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स्कूल से अगवा मासूम नैनी स्टेशन पर बरामद

Thu, 24 Sep 2015 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Thu, 24 Sep 2015 01:36 AM IST
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Innocent kidnapped from school at Naini station recovered
इलाहाबाद। सरायममरेज इलाके के स्कूल से अगवा एलकेजी का छात्र हार्दिक बुधवार रात नैनी रेलवे स्टेशन पर मिल गया। हालांकि अपहरण में शामिल बदमाश नहीं पकड़ में आए। मंगलवार को स्कूल से अपहरण के बाद बच्चे के पिता से छह लाख रुपये फिरौती की मांग की जा रही थी।  क्राइम ब्रांच की लगातार घेराबंदी से घबराकर अपहर्ता बच्चे को नैनी रेलवे स्टेशन पर छोड़कर भाग गए। अब उनकी तलाश की जा रही है।
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चार वर्षीय एलकेजी का छात्र हार्दिक उर्फ अर्पित तिवारी सरायममरेज के हरिपुर गांव निवासी रत्नेश तिवारी का पुत्र है। दिल्ली में नौकरी करने वाले रत्नेश अभी घर आए हैं। हार्दिक मंगलवार को सरायममरेज में बंदी पट्टी कस्बा स्थित विवेकानंद कान्वेंट स्कूल में था तभी दोपहर में एक युवक ने प्रधानाध्यापक अचल कुमार मौर्य से मिलकर कहा कि वह हार्दिक का मामा है। वह सुबह बिना कुछ खाए चला आया था इसलिए उसे लंच कराना है। प्रधानाध्यापक की मौजूदगी मे युवक ने हार्दिक को बिस्किट खिलाए फिर क्लास में भेज दिया।
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फिर कुछ देर बाद यही युवक क्लास में पहुंचा और शिक्षक से वही बात दुहराकर हार्दिक को लेकर चला गया। छुट्टी होने पर जब हार्दिक के कथित मामा के साथ जाने का पता चला तो खलबली मची। परिजनों ने साफ कहा कि उन्होंने किसी मामा को स्कूल नहीं भेजा था। तब से हार्दिक लापता था। खबर पाकर सरायममरेज पुलिस सूचना पाकर सक्रिय हुई। क्राइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय को जांच में लगा दिया गया। बुधवार दोपहर एसएसपी केएस इमैनुएल भी हंडिया थाने पहुंचे। एसएसपी ने प्रधानाध्यापक अचल कुमार मौर्य तथा शिक्षक नंदलाल यादव से पूछताछ की। क्राइम ब्रांच की टीम मंगलवार दोपहर से उन दोनों को साथ लेकर बच्चे की तलाश में जुटी थी।
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पुलिस टीम अपहर्ता के मोबइल की लोकेशन के आधार परभदोही और मिर्जापुर की तरफ दौड़ती रही। अपहरण के कुछ ही घंटे बाद हार्दिक के घर के मोबाइल नंबर पर फोनकर छह लाख रुपये फिरौती की मांग की गई। यह मोबाइल नंबर हार्दिक के स्कूली पहचान पत्र में लिखा था। अपहर्ताओं ने मंगलवार के बाद बुधवार को भी फिरौती के लिए फोन किए। यह भी चौंकाने वाली बात है कि अपहर्ता ने धमकी दी कि पुलिस से शिकायत की तो दस साल पहले गायब हुए पीयूष की तरह हार्दिक का भी पता नहीं चलेगा। दरअसल, हार्दिक के ताऊ का पुत्र पीयूष दस साल पहले शहर में पढ़ाई के दौरान लापता हो गया था।

शक है कि पीयूष के बारे में जानकारी रखने वाला यह शख्स परिवार का कोई करीबी है। मोबाइल फोन की लोकेशन के आधार पर क्राइम ब्रांच का घेरा कसने पर बुधवार रात अपहर्ताओं ने बच्चे हार्दिक को नैनी रेलवे स्टेशन पर टिकट काउंटर के पास छोड़ दिया। खबर पाकर पुलिस वहां पहुंची। मासूम हार्दिक बेहद घबराया था। उसे एसएसपी कैंप कार्यालय ले जाया गया। बच्चे ने कहा कि उसे मामा अपने घर ले गए थे। उसे खाना खिलाया। बताया मामा के साथ दो लोग थे। बच्चे से बात करने पर पुलिस को पता चला कि बच्चे को ऑटो में नैनी लाया गया था। अपहरण करने वाले बदमाश कौन हैं? यह अभी रहस्य बना है। बच्चे को उसके परिजन घर ले गए।


सरायममरेज के स्कूल से एलकेजी के छात्र हार्दिक का अपहरण करने वाले युवक ने उसके घर में फिरौती के लिए फोन करने में मुंबई और कानपुर से जारी सिमकार्ड इस्तेमाल किए। इन दोनों सिमकार्ड को फर्जी आईडी पर हासिल किया गया था। क्राइम ब्रांच जांच में जुटी है।
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