{"_id":"57265d5a4f1c1b63705cd443","slug":"it-was-to-be-a-month-operation-freedom-work","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक माह से हो रहा था ‘ऑपरेशन फ्रीडम’ पर काम","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एक माह से हो रहा था ‘ऑपरेशन फ्रीडम’ पर काम
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 02 May 2016 01:49 AM IST
विज्ञापन
देह व्यापार की शिकायत पर छापेमारी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेड लाइट एरिया मीरगंज में पड़े छापे से घंटे भर पहले तक यह कार्रवाई पूरी तरह से गोपनीय थी। अफसरों ने इसे ‘ऑपरेशन फ्रीडम’ का नाम दिया था। डीएम संजय कुमार और एसएसपी एक माह से इस पर काम कर रहे थे। माह भर से इलाके की रेकी की जा रही थी। इंटेलिजेंस से भी रिपोर्ट मांगी गई थी। अफसर जब पूरी तरह से आश्वस्त हो गए कि वहां देह व्यापार हो रहा है तो उन्होंने छापा मारने का फैसला किया। मीरगंज में देह व्यापार की पुष्टि होते ही जिला प्रशासन और पुलिस ने रविवार को वहां छापा मार दिया और इस दलदल में फंसी 109 महिलाओं को ‘ऑपरेशन फ्रीडम’ के तहत मुक्त करा दिया।
डीएम संजय कुमार ने बताया कि सार्वजनिक स्थल, जहां स्कूल, कॉलेज, बाजार हों, वहां इस तरह का कार्य अनैतिक और नियम विरुद्ध है। रेड लाइट एरिया को खाली करने के लिए मार्च में ही नोटिस जारी कर दिया गया था, लेकिन इस बात की पुष्टि नहीं हो पा रही थी कि वहां देह व्यापार हो रहा है या नहीं। इसके लिए कई स्नोतों से वहां की सूचनाएं एकत्रित कराई गईं। इटेंलिजेंस को काम पर लगाया गया। सादे कपड़ों में पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई।
लगातार एक माह तक चिह्नित इलाके की रेकी कराई गई। ‘ऑपरेशन फ्रीडम’ के नाम से पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीय रखा गया। उन्होंने और एसएसपी ने मिलकर पूरी योजना तैयार की। इसमें एडीएम सिटी और एसपी सिटी का भी सहयोग लिया गया। हर तरफ से सूचनाएं एकत्रित होने के बाद सार्वजनिक स्थल पर देह व्यापार की पुष्टि हो गई। इस दौरान यह पता लगाने की कोशिश भी की गई कि लड़कियां कहां से लाई गईं और उन्हें इस दलदल में फंसाने वाले कौन लोग हैं। हर तरह से तैयारी पूरी होने के बाद ‘ऑपरेशन फ्रीडम’ को अंजाम दिया गया और सफलता के साथ इसे पूरा किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीएम संजय कुमार ने बताया कि सार्वजनिक स्थल, जहां स्कूल, कॉलेज, बाजार हों, वहां इस तरह का कार्य अनैतिक और नियम विरुद्ध है। रेड लाइट एरिया को खाली करने के लिए मार्च में ही नोटिस जारी कर दिया गया था, लेकिन इस बात की पुष्टि नहीं हो पा रही थी कि वहां देह व्यापार हो रहा है या नहीं। इसके लिए कई स्नोतों से वहां की सूचनाएं एकत्रित कराई गईं। इटेंलिजेंस को काम पर लगाया गया। सादे कपड़ों में पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई।
विज्ञापन
लगातार एक माह तक चिह्नित इलाके की रेकी कराई गई। ‘ऑपरेशन फ्रीडम’ के नाम से पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीय रखा गया। उन्होंने और एसएसपी ने मिलकर पूरी योजना तैयार की। इसमें एडीएम सिटी और एसपी सिटी का भी सहयोग लिया गया। हर तरफ से सूचनाएं एकत्रित होने के बाद सार्वजनिक स्थल पर देह व्यापार की पुष्टि हो गई। इस दौरान यह पता लगाने की कोशिश भी की गई कि लड़कियां कहां से लाई गईं और उन्हें इस दलदल में फंसाने वाले कौन लोग हैं। हर तरह से तैयारी पूरी होने के बाद ‘ऑपरेशन फ्रीडम’ को अंजाम दिया गया और सफलता के साथ इसे पूरा किया गया।
विज्ञापन