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तेल चोरों ने खोदी 90 मीटर की सुरंग
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Tue, 24 Mar 2015 11:55 PM IST
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यमुनापार के मांडा इलाके में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की पाइपलाइन में सुराख कर तेल चोरी के मामले में मंगलवार को एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आईओसी की टीम ने मंगलवार को जांच की तो पता चला कि पाइपलाइन से मिर्जापुर रोड के नीचे से ढाबा तक 90 मीटर की सुरंग तैयार की गई थी। इसी सुरंग के जरिए पाइप ढाबे तक लाकर ऊपर टैंकर से जोड़ी जाती थी। लंबी सुरंग बनाकर पाइप लाइन से तेल चोरी की इस घटना ने इंडियन ऑयल के अफसरों को हैरान कर दिया है। देर शाम तक टीम मौके पर जांच कर रिपोर्ट तैयार कर रही थी।
बरौनी स्थित तेल शोधक कारखाना से इलाहाबाद होकर कानपुर जाने वाली इंडियन ऑयल की पाइप लाइन से करीब दो माह से पेट्रोल और डीजल चोरी की जा रही थी। पाइपलाइन में अक्सर रात 11 से 12 के बीच प्रेशर कम होने से इंडियन ऑयल के अफसरों को इस बारे में पता चला लेकिन यह नहीं मालूम हो पा रहा था कि पाइप लाइन से चोरी किस जगह पर हो रही है। चार रोज पहले अफसरों ने पता लगाया कि मांडा में मिर्जापुर मार्ग किनारे कुकुढ़ी स्थित एक ढाबे की आड़ में तेल चोरी का यह खेल चल रहा है। ढाबे के पीछे वाले कमरे में 12 फुट गहरा और तीन फीट चौड़ा गट्ठा था, जिसमें उतरने पर मोटर और दो इंच मोटी पाइप दिखी। वहां से 90 मीटर दूर पाइपलाइन से जोड़कर पाइप और मोटर के जरिए डीजल और पेट्रोल चुराकर टैंकर में भरा जाता था।
उस दिन अफसरों ने अनुमान लगाया था कि मशीन के जरिए पाइपलाइन से जोड़ा गया पाइप ढाबे तक लाया गया होगा। मगर मंगलवार को इलाहाबाद से डिप्टी मैनेजर सिद्धार्थ अवस्थी और एआर यादव अपनी टीम के साथ वहां जांच के लिए पहुंचे तो सनसनीखेज सच सामने आया। शातिरों ने ढाबा में खोदे गए गड्ढे से मिर्जापुर मार्ग के दूसरी तरफ से गुजरी पाइपलाइन तक 90 मीटर की सुरंग बनाई थी। करीब तीन फुट व्यास की इस सुरंग में चार एग्जास्ट फैन और रोशनी के लिए बल्ब भी लगे थे। इस सुरंग से कोई व्यक्ति बैठकर पाइपलाइन तक जा सकता है। डिप्टी मैनेजर सिद्धार्थ ने बताया कि तेल चोरी के पाइपलाइन में डेढ़ इंच का सुराख कर तीन वॉल्व लगाए गए थे। अनुमान है कि वहां से दो माह में दो करोड़ रुपये से ज्यादा की तेल चोरी की गई। टीम ने जेसीबी से सड़क और पाइपलाइन के बीच खोदाई की। सुरंग को बंद कर दिया गया है।
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बरौनी स्थित तेल शोधक कारखाना से इलाहाबाद होकर कानपुर जाने वाली इंडियन ऑयल की पाइप लाइन से करीब दो माह से पेट्रोल और डीजल चोरी की जा रही थी। पाइपलाइन में अक्सर रात 11 से 12 के बीच प्रेशर कम होने से इंडियन ऑयल के अफसरों को इस बारे में पता चला लेकिन यह नहीं मालूम हो पा रहा था कि पाइप लाइन से चोरी किस जगह पर हो रही है। चार रोज पहले अफसरों ने पता लगाया कि मांडा में मिर्जापुर मार्ग किनारे कुकुढ़ी स्थित एक ढाबे की आड़ में तेल चोरी का यह खेल चल रहा है। ढाबे के पीछे वाले कमरे में 12 फुट गहरा और तीन फीट चौड़ा गट्ठा था, जिसमें उतरने पर मोटर और दो इंच मोटी पाइप दिखी। वहां से 90 मीटर दूर पाइपलाइन से जोड़कर पाइप और मोटर के जरिए डीजल और पेट्रोल चुराकर टैंकर में भरा जाता था।
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उस दिन अफसरों ने अनुमान लगाया था कि मशीन के जरिए पाइपलाइन से जोड़ा गया पाइप ढाबे तक लाया गया होगा। मगर मंगलवार को इलाहाबाद से डिप्टी मैनेजर सिद्धार्थ अवस्थी और एआर यादव अपनी टीम के साथ वहां जांच के लिए पहुंचे तो सनसनीखेज सच सामने आया। शातिरों ने ढाबा में खोदे गए गड्ढे से मिर्जापुर मार्ग के दूसरी तरफ से गुजरी पाइपलाइन तक 90 मीटर की सुरंग बनाई थी। करीब तीन फुट व्यास की इस सुरंग में चार एग्जास्ट फैन और रोशनी के लिए बल्ब भी लगे थे। इस सुरंग से कोई व्यक्ति बैठकर पाइपलाइन तक जा सकता है। डिप्टी मैनेजर सिद्धार्थ ने बताया कि तेल चोरी के पाइपलाइन में डेढ़ इंच का सुराख कर तीन वॉल्व लगाए गए थे। अनुमान है कि वहां से दो माह में दो करोड़ रुपये से ज्यादा की तेल चोरी की गई। टीम ने जेसीबी से सड़क और पाइपलाइन के बीच खोदाई की। सुरंग को बंद कर दिया गया है।
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