कचरी में पहरा, घर छोड़ भागे कई परिवार
प्रस्तावित करछना पावर प्लांट के लिए अधिग्रहीत जमीन पर चहारदीवारी के निर्माण के लिए कचरी और आसपास के गांवों में रहने वाले किसानों और उनके परिवारों के साथ हो रही सख्ती से लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। कचरी में पहरा और बढ़ा दिया गया है। पुलिस की सख्ती के कारण कई परिवार घर पर ताला लगाकर दूसरे गांवों में चले गए हैं। कचरी में किसानों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे राज बहादुर पटेल के घरवालों को आरोप है कि पुलिस ने उनके घर का दरवाजा तोड़ दिया। फिलहाल राज बहादुर पटेल को पुलिस ने फरार घोषित कर रखा है और उस पर इनाम भी रखा है।
कचरी और आसपास के आधा दर्जन गांवों में सुरक्षा बलों को जबर्दस्त पहरा है। ग्रामीणों की स्थिति नजरबंद जैसी हो गई है। ग्रामीणों को आधार कार्ड, राशन कार्ड या वोटर आई कार्ड देखकर ही गांव में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। मीडिया सहित अन्य बाहरी लोगों का प्रभावित गांवों में अघोषित तौर पर प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है।
कुछ माह पूर्व ग्रामीणों ने प्रस्तावित पावर प्लांट के निर्माण का विरोध किया था, तब प्रशासन ने उन पद दबाव बनाते हुए आंदोलनकारियों के मुखिया राज बहादुर पटेल सहित दर्जनों किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर उन्हें जेल भेज दिया था। इननमें राज बहादुर की पत्नी और बेटा भी शामिल था। पत्नी रीता देवी और बेटा विनीत पटेल जेल से बाहर आ चुके हैं, जबकि राज बहादुर अब भी फरार है। पत्नी रीता देवी का आरोप है कि दो दिन पहले पुलिस ने उनके घर की तलाशी लेने के लिए दरवाजा तोड़ दिया।
वहीं, बेटे विनीत पटेल ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसके पिता राज बहादुर का पता पूछने के लिए उसकी जमकर पिटाई की। उधर, प्रशासन की सख्ती के कारण स्कूलों में बच्चे नजर नहीं आ रहे हैं। इस कारण शिक्षक दिनभर खाली बैठे रहते हैं। गांव के ही नंद कुमार पटेल ने बताया कि वह अपने तीन बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं। इसी तरह कई अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। वहीं, इलाहाबाद-मिर्जापुर हाईवे पर भी ट्रैफिक डायवर्जन से दिक्कत खड़ी हो गई है। राम से मेजा रोड तक मुंगारी, बेंदौ, पचदेवरा, भीरपुर, कचरी, कटका, मेजा रोड पर बैरियर लगाकर वाहनों की तलाशी ली जा रही है और उसके बाद वाहनों को छोड़ा जा रहा है। ऐसे में हाईवे पर सफर करने वाले आम लोग भी काफी परेशान हैं।
स्थानीय ग्रामीणों के लिए कोराबार के प्रमुख केंद्र कटका बैरियर बाजार पर पुलिस का कब्जा है और लोगों के रोजगार पर संकट खड़ा हो गया है। यह बाजार कचरी गांव के बगल में है। बाजार में काफी भीड़ लगती है। बाजार के संचालक सुशील कुमार पटेल का कहना है कि पुलिस और प्रशासन बाजार नहीं लगने दे रहे हैं। ऐसे में ग्रामीणों का रोजगार ठप हो गया है।
करछना से बसपा विधायक दीपक पटेल ने कचरी का मुद्दा विधानसभा में उठा दिया है। विधायक ने इस पर सरकार से जवाब भी मांगा है। विधायक का कहना है कि कचरी और आसपास के गांव वालों को नजरबंद करके रखा गया है। वहां कर्फ्यू जैसे हालात है। ये मानवाधिकारों का हनन है। पुलिस और प्रशासन का यह रवैया ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ा रहा है। इससे बवाल की आशंका बनी हुई है। विधायक का कहना है कि वह शांत नहीं बैठेंगे। रविवार को कई गांव के लोगों के साथ बैठक करेंगे और कचरी एवं प्रभावित गांवों में जाकर ग्रामीणों को मदद पहुंचाएंगे।