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साथी की मदद में उतरे प्रदेश भर के दरोगा
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Sat, 14 Mar 2015 12:04 AM IST
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इलाहाबाद के अधिवक्ता हत्याकांड में फंसे दरोगा की मदद के लिए प्रदेश भर के दरोगा एकजुट हो गए हैं। दरोगाओं ने व्हाट्सएप पर बने एसआई ग्रुप में अपने साथी के परिवार की आर्थिक सहायता करने की अपील की है। सूत्रों की मानें तो चंदे के तौर पर अब तक करीब बीस लाख रुपये जुट गए हैं। हालांकि इस मामले में साफ तौर पर कोई दरोगा बोलने को तैयार नहीं हैं।
चंदा देने या इस अभियान में लगे पुलिस कर्मचारियों की दलील है कि हमारी मंशा किसी आरोपी को बचाने या उसकी मदद करने की नहीं है बल्कि हम उस परिवार की मदद कर रहे हैं जो अपने बेटे की करतूत के चलते इस समय मुसीबत में हैं। देवरिया समेत प्रदेश के कई जिलों में तैनात थानेदारों ने दस हजार रुपये और जल्द ही चार्ज से हटे दरोगा पांच हजार रुपये बतौर चंदा दे रहे हैं। बाकी दरोगा और कुछ सिपाही अपनी मर्जी से धन दे रहे हैं। दरोगा के परिवार तक चंदे की रकम पहुंचाने के लिए किसी परिचित या रिश्तेदार का खाता नंबर भी दिया गया है। चर्चा है कि 2008 बैच या उसके बाद के दरोगा इसमें बढ़चढ़ कर हिस्सेदारी कर रहे हैं।
इस संबंध में एसपी डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि इस तरह के चंदे या मदद के लिए न तो कोई निर्देश है और न ही किसी को कहा गया है। अगर कोई अपने स्तर पर ऐसा कर रहा है तो मुझे इसकी जानकारी नहीं है।
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चंदा देने या इस अभियान में लगे पुलिस कर्मचारियों की दलील है कि हमारी मंशा किसी आरोपी को बचाने या उसकी मदद करने की नहीं है बल्कि हम उस परिवार की मदद कर रहे हैं जो अपने बेटे की करतूत के चलते इस समय मुसीबत में हैं। देवरिया समेत प्रदेश के कई जिलों में तैनात थानेदारों ने दस हजार रुपये और जल्द ही चार्ज से हटे दरोगा पांच हजार रुपये बतौर चंदा दे रहे हैं। बाकी दरोगा और कुछ सिपाही अपनी मर्जी से धन दे रहे हैं। दरोगा के परिवार तक चंदे की रकम पहुंचाने के लिए किसी परिचित या रिश्तेदार का खाता नंबर भी दिया गया है। चर्चा है कि 2008 बैच या उसके बाद के दरोगा इसमें बढ़चढ़ कर हिस्सेदारी कर रहे हैं।
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इस संबंध में एसपी डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि इस तरह के चंदे या मदद के लिए न तो कोई निर्देश है और न ही किसी को कहा गया है। अगर कोई अपने स्तर पर ऐसा कर रहा है तो मुझे इसकी जानकारी नहीं है।
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