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आठ महीने में छह फर्जी बम रख चुका सिरफिरा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 10 Jun 2016 01:53 AM IST
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बम
- फोटो : demo
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एक सनकी शख्स ने पिछले आठ माह से क्राइम ब्रांच और जिला पुलिस के साथ ही खुफिया एजेंसियों की नाक में दम कर रखा है। आठ महीने के दौरान उसने छह बार फर्जी बम रखकर सनसनी फैलाई लेकिन उसका पता नहीं लगाया जा सका है। पांच बार मेजा-खीरी और एक बार वह ट्रेन के टायलेट में बम के साथ धमकी भरा पत्र रख चुका है। उसे दबोचने की सारी कवायद फेल हो चुकी है और वह फर्जी बम रखता जा रहा है।
इस सिरफिरे ने पहली दफा पिछले साल नवंबर में मेजा रोड रेलवे क्रासिंग की चहारदीवारी पर टेप, कंडेसर, घड़ी, तार, सरकं डे की टहनी को जोड़कर फर्जी बम और पत्र रखा था। तब भी नैनी की कंपनी से दो करोड़ रुपये फिरौती मांग की गई थी। अगले महीने 20 दिसंबर की सुबह मेजा रोड रेलवे ओवरब्रिज पर रेलिंग के पास ऐसा ही फर्जी बम और रेलवे मंत्री के नाम धमकी भरा पत्र मिला। फिर उसने वाराणसी से मुंबई जा रही महानगरी एक्सप्रेस के टायलेट में वैसा ही बम और पत्र रखकर खलबली मचा दी थी। ट्रेन की बोगियों को खाली कराना पड़ा। दिल्ली से एनआईए टीम भी भेजी गई थी जांच के लिए। एटीएस भी पहुंची। मगर कुछ समय तक चुप्पी के बाद सिरफिरे ने तीन माह पहले मेजा के कोटहा गांव के प्राथमिक विद्यालय की दीवार के पास फर्जी सिलेंडर बम के साथ धमकी भरा पत्र रख दिया।
पुलिस ने फिर खोजबीन शुरू की, बीस हजार रुपये का ईनाम घोषित कर पंफलेट चिपकाए लेकिन सारी कोशिश बेकार हो गई। कुछ ही दिन बाद खीरी में मंदिर के चबूतरे पर वैसा ही फर्जी बम और पत्र रखा मिला था। और अब बृहस्पतिवार सुबह मेजा रोड रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर भी सिरफिरे की वही कारगुजारी मिली। बम रखने का वही पैटर्न हर बार। एक बात तो यह जाहिर हो रही है कि यह शख्स रेलवे से कुछ न कुछ किसी न किसी तरह ताल्लुक रखता है। उसे मेजा इलाके में पुलिस तलाश रही है।
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छह में पांच बार इस सनकी आदमी ने फर्जी बम के साथ कंडेंसर भी जोड़े थे ताकि लोगों को असली बम का भय हो। मेजा स्टेशन पर भी फर्जी बम में कंडेंसर लगा था। ऐसे में पुलिस ने मेजा इलाके की इलेक्ट्रानिक दुकानों में जांच शुरू की ताकि पता चले कि कंडेंसर किसने खरीदे।
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इस सिरफिरे ने पहली दफा पिछले साल नवंबर में मेजा रोड रेलवे क्रासिंग की चहारदीवारी पर टेप, कंडेसर, घड़ी, तार, सरकं डे की टहनी को जोड़कर फर्जी बम और पत्र रखा था। तब भी नैनी की कंपनी से दो करोड़ रुपये फिरौती मांग की गई थी। अगले महीने 20 दिसंबर की सुबह मेजा रोड रेलवे ओवरब्रिज पर रेलिंग के पास ऐसा ही फर्जी बम और रेलवे मंत्री के नाम धमकी भरा पत्र मिला। फिर उसने वाराणसी से मुंबई जा रही महानगरी एक्सप्रेस के टायलेट में वैसा ही बम और पत्र रखकर खलबली मचा दी थी। ट्रेन की बोगियों को खाली कराना पड़ा। दिल्ली से एनआईए टीम भी भेजी गई थी जांच के लिए। एटीएस भी पहुंची। मगर कुछ समय तक चुप्पी के बाद सिरफिरे ने तीन माह पहले मेजा के कोटहा गांव के प्राथमिक विद्यालय की दीवार के पास फर्जी सिलेंडर बम के साथ धमकी भरा पत्र रख दिया।
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पुलिस ने फिर खोजबीन शुरू की, बीस हजार रुपये का ईनाम घोषित कर पंफलेट चिपकाए लेकिन सारी कोशिश बेकार हो गई। कुछ ही दिन बाद खीरी में मंदिर के चबूतरे पर वैसा ही फर्जी बम और पत्र रखा मिला था। और अब बृहस्पतिवार सुबह मेजा रोड रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर भी सिरफिरे की वही कारगुजारी मिली। बम रखने का वही पैटर्न हर बार। एक बात तो यह जाहिर हो रही है कि यह शख्स रेलवे से कुछ न कुछ किसी न किसी तरह ताल्लुक रखता है। उसे मेजा इलाके में पुलिस तलाश रही है।
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छह में पांच बार इस सनकी आदमी ने फर्जी बम के साथ कंडेंसर भी जोड़े थे ताकि लोगों को असली बम का भय हो। मेजा स्टेशन पर भी फर्जी बम में कंडेंसर लगा था। ऐसे में पुलिस ने मेजा इलाके की इलेक्ट्रानिक दुकानों में जांच शुरू की ताकि पता चले कि कंडेंसर किसने खरीदे।