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लालगोपालगंज में भारी उत्पात, आगजनी, लूट और तोड़फोड़
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Sun, 04 Jan 2015 11:51 PM IST
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इलाहाबाद-प्रतापगढ़ सीमा पर बसे लालगोपालगंज कस्बे में रविवार को बारावफात के जुलूस के दौरान हिंसा भड़क उठी। दोनों समुदाय के लोगों ने पथराव और तोड़फोड़ की। दो दुकानों में आग लगाने के अलावा दर्जन भर से ज्यादा दुकानों-गुमटियों को तोड़ा और लूटा। उपद्रवियों ने बस समेत दर्जनों बाइक, कार, जीप को तहस-नहस कर दिया। कई धर्मस्थलों को भी नुकसान पहुंचाया। घरों पर पथराव किया जिससे बच्चे समेत कई लोग चुटहिल हुए। पथराव में एसडीएम सोरांव का सिर फट गया। दो घंटे बाद एसएसपी, डीआईजी, आईजी, डीएम शहर से कई थानों की पुलिस-पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे तो बलवाइयों को खदेड़ा गया। इलाके में पुलिस ने स्थिति संभाल ली लेकिन तनाव बना है।
बारावफात पर लालगोपालगंज इलाके के मुहल्लों से जुलूस-ए-मोहम्मदी पुलिस चौकी के पास मदरसा हबीबिया पर जुटे। फिर वहां से जुलूस उठकर मुख्य चौराहे से चल चित्र निगम मार्ग पर आगे बढ़ा तभी अचानक भगदड़ मच गई। आरोप है कि जुलूस पर दूसरे समुदाय की ओर से पथराव किया गया जिसकी वजह से खलबली मची। शनिवार रात मकान के विवाद में दोनों तरफ के लोगों के बीच हुए टकराव के चलते रविवार को बाजार बंद था। एसडीएम सोरांव आलोक वर्मा और सीओ लालप्रताप सिंह भी नवाबगंज पुलिस के साथ मौजूद थे। सीओ और एसडीएम के देखते ही देखते दोनों तरफ से ईंट-पत्थर चलने लगे। दोनों तरफ के सैकड़ों लोगों की भीड़ के आगे गिनती के पुलिसवालों के साथ चल रहे दोनों अधिकारी लाचार देखते रहे।
भीड़ ने दुकानों और गाड़ियों पर हमला बोल दिया। एक पत्थर एसडीएम आलोक वर्मा को लगा और उनका सिर फट गया। पुलिसवालों ने उन्हें वहां से हटाया। फिर बेकाबू भीड़ ने सत्तार मार्केट में कपड़े की दो दुकानों में आग लगा दी। एक बस, कई कार, जीप, मैजिक, घरों और दुकानों के बाहर खड़ी दो दर्जन से ज्यादा मोटरसाइकिल को तोड़फोड़ कर तबाह कर दिया। बस तोड़कर पलट दी। जुलूस में शामिल लोगों ने दो सौ मीटर के दायरे में घरों पर ईंट-पत्थर बरसाए। इससे मकानों को नुकसान पहुंचा और कई लोग लहूलुहान हुुए। गुस्से में अंधे लोगों ने धर्मस्थलों को भी क्षति पहुंचाई। दो घंटे तक चले उत्पात को करीब चार बजे एसएसपी दीपक कुमार और डीएम भवनाथ सिंह ने एसपी गंगापार शफीक अहमद के साथ मौके पर पहुंचकर काबू में किया। पुलिस ने ईंट-पत्थर चला रहे लोगों को लाठियां भांजकर खदेड़ा। बलवा शांत करने के साथ ही पुलिस ने एक दर्जन लोगों को पकड़ लिया। उन्हें लाठियों से पीटते हुए थाने ले जाया गया। फिर आईजी दलजीत सिंह चौधरी और डीआईजी भगवान स्वरूप श्रीवास्तव भी पहुंच गए। अफसरों ने दोनों तरफ के लोगों और व्यापारी नेताओं को बुलाकर बातचीत की। लालगोपालगंज कस्बे में चौतरफा पुलिस-पीएसी मुस्तैद कर दी गई।
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बारावफात पर लालगोपालगंज इलाके के मुहल्लों से जुलूस-ए-मोहम्मदी पुलिस चौकी के पास मदरसा हबीबिया पर जुटे। फिर वहां से जुलूस उठकर मुख्य चौराहे से चल चित्र निगम मार्ग पर आगे बढ़ा तभी अचानक भगदड़ मच गई। आरोप है कि जुलूस पर दूसरे समुदाय की ओर से पथराव किया गया जिसकी वजह से खलबली मची। शनिवार रात मकान के विवाद में दोनों तरफ के लोगों के बीच हुए टकराव के चलते रविवार को बाजार बंद था। एसडीएम सोरांव आलोक वर्मा और सीओ लालप्रताप सिंह भी नवाबगंज पुलिस के साथ मौजूद थे। सीओ और एसडीएम के देखते ही देखते दोनों तरफ से ईंट-पत्थर चलने लगे। दोनों तरफ के सैकड़ों लोगों की भीड़ के आगे गिनती के पुलिसवालों के साथ चल रहे दोनों अधिकारी लाचार देखते रहे।
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भीड़ ने दुकानों और गाड़ियों पर हमला बोल दिया। एक पत्थर एसडीएम आलोक वर्मा को लगा और उनका सिर फट गया। पुलिसवालों ने उन्हें वहां से हटाया। फिर बेकाबू भीड़ ने सत्तार मार्केट में कपड़े की दो दुकानों में आग लगा दी। एक बस, कई कार, जीप, मैजिक, घरों और दुकानों के बाहर खड़ी दो दर्जन से ज्यादा मोटरसाइकिल को तोड़फोड़ कर तबाह कर दिया। बस तोड़कर पलट दी। जुलूस में शामिल लोगों ने दो सौ मीटर के दायरे में घरों पर ईंट-पत्थर बरसाए। इससे मकानों को नुकसान पहुंचा और कई लोग लहूलुहान हुुए। गुस्से में अंधे लोगों ने धर्मस्थलों को भी क्षति पहुंचाई। दो घंटे तक चले उत्पात को करीब चार बजे एसएसपी दीपक कुमार और डीएम भवनाथ सिंह ने एसपी गंगापार शफीक अहमद के साथ मौके पर पहुंचकर काबू में किया। पुलिस ने ईंट-पत्थर चला रहे लोगों को लाठियां भांजकर खदेड़ा। बलवा शांत करने के साथ ही पुलिस ने एक दर्जन लोगों को पकड़ लिया। उन्हें लाठियों से पीटते हुए थाने ले जाया गया। फिर आईजी दलजीत सिंह चौधरी और डीआईजी भगवान स्वरूप श्रीवास्तव भी पहुंच गए। अफसरों ने दोनों तरफ के लोगों और व्यापारी नेताओं को बुलाकर बातचीत की। लालगोपालगंज कस्बे में चौतरफा पुलिस-पीएसी मुस्तैद कर दी गई।
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