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पुलिस के खौफ से महिला की मौत!
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Mon, 04 May 2015 02:21 AM IST
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इलाहाबाद। करेली थाना क्षेत्र के नया पुरवा निवासी शहजादे की पत्नी शफीना बेगम (57) की शनिवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि एक मुकदमे के सिलसिले में करेली थाने का सिपाही रात में घर पहुंचा था और शफीना को धमकाया था। इसके कुछ ही देर बाद शफीना की हालत बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। मामला तूल पकड़ने लगा तो पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। मौत की वजह स्पष्ट न होने पर बिसरा प्रिजर्व कर लिया गया।
कारपेंटर शहजादे का उनके बड़े बेटे साहबे आलम से विवाद चल रहा है। साहबे 28 मार्च को पत्नी समरजहां के साथ घर छोड़कर चला गया था। शहजादे ने आरोप लगाया था कि साहबे घर से एक लाख रुपये के जेवर भी उठा ले गया। उन्होंने पुलिस से इसकी शिकायत की तो साहबे के ससुराल वालों ने दहेज उत्पीड़न का आरोप लगा दिया। दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया लेकिन बाद में शाहजादे ने साहबे को संपत्ति से बेदखल कर दिया। इसके बाद साहबे ने पुलिस में शिकायत की थी लेकिन सुनवाई न होने पर वह कोर्ट चला गया। कोर्ट के आदेश पर शहजादे के खिलाफ करेली थाने में मुकदमा कर लिया गया। इसी सिलसिले में पूछताछ के लिए पुलिस शनिवार रात शहजादे के घर पहुंची थी। साहबे भी कारपेंटर है।
परिजनों के मुताबिक रात सात बजे पहुंचे सिपाही ने शफीना को काफी हड़काया था। धमकी दी थी कि शहजादे रविवार सुबह 10 बजे तक हाजिर नहीं हुए तो अंजाम बुरा होगा। इसी के बाद शफीना की हालत बिगड़ती गई। डायबिटीज और ब्लड प्रेशर की मरीज शफीना के मुंह से रात आठ बजे झाग निकलने लगा तो उनकी बेटी सिम्मी घबरा गई। उसने शहजादे को फोन पर जानकारी दी। वह घर पहुंचे लेकिन तब तक शफीना की हालत काफी बिगड़ चुकी थी। उनको करेली की क्लिनिक ले गए। हाथ खड़े करने पर उनको कंपनी बाग के समीप स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां पर भर्ती करने से इंकार पर परिजन एसआरएन अस्पताल पहुंचे जहां शफीना को मृत घोषित कर दिया गया।
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शहजादे ने बताया कि वह शव को लेकर घर पहुंचे थे। रात 10 बजे उन्होंने थाने पर मौत की खबर दे दी। मामला तूल न पकड़े, इसलिए पुलिस पेशबंदी में जुट गई। रात में ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया गया। शफीना के तीन बेटे साहबे आलम, आफताब और शाहनवाज तथा दो बेटियां सोनी और सिम्मी हैं। सोनी की शादी हो चुकी है।
साहबे आलम का आरोप है कि उसकी बाइक को धोखाधड़ी कर परिजनों ने अपने नाम करवा लिया था। उसे संपत्ति से बेदखल भी कर दिया गया था। उस पर जेवर लेकर भागने का आरोप लगाकर फंसाने की कोशिश भी की गई थी। घर से अलग होने के बाद से वह चक निरातुल स्थित ससुराल में ही रह रहा है। साहबे की शादी पिछले वर्ष 14 दिसंबर को हुई थी।
इंस्पेक्टर जानकारी से करते रहे इंकार
करेली थाने में हड़कंप मचा रहा। रात में ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया गया लेकिन रविवार दिन में इंस्पेक्टर आरडी यादव का जवाब था कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया है।
‘मामले की जानकारी मिली है। महिला के मौत की वजह स्पष्ट नहीं है। पुलिस एफआईआर के सिलसिले में पूछताछ के लिए गई थी। शिकायत के आधार पर मामले की जांच करवाई जाएगी।’ -राजेश यादव, एसपी सिटी
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कारपेंटर शहजादे का उनके बड़े बेटे साहबे आलम से विवाद चल रहा है। साहबे 28 मार्च को पत्नी समरजहां के साथ घर छोड़कर चला गया था। शहजादे ने आरोप लगाया था कि साहबे घर से एक लाख रुपये के जेवर भी उठा ले गया। उन्होंने पुलिस से इसकी शिकायत की तो साहबे के ससुराल वालों ने दहेज उत्पीड़न का आरोप लगा दिया। दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया लेकिन बाद में शाहजादे ने साहबे को संपत्ति से बेदखल कर दिया। इसके बाद साहबे ने पुलिस में शिकायत की थी लेकिन सुनवाई न होने पर वह कोर्ट चला गया। कोर्ट के आदेश पर शहजादे के खिलाफ करेली थाने में मुकदमा कर लिया गया। इसी सिलसिले में पूछताछ के लिए पुलिस शनिवार रात शहजादे के घर पहुंची थी। साहबे भी कारपेंटर है।
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परिजनों के मुताबिक रात सात बजे पहुंचे सिपाही ने शफीना को काफी हड़काया था। धमकी दी थी कि शहजादे रविवार सुबह 10 बजे तक हाजिर नहीं हुए तो अंजाम बुरा होगा। इसी के बाद शफीना की हालत बिगड़ती गई। डायबिटीज और ब्लड प्रेशर की मरीज शफीना के मुंह से रात आठ बजे झाग निकलने लगा तो उनकी बेटी सिम्मी घबरा गई। उसने शहजादे को फोन पर जानकारी दी। वह घर पहुंचे लेकिन तब तक शफीना की हालत काफी बिगड़ चुकी थी। उनको करेली की क्लिनिक ले गए। हाथ खड़े करने पर उनको कंपनी बाग के समीप स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां पर भर्ती करने से इंकार पर परिजन एसआरएन अस्पताल पहुंचे जहां शफीना को मृत घोषित कर दिया गया।
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शहजादे ने बताया कि वह शव को लेकर घर पहुंचे थे। रात 10 बजे उन्होंने थाने पर मौत की खबर दे दी। मामला तूल न पकड़े, इसलिए पुलिस पेशबंदी में जुट गई। रात में ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया गया। शफीना के तीन बेटे साहबे आलम, आफताब और शाहनवाज तथा दो बेटियां सोनी और सिम्मी हैं। सोनी की शादी हो चुकी है।
साहबे आलम का आरोप है कि उसकी बाइक को धोखाधड़ी कर परिजनों ने अपने नाम करवा लिया था। उसे संपत्ति से बेदखल भी कर दिया गया था। उस पर जेवर लेकर भागने का आरोप लगाकर फंसाने की कोशिश भी की गई थी। घर से अलग होने के बाद से वह चक निरातुल स्थित ससुराल में ही रह रहा है। साहबे की शादी पिछले वर्ष 14 दिसंबर को हुई थी।
इंस्पेक्टर जानकारी से करते रहे इंकार
करेली थाने में हड़कंप मचा रहा। रात में ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया गया लेकिन रविवार दिन में इंस्पेक्टर आरडी यादव का जवाब था कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया है।
‘मामले की जानकारी मिली है। महिला के मौत की वजह स्पष्ट नहीं है। पुलिस एफआईआर के सिलसिले में पूछताछ के लिए गई थी। शिकायत के आधार पर मामले की जांच करवाई जाएगी।’ -राजेश यादव, एसपी सिटी