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अगवा छात्र भदोही में बदमाशों के चंगुल से निकल भागा

Wed, 03 Aug 2016 02:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद,, भदोही
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद,, भदोही Updated Wed, 03 Aug 2016 02:17 AM IST
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Kidnapped student escaped from the clutches of scoundrels in Bhadohi
बच्चे का अपहरण - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
कालिंदीपुरम के रेलवे कर्मी संतोष कुमार द्विवेदी के बेटे आशीष द्विवेदी (13) को साइकिल से स्कूल जाते समय मंगलवार सुबह स्कार्पियो सवार बदमाशों ने अगवा कर लिया। झलवा में आर्मी कैंप के पास सड़क पर सूनसान देख आधा दर्जन बदमाशों ने छात्र को गाड़ी में खींचने के बाद नशीली दवा सुंघाकर अचेत कर दिया। होश आने पर छात्र ने देखा कि स्कार्पियो भदोही में सुरियांवा रेलवे स्टेशन के समीप खड़ी है।
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रेलवे फाटक बंद देख छात्र स्कार्पियो के पीछे से कूद कर भागा। यह देखकर नीचे खड़े बदमाशों ने दौड़ाया तो नेतानगर के स्थानीय लोगों ने उन्हें खदेड़ लिया। भीड़ को पीछा करते देख बदमाश स्कार्पियो में बैठक र भाग निकले। अपहरण की खबर पाकर सुरियांवा पुलिस मौके पर पहुंच गई। पूछताछ के बाद घरवालों को बुलाया गया। छात्र का बड़ा भाई थाने पहुंचा और उसे लेकर देर रात इलाहाबाद आ गया।  
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फतेहपुर में खागा इलाके के आलमपुर गांव निवासी संतोष कुमार द्विवेदी रेलवे के डाक सेवा विभाग में कार्यरत हैं। वह कालिंदीपुरम में परिवार के साथ रहते हैं। उनके दो बेटों में छोटा आशीष द्विवेदी झलवा के जीनियस पब्लिक स्कूल में नौंवीं का छात्र है। उसने पुलिस को बताया कि वह मंगलवार सुबह लगभग सात बजे घर से साइकिल लेकर स्कूल जाने के लिए निकला था। रास्ते में सेना के कैंप के आगे बाग के पास सड़क पर सूनसान देख स्कार्पियो आकर साइकिल के आगे रुक गई।
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वह कुछ समझ पाता उससे पहले गाड़ी से उतरे आधा दर्जन बदमाशों ने उसे खींचकर गाड़ी में पीछे बैठा लिया। उसे चुप रहने की धमकी दी गई। एक बदमाश ने उसकी नाक पर रुमाल रखकर सुंघा दिया। इसके बाद वह बेहोश हो गया। दोपहर में होश आया तो स्कार्पियो सुरियांवा रेलवे फाटक पर खड़ी थी। बदमाश नीचे उतरे थे। स्कार्पियो में पीछे का लॉक खोलकर वह उतर भागा। दो बदमाश उसके पीछे भागे लेकिन स्थानीय लोग बच्चे को शोर मचाते देख बचाव में आ गए। इस पर दोनों बदमाश भाग निकले। सूचना पर सुरियांवा पुलिस पहुंची। अपहरण की कहानी सुनकर पुलिस सन्न रह गई।  

आशीष ने बताया कि बेहोश करने से पूर्व बदमाश पापा के मोबाइल पर बात कराने के लिए धमका रहे थे। वे बोल रहे थे कि बीस लाख रुपये पापा से दिलवा दो तो तुम्हें मारेंगे नहीं, छोड़ देंगे। भदोही के सीओ परमहंस मिश्र ने कहा कि अपहृत छात्र को परिवार वालों को सौंप दिया गया है। धूमनगंज पुलिस को मामले की जानकारी दे दी गई। वह जांच कर रही है। 

चौकी प्रभारी राजरूपपुर चंद्रभूषण मौर्य ने बताया कि बदमाशों के चंगुल से छूटने के बाद आशीष ने अपने मोबाइल से दोपहर लगभग साढ़े 12 बजे घटना की खबर दी। स्थानीय पार्षद चंद्रभूषण ने फोन कर चौक ी प्रभारी राजरूपपुर को जानकारी दी। तब धूमनगंज पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस ने भदोही पुलिस से संपर्क किया तो जानकारी मिली कि छात्र सकुशल सुरियांवा पुलिस के पास है। इसके बाद आशीष का बड़ा भाई शशिकांत द्विवेदी उसे लेने गया। देररात वह भाई को लेकर घर पहुंचा। बेटे को सकुशल देखकर मां गीता देवी और पिता संतोष के आंखों से आंसू आ गए। उन्होंने उसे कलेजे से लगा लिया। एसआई सीबी मौर्य ने बताया कि छात्र से पूछताछ के बाद मामले की छानबीन की जा रही है। छात्र का बैग और स्कूल अभी भी नहीं मिला है। 


अपहरण की सूचना पर पुलिस की टीम सक्रिय हो गई थी। भदोही पुलिस से संपर्क करने पर पता चला कि छात्र मिल गया है और थाने में मौजूद है। देर रात छात्र घर लौट आया। पूछताछ के बाद घरवालों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।- आलोक मिश्रा, सीओ सिविल लाइंस
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