवत प्रसाद पांडेय, पूर्व मंत्री दिनेश श्रीवास्तव, हरि सागर मिश्र, देवेन्द्र मिश्र नगरहा, राजेन्द्र प्रसाद मिश्र रज्जू, अनिल तिवारी, अरुण पांडेय, राधा रमण मिश्र, अरुण उपाध्याय, प्रमोद सिंह नीरज, संतोष यादव, विद्याभूषण द्विवेदी, बरुण सिंह आदि बड़ी संख्या में उपस्थित अधिवक्ताओं ने वकीलों के खिलाफ की गई एफआईआर को तत्काल स्पंज किए जाने की मांग की है। सभा में कहा गया है कि जब तक वकीलों की मांग पूरी नहीं हो जाती आंदोलन जारी रहेगा। 30 अक्तूबर को अधिवक्ता संघ की आम सभा आहूत की गई है।
कचहरी डाकघर के कर्मचारियों वकीलों में हुई मारपीट के विरोध में सोमवार को वकीलों ने न्यायिक कार्य नहीं किया। उन्होंने सभा कर डाक विभाग द्वारा वकीलों के खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर को झूठा बताया।
संघ के मंत्री मनोज सिंह लोकेश ने बताया कि शनिवार को कचहरी डाकघर गए अधिवक्ताओं के साथ कर्मचारियों ने बंधक बना कर मारपीट की थी। जिसके विरोध में सोमवार को अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी की अध्यक्षा में सभा हुई। सभा में मंत्री कृष्ण चन्द्र मिश्र बऊ, अमित निगम, लक्ष्मी कांत मिश्र, नितिन तिवारी, अभिषेक श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष कृष्ण बिहारी तिवारी, शीतला प्रसाद मिश्र, राकेश तिवारी, भगवत प्रसाद पांडेय, पूर्व मंत्री दिनेश श्रीवास्तव, हरि सागर मिश्र, देवेन्द्र मिश्र नगरहा, राजेन्द्र प्रसाद मिश्र रज्जू, अनिल तिवारी, अरुण पांडेय, राधा रमण मिश्र, अरुण उपाध्याय, प्रमोद सिंह नीरज, संतोष यादव, विद्याभूषण द्विवेदी, बरुण सिंह आदि बड़ी संख्या में उपस्थित अधिवक्ताओं ने वकीलों के खिलाफ की गई एफआईआर को तत्काल स्पंज किए जाने की मांग की है। सभा में कहा गया है कि जब तक वकीलों की मांग पूरी नहीं हो जाती आंदोलन जारी रहेगा। 30 अक्तूबर को अधिवक्ता संघ की आम सभा आहूत की गई है।