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लापता जवानों में शामिल हैं संगम नगरी के लक्ष्मीकांत
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 24 Jul 2016 02:23 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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भारतीय वायुसेना के लापता हुए परिवहन विमान एएन-32 में सवार सेना के जवानों में संगम नगरी के लक्ष्मीकांत त्रिपाठी (25) भी शामिल हैं। उन्होंने विमान से पोर्ट ब्लेयर जाने की सूचना घर वालों को एक दिन पहले ही दी थी। इसके चलते घर वाले हैरान-परेशान हैं। लांस नायक लक्ष्मीकांत 19 जुलाई को ही यहां से गंगा कावेरी ट्रेन से चेन्नई के लिए रवाना हुए थे।
राजरूपपुर के पूर्वांचल चौराहे के पास स्थित 60 फीट रोड के रहने वाले लांस नायक के घर में पिता नरेंद्र कुमार त्रिपाठी और माता मीना त्रिपाठी के अलावा एक छोटा भाई है, जो कानपुर विश्वविद्यालय से विधि की पढ़ाई कर रहा है। लक्ष्मीकांत पांच साल पहले (2011) में ही वायु सेना में भर्ती हुए थे। वह यहां 13 जून को आए थे। चोट लगने से आठ जुलाई को न्यू कैंट स्थित आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे। 18 जुलाई को अस्पताल से उन्हें छुट्टी दे दी गई।
सके बाद वह 19 जुलाई को वह गंगा कावेरी ट्रेन से चेन्नई के लिए निकले। उनके पिता नरेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि एक दिन पहले ही बेटे का फोन आया था। उसने बताया कि वह विमान लेकर शुक्रवार को अपने साथियों के साथ जाएगा। दोपहर में सूचना आने लगी कि जिस विमान से वह पोर्ट ब्लेयर के रवाना हुआ, वह लापता हो गया। ऐसी सूचना मिलने के बाद सब परेशान हैं। फोन भी नहीं मिल रहा है और न ही वायु सेना की ओर से कोई सूचना आई।
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राजरूपपुर के पूर्वांचल चौराहे के पास स्थित 60 फीट रोड के रहने वाले लांस नायक के घर में पिता नरेंद्र कुमार त्रिपाठी और माता मीना त्रिपाठी के अलावा एक छोटा भाई है, जो कानपुर विश्वविद्यालय से विधि की पढ़ाई कर रहा है। लक्ष्मीकांत पांच साल पहले (2011) में ही वायु सेना में भर्ती हुए थे। वह यहां 13 जून को आए थे। चोट लगने से आठ जुलाई को न्यू कैंट स्थित आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे। 18 जुलाई को अस्पताल से उन्हें छुट्टी दे दी गई।
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सके बाद वह 19 जुलाई को वह गंगा कावेरी ट्रेन से चेन्नई के लिए निकले। उनके पिता नरेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि एक दिन पहले ही बेटे का फोन आया था। उसने बताया कि वह विमान लेकर शुक्रवार को अपने साथियों के साथ जाएगा। दोपहर में सूचना आने लगी कि जिस विमान से वह पोर्ट ब्लेयर के रवाना हुआ, वह लापता हो गया। ऐसी सूचना मिलने के बाद सब परेशान हैं। फोन भी नहीं मिल रहा है और न ही वायु सेना की ओर से कोई सूचना आई।
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