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रसूखवाले के पोते को फिरौती के लिए उठाया
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 17 Jun 2016 01:21 AM IST
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सीआईडी ने तेजेंद्र और चंद्र को नार्को के लिए बुलाया तो दोनों ने जांच से ऐन पहले मना कर दिया।
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बिहार की तर्ज पर नैनी में भी फिरौती के लिए एक रसूखवाले के पोते को अगवा किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामले को पूरी तरह दबा कर रखने की कोशिश की जा रही है। वहीं अगवा पोते के गुरुवार सुबह सुरक्षित घर वापस आने से परिवार में खुशियां मनाई जा रही हैं। हालांकि परिवार ने भी इस मामले को ज्यादा तूल देने से मना किया है।
स्थानीय पुराफतेह मोेहम्मद मोहल्ले के एक रसूखवाले के चौदह वर्षीय पोता बुधवार दोपहर अचानक लापता हो गया। जिससे पूरा परिवार उसकी खोजबीन में जुट गया। लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल सका। बाद में नैनी पुलिस को इसकी सूचना दी गई। इसबीच बुधवार देर शाम परिजन के पास मानिकपुर रेलवे पुलिस का फोन आया और तब पता चला कि पोता सुरक्षित है। इसके बाद परिजन उसे लेने मानिकपुर रात में ही रवाना हो गए। फिर उसे सुरक्षित लेकर गुरुवार सुबह घर लौटे। जिसे पाकर घर की महिलाएं खुशी से चहक उठीं। उनके चेहरे पर खुशियां दिखने लगीं।
पोते ने बताया कि उसको बुधवार दोपहर जेल रोड पुलिस चौकी के पास एक वैन में सवार तीन लोगों ने कुछ सुंघा कर बेहोश कर दिया। इसके बाद उसे वैन में लाद कर चल दिए थे। शंकरगढ़ शिवराजपुर पहुंच कर लड़के को वैन में ही एक बोरे में डाल दिया गया। लेकिन उसकी बेहोशी टूट चुकी थी। उस वक्त उसने देखा कि जिन तीन अंजान लोगों ने उसे उठाया था उनकी जगह तीन नए व्यक्ति वैन लेकर लेकर मानिकपुर तक गए। मानिकपुर के पास फिर तीन नए लोग वैन लेकर स्टेशन से पहले किसी स्थान पर रुक गए। इसके बाद तीनों ने बोरे से निकाल कर लड़के को होश में लाया। फिर उसे होश में लाने के बाद पैदल ही रेललाइन के किनारे किनारे चलते हुए मानिकपुर स्टेशन की तरफ बढ़ने लगे।
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इस दौरान लड़के की बांह पकड़ कर चल रहा एक व्यक्ति रेललाइन में पैर फंसने से गिर पड़ा जिससे लड़के को मौका मिल गया और वह भागकर स्टेशन पर खड़े कुछ सिपाहियों के पास पहुंच गया। लड़के को सिपाहियों के पास देख उसका पीछा कर रहे तीनों लोग फरार हो गए। जिसके बाद लड़के ने आपबीती सिपाहियों को बताई। उसने परिजन का मोबाइल नंबर दिया जिससे सिपाहियों ने लड़के की बात परिजन से कराई। लड़के की बहादुरी से उसको अगवा करने की कोशिश नाकाम हो गई। जानकारी मिलने पर जब नैनी प्रतिनिधि लड़के के पिता और दादा से मिलने गया तो उन्होंने नाम और फोटो छापने से मना कर दिया। बहरहाल इस मामले से नैनी पुलिस बौखला गई है और प्रकरण की बेहद गुप्त रूप से जांच की जा रही है।
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स्थानीय पुराफतेह मोेहम्मद मोहल्ले के एक रसूखवाले के चौदह वर्षीय पोता बुधवार दोपहर अचानक लापता हो गया। जिससे पूरा परिवार उसकी खोजबीन में जुट गया। लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल सका। बाद में नैनी पुलिस को इसकी सूचना दी गई। इसबीच बुधवार देर शाम परिजन के पास मानिकपुर रेलवे पुलिस का फोन आया और तब पता चला कि पोता सुरक्षित है। इसके बाद परिजन उसे लेने मानिकपुर रात में ही रवाना हो गए। फिर उसे सुरक्षित लेकर गुरुवार सुबह घर लौटे। जिसे पाकर घर की महिलाएं खुशी से चहक उठीं। उनके चेहरे पर खुशियां दिखने लगीं।
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पोते ने बताया कि उसको बुधवार दोपहर जेल रोड पुलिस चौकी के पास एक वैन में सवार तीन लोगों ने कुछ सुंघा कर बेहोश कर दिया। इसके बाद उसे वैन में लाद कर चल दिए थे। शंकरगढ़ शिवराजपुर पहुंच कर लड़के को वैन में ही एक बोरे में डाल दिया गया। लेकिन उसकी बेहोशी टूट चुकी थी। उस वक्त उसने देखा कि जिन तीन अंजान लोगों ने उसे उठाया था उनकी जगह तीन नए व्यक्ति वैन लेकर लेकर मानिकपुर तक गए। मानिकपुर के पास फिर तीन नए लोग वैन लेकर स्टेशन से पहले किसी स्थान पर रुक गए। इसके बाद तीनों ने बोरे से निकाल कर लड़के को होश में लाया। फिर उसे होश में लाने के बाद पैदल ही रेललाइन के किनारे किनारे चलते हुए मानिकपुर स्टेशन की तरफ बढ़ने लगे।
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इस दौरान लड़के की बांह पकड़ कर चल रहा एक व्यक्ति रेललाइन में पैर फंसने से गिर पड़ा जिससे लड़के को मौका मिल गया और वह भागकर स्टेशन पर खड़े कुछ सिपाहियों के पास पहुंच गया। लड़के को सिपाहियों के पास देख उसका पीछा कर रहे तीनों लोग फरार हो गए। जिसके बाद लड़के ने आपबीती सिपाहियों को बताई। उसने परिजन का मोबाइल नंबर दिया जिससे सिपाहियों ने लड़के की बात परिजन से कराई। लड़के की बहादुरी से उसको अगवा करने की कोशिश नाकाम हो गई। जानकारी मिलने पर जब नैनी प्रतिनिधि लड़के के पिता और दादा से मिलने गया तो उन्होंने नाम और फोटो छापने से मना कर दिया। बहरहाल इस मामले से नैनी पुलिस बौखला गई है और प्रकरण की बेहद गुप्त रूप से जांच की जा रही है।