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जान गंवा दी पर हार नहीं मानी मुस्कान
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 11 Mar 2017 01:41 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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टेंपो चालक सुरेश पाल की तीन बेटियों में छोटी 12 साल की मुस्कान ने जान गंवा दी लेकिन शोहदों के आगे हार नहीं मानी। गिरफ्तार आरोपी मृदुल और उसके दोस्त कई महीने से मुस्कान और उसकी साथी छात्राओं का स्कूल तथा कोचिंग जाते वक्त पीछा कर परेशान करते थे। तेज स्वभाव की मुस्कान ने शोहदों से डरकर चुप्पी साधने की बजाय कई बार चप्पल उताकर दिखाई और तीखा विरोध किया। इस वजह से भी मृदुल और उसके दोस्त बौखलाए हुए थे।
घटना के बाद सुनीता के घर के बाहर जुटी महिलाओं और मुस्कान की बड़ी बहन नेहा ने शोहदों की कारगुजारियों के बारे में बताया। नेहा ने रोते हुए पुलिसवालों को बताया कि पसियाना टोला के कई लड़के स्कूल जाते और कोचिंग आते-जाते वक्त मुस्कान और उसकी सहेलियों को तंग करते थे। वे पीछे से सीटी बजाते और फब्तियां कसते थे। खासतौर से मुस्कान की सहेली शिखा को बहुत परेशान करते थे। नेहा के मुताबिक उसने बहन मुस्कान से कहा कि जब भी ये लड़के पीछे लगें तो उन्हें बुरा-भला कहे और चप्पल दिखाए। बाकी लड़कियों की तरह मुस्कान चुप रहने वाली नहीं थी। उसने पीछा करने पर शोहदों को खरी-खोटी सुनाई और चप्पल दिखाकर पीटने की चेतावनी दी।
इस पर मृदुल समेत बाकी युवकों ने कई बार उसे धमकाया भी था। शायद उसी बौखलाहट का नतीजा है कि शुक्रवार सुबह मृदुल ने शौच के लिए घर से निकली मुस्कान को दबोच लिया और खंडहर में खींचकर छेड़खानी करने लगा। विरोध पर उसके गले पर पैने चाकू से कई वार किए और बचाने आई मां सुनीता को भी चाकू मारकर घायल कर दिया। फिर वह चाकू फेंक भाग गया। पुलिस ने गिरफ्तार किया तो उसने अपना गुनाह भी कुबूल लिया। धूमनगंज थाना प्रभारी बचन सिंह सिरोही के मुताबिक, मृदुल ने कुबूला कि उसने सुबह मुस्कान को गलत इरादे से पकड़ा और प्रतिरोध करने पर चाकू से कई वार कर डाले।
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-छेड़खानी का विरोध करने पर छात्रा मुस्कान की हत्या ने इलाके के लोगों और खासतौर से महिलाओं-लड़कियों को स्तब्ध कर दिया है। मुस्कान की पड़ोस में रहने वाली शोभा ने बताया कि लड़कियों के साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकत की घटनाओं में बढ़ोत्तरी होती जा रही है। इस घटना से यह साबित भी हो गया कि छेड़खानी का विरोध करने पर लड़कियों की जान खतरे में है। पुलिस को चाहिए कि वह मुहल्लों में गश्त कर ऐसे बिगड़ैल युवकों पर सख्ती करे।
मारी गई छात्रा मुस्कान की मां सुनीता ने गंभीर घायल होने के बावजूद अस्पताल में पुलिस को बयान दिया जिसकी वीडियो रिकार्डिंग भी की गई है। एसपी सिटी विपिन टाडा ने बताया कि सुनीता का बयान है कि सुबह पहले उसकी बेटी मुस्कान फिर कुछ ही देर बाद वह शौच के लिए निकली वह तालाब की तरफ पहुंची तो एक लड़के ने बताया कि उसकी बेटी को कोई खींच ले गया है। वह खंडहर में घुसी तो उसे एक लड़का मुस्कान के गले पर चाकू मारता दिखा।
सुनीता के मुताबिक, उसने बेटी को बचाने की कोशिश की तो उस पर भी चाकू से वार किए, फिर वह भाग गया। पुलिस ने पूछा कि उसका नाम जानती हो? इस पर सुनीता ने जवाब दिया कि नाम नहीं जानती लेकिन वह मुहल्ले की नगीना का लड़का है जिसे पहचान सकती है। वह अपने घर के पास ही ठेला पर अंडा और ब्रेड बेचता है। एसपी सिटी के मुताबिक, मां ने यह भी साफ किया कि घटना में एक ही लड़का था जिसे पुलिस ने पकड़ लिया है। जांच में किसी और की भूमिका मिली तो वह भी पकड़ा जाएगा। मौके पर पुलिस ने खोजी कुत्ते को भी बुलाया लेकिन वह घटनास्थल और घर के साथ ही पसियाना टोला की तरफ भी गया, आखिर में आरोपी दबोचा गया।
मुंडेरा गांव के लोगों और मारी गई छात्रा मुस्कान के पड़ोसियों ने बताया कि जहां यह घटना हुई, वहां जुआरियों और नशेड़ियों का जमघट रहता है। शाम से रात तक तो नशेड़ियों की वजह से उधर महिलाएं जाने से भी बचती हैं। मौके पर पहुंची पुलिस को घटनास्थल के निकट शराब की खाली बोतल, प्लास्टिक गिलास, नमकीन के पाऊच मिले। पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक ने पहले वहां बैठकर शराब पी फिर मुस्कान का इंतजार करने लगा। उसे पता था कि मुस्कान रोज सुबह शौच के लिए उधर ही जाती है। वह चाकू भी रखे था जिससे यह साबित है कि उसने यह वारदात सुनियोजित ढंग से अंजाम दी है। वह छेड़खानी के विरोध से बौखलाया था इसलिए चाकू लेकर वहां भोर में ही आया और शराब पीकर यह वारदात कर डाली। आरोपी मृदुल ने सीधे तौर पर यह नहीं कुबूला पर उसने कत्ल का इरादा बना रखा था।
मुस्कान के घर के ठीक बगल में सुलभ शौचालय है लेकिन निर्धारित दर दो रुपये की बजाय पांच रुपये मांगे जाने से गरीब परिवार की इस छात्रा को दूर तालाब की तरफ खुले में जाना पड़ता था। यही उसके कत्ल का कारण बन गया। घटना के बाद लोगों ने सुलभ काम्पलेक्स के सामने जुटकर विरोध जताया कि दो रुपये कि बजाय पांच रुपये क्यों लिए जाते हैं? इस पर संचालन करने वाले दो लोगों ने कहा कि पानी की व्यवस्था समेत दूसरे खर्चे पूरे करने के लिए यह उनकी मजबूरी है।
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घटना के बाद सुनीता के घर के बाहर जुटी महिलाओं और मुस्कान की बड़ी बहन नेहा ने शोहदों की कारगुजारियों के बारे में बताया। नेहा ने रोते हुए पुलिसवालों को बताया कि पसियाना टोला के कई लड़के स्कूल जाते और कोचिंग आते-जाते वक्त मुस्कान और उसकी सहेलियों को तंग करते थे। वे पीछे से सीटी बजाते और फब्तियां कसते थे। खासतौर से मुस्कान की सहेली शिखा को बहुत परेशान करते थे। नेहा के मुताबिक उसने बहन मुस्कान से कहा कि जब भी ये लड़के पीछे लगें तो उन्हें बुरा-भला कहे और चप्पल दिखाए। बाकी लड़कियों की तरह मुस्कान चुप रहने वाली नहीं थी। उसने पीछा करने पर शोहदों को खरी-खोटी सुनाई और चप्पल दिखाकर पीटने की चेतावनी दी।
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इस पर मृदुल समेत बाकी युवकों ने कई बार उसे धमकाया भी था। शायद उसी बौखलाहट का नतीजा है कि शुक्रवार सुबह मृदुल ने शौच के लिए घर से निकली मुस्कान को दबोच लिया और खंडहर में खींचकर छेड़खानी करने लगा। विरोध पर उसके गले पर पैने चाकू से कई वार किए और बचाने आई मां सुनीता को भी चाकू मारकर घायल कर दिया। फिर वह चाकू फेंक भाग गया। पुलिस ने गिरफ्तार किया तो उसने अपना गुनाह भी कुबूल लिया। धूमनगंज थाना प्रभारी बचन सिंह सिरोही के मुताबिक, मृदुल ने कुबूला कि उसने सुबह मुस्कान को गलत इरादे से पकड़ा और प्रतिरोध करने पर चाकू से कई वार कर डाले।
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-छेड़खानी का विरोध करने पर छात्रा मुस्कान की हत्या ने इलाके के लोगों और खासतौर से महिलाओं-लड़कियों को स्तब्ध कर दिया है। मुस्कान की पड़ोस में रहने वाली शोभा ने बताया कि लड़कियों के साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकत की घटनाओं में बढ़ोत्तरी होती जा रही है। इस घटना से यह साबित भी हो गया कि छेड़खानी का विरोध करने पर लड़कियों की जान खतरे में है। पुलिस को चाहिए कि वह मुहल्लों में गश्त कर ऐसे बिगड़ैल युवकों पर सख्ती करे।
मारी गई छात्रा मुस्कान की मां सुनीता ने गंभीर घायल होने के बावजूद अस्पताल में पुलिस को बयान दिया जिसकी वीडियो रिकार्डिंग भी की गई है। एसपी सिटी विपिन टाडा ने बताया कि सुनीता का बयान है कि सुबह पहले उसकी बेटी मुस्कान फिर कुछ ही देर बाद वह शौच के लिए निकली वह तालाब की तरफ पहुंची तो एक लड़के ने बताया कि उसकी बेटी को कोई खींच ले गया है। वह खंडहर में घुसी तो उसे एक लड़का मुस्कान के गले पर चाकू मारता दिखा।
सुनीता के मुताबिक, उसने बेटी को बचाने की कोशिश की तो उस पर भी चाकू से वार किए, फिर वह भाग गया। पुलिस ने पूछा कि उसका नाम जानती हो? इस पर सुनीता ने जवाब दिया कि नाम नहीं जानती लेकिन वह मुहल्ले की नगीना का लड़का है जिसे पहचान सकती है। वह अपने घर के पास ही ठेला पर अंडा और ब्रेड बेचता है। एसपी सिटी के मुताबिक, मां ने यह भी साफ किया कि घटना में एक ही लड़का था जिसे पुलिस ने पकड़ लिया है। जांच में किसी और की भूमिका मिली तो वह भी पकड़ा जाएगा। मौके पर पुलिस ने खोजी कुत्ते को भी बुलाया लेकिन वह घटनास्थल और घर के साथ ही पसियाना टोला की तरफ भी गया, आखिर में आरोपी दबोचा गया।
मुंडेरा गांव के लोगों और मारी गई छात्रा मुस्कान के पड़ोसियों ने बताया कि जहां यह घटना हुई, वहां जुआरियों और नशेड़ियों का जमघट रहता है। शाम से रात तक तो नशेड़ियों की वजह से उधर महिलाएं जाने से भी बचती हैं। मौके पर पहुंची पुलिस को घटनास्थल के निकट शराब की खाली बोतल, प्लास्टिक गिलास, नमकीन के पाऊच मिले। पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक ने पहले वहां बैठकर शराब पी फिर मुस्कान का इंतजार करने लगा। उसे पता था कि मुस्कान रोज सुबह शौच के लिए उधर ही जाती है। वह चाकू भी रखे था जिससे यह साबित है कि उसने यह वारदात सुनियोजित ढंग से अंजाम दी है। वह छेड़खानी के विरोध से बौखलाया था इसलिए चाकू लेकर वहां भोर में ही आया और शराब पीकर यह वारदात कर डाली। आरोपी मृदुल ने सीधे तौर पर यह नहीं कुबूला पर उसने कत्ल का इरादा बना रखा था।
मुस्कान के घर के ठीक बगल में सुलभ शौचालय है लेकिन निर्धारित दर दो रुपये की बजाय पांच रुपये मांगे जाने से गरीब परिवार की इस छात्रा को दूर तालाब की तरफ खुले में जाना पड़ता था। यही उसके कत्ल का कारण बन गया। घटना के बाद लोगों ने सुलभ काम्पलेक्स के सामने जुटकर विरोध जताया कि दो रुपये कि बजाय पांच रुपये क्यों लिए जाते हैं? इस पर संचालन करने वाले दो लोगों ने कहा कि पानी की व्यवस्था समेत दूसरे खर्चे पूरे करने के लिए यह उनकी मजबूरी है।