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तिरंगा यात्रा निकालने पहुंचे युवकों को पुलिस ने रोका, 18 गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 05 Feb 2018 02:09 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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कासगंज हिंसा और मऊ में दो दिन पहले तिरंगा यात्रा निकाल रहे लोगों पर लाठीचार्ज के विरोध में रविवार को शहर में आयोजित तिरंगा यात्रा को पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद जमकर हंगामा हुआ। आयोजक संस्था ‘यूथ इन एक्शन’ के कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई का विरोध किया तो पुलिस से उनकी नोकझोंक हो गई। इस दौरान 18 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। सभी को पुलिस लाइन ले जाया गया, जहां से देर शाम इन्हें निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया। आयोजकों का आरोप है कि पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया, जिसमें कुछ लोग चोटिल हो गए। हालांकि, पुलिस इससे इंकार कर रही है।
‘यूथ इन एक्शन’ संस्था की ओर से रविवार को चंद्रशेखर आजाद पार्क से मौन तिरंगा यात्रा निकाली जानी थी। यात्रा सिविल लाइंस में सुभाष चौराहे तक जानी थी। संस्था के जिला प्रभारी व यात्रा के संयोजक तीर्थराज सिंह ने बताया कि पूर्व निर्धारित समय करीब सवा तीन बजे आजाद पार्क के गेट नंबर तीन पर यात्रा में शामिल होने के लिए कार्यकर्ता व अन्य लोग जुटने लगे। इनमें इविवि और संबद्ध कॉलेजों के तमाम छात्र भी शामिल थे।
करीब 150 की संख्या में जुटे लोग जैसे ही आगे बढ़े, वहां इंस्पेक्टर अवधेश प्रताप सिंह कर्नलगंज थाने की फोर्स लेकर पहुंच गए और यात्रा को आगे बढ़ने से रोक दिया। सूचना पर कुछ देर बाद एसीएम फर्स्ट मोहन सिंह भी पहुंचे। यात्रा रोकने पर पुलिसवालों की कुछ युवकों से नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने तीर्थराज सिंह, छात्रनेता इविवि मृत्य़ंजय राव परमार, कुंवर साहब सिंह, अजय राय, शशीभूषण राय, किशन मौर्य समेत 18 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। सभी को पुलिस लाइन ले जाया गया जहां से देर शाम निजी मुचलके पर सभी को रिहा कर दिया गया।
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संस्था के लोगों का आरोप है कि यात्रा का उद्देश्य पिछले दिनों कासगंज में हुई हिंसा और दो दिन पहले मऊ में निकली तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों पर लाठीचार्ज का विरोध जताना था। यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन था लेकिन पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए इसे रोक दिया। आरोप यह भी है कि पुलिस ने मौके पर लाठियां भी भांजी, जिनमें कुछ लोग चोटिल हुए।
उधर, इंस्पेक्टर अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि यात्रा के लिए किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई थी। धारा 144 लागू है। बगैर अनुमति के यात्रा निकालने से मना किया गया तो कुछ लोग विरोध करने लगे। 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया और धारा 144 के उल्लंघन में सभी का शांतिभंग में चालान कर दिया गया। बाद में निजी मुचलके पर सभी को रिहा कर दिया गया। लाठीचार्ज का आरोप पूरी तरह से निराधार है।
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‘यूथ इन एक्शन’ संस्था की ओर से रविवार को चंद्रशेखर आजाद पार्क से मौन तिरंगा यात्रा निकाली जानी थी। यात्रा सिविल लाइंस में सुभाष चौराहे तक जानी थी। संस्था के जिला प्रभारी व यात्रा के संयोजक तीर्थराज सिंह ने बताया कि पूर्व निर्धारित समय करीब सवा तीन बजे आजाद पार्क के गेट नंबर तीन पर यात्रा में शामिल होने के लिए कार्यकर्ता व अन्य लोग जुटने लगे। इनमें इविवि और संबद्ध कॉलेजों के तमाम छात्र भी शामिल थे।
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करीब 150 की संख्या में जुटे लोग जैसे ही आगे बढ़े, वहां इंस्पेक्टर अवधेश प्रताप सिंह कर्नलगंज थाने की फोर्स लेकर पहुंच गए और यात्रा को आगे बढ़ने से रोक दिया। सूचना पर कुछ देर बाद एसीएम फर्स्ट मोहन सिंह भी पहुंचे। यात्रा रोकने पर पुलिसवालों की कुछ युवकों से नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने तीर्थराज सिंह, छात्रनेता इविवि मृत्य़ंजय राव परमार, कुंवर साहब सिंह, अजय राय, शशीभूषण राय, किशन मौर्य समेत 18 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। सभी को पुलिस लाइन ले जाया गया जहां से देर शाम निजी मुचलके पर सभी को रिहा कर दिया गया।
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संस्था के लोगों का आरोप है कि यात्रा का उद्देश्य पिछले दिनों कासगंज में हुई हिंसा और दो दिन पहले मऊ में निकली तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों पर लाठीचार्ज का विरोध जताना था। यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन था लेकिन पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए इसे रोक दिया। आरोप यह भी है कि पुलिस ने मौके पर लाठियां भी भांजी, जिनमें कुछ लोग चोटिल हुए।
उधर, इंस्पेक्टर अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि यात्रा के लिए किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई थी। धारा 144 लागू है। बगैर अनुमति के यात्रा निकालने से मना किया गया तो कुछ लोग विरोध करने लगे। 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया और धारा 144 के उल्लंघन में सभी का शांतिभंग में चालान कर दिया गया। बाद में निजी मुचलके पर सभी को रिहा कर दिया गया। लाठीचार्ज का आरोप पूरी तरह से निराधार है।