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जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल में छात्र की मौत का मामला
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 17 Jan 2018 06:06 PM IST
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गाजियाबाद केजीडी गोयनका पब्लिक स्कूल में हादसे में छात्र की मौत के मामले में पुलिस अपनी जांच तीन सप्ताह में पूरी कर रिपोर्ट दाखिल कर देगी। मंगलवार को इस प्रकरण की सुनवाई के दौरान पूर्व और वर्तमान जांच अधिकारी भी मौजूद रहे। सरकार की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता विकास सहाय ने पक्ष रखा। उन्होंने कोर्ट को बताया कि एसएफएल लखनऊ की रिपोर्ट आ चुकी है। इस मामले में एम्स के मेडिकल बोर्ड से भी रिपोर्ट मांगी गई थी। इसके अलावा सीएमओ की भी मेडिकल रिपोर्ट आ गई है।
गोयनका स्कूल की प्रधानाध्यापिका कविता शर्मा की याचिका पर न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति अशोक कुमार की पीठ ने सुनवाई की। प्रदेश सरकार की ओर से कोर्ट में इस आशय की अंडर टेकिंग दी गई कि विवेचना तीन सप्ताह में पूरी कर ली जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 16 फरवरी को होगी।
उल्लेखनीय है कि एक अगस्त 2017 को कक्षा चार के छात्र अरमान सहगल की स्कूल परिसर में फिसल कर गिरने से मौत हो गई थी। बच्चे के पिता गुलशन सहगल ने स्कूल की प्रधानाध्यापिका और प्रबंधकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओें में इंदिरापुरम् थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रधानाध्यापिका और प्रबंधकों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। कोर्ट ने गिरफ्तारी पर तो रोक लगा दी मगर बच्चे की पिता की अर्जी पर जांच की मॉनिटरिंग शुरू की।
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कोर्ट की सख्ती के बाद जांच में तेजी आई। इस बीच घटना की मजिस्ट्रेट जांच जारी है। एडीएम एफआर इसकी जांच कर रहे हैं। उनकी संस्तुति पर ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच के लिए एम्स केतीन डाक्टरों का पैनल बनाया गया।
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गोयनका स्कूल की प्रधानाध्यापिका कविता शर्मा की याचिका पर न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति अशोक कुमार की पीठ ने सुनवाई की। प्रदेश सरकार की ओर से कोर्ट में इस आशय की अंडर टेकिंग दी गई कि विवेचना तीन सप्ताह में पूरी कर ली जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 16 फरवरी को होगी।
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उल्लेखनीय है कि एक अगस्त 2017 को कक्षा चार के छात्र अरमान सहगल की स्कूल परिसर में फिसल कर गिरने से मौत हो गई थी। बच्चे के पिता गुलशन सहगल ने स्कूल की प्रधानाध्यापिका और प्रबंधकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओें में इंदिरापुरम् थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रधानाध्यापिका और प्रबंधकों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। कोर्ट ने गिरफ्तारी पर तो रोक लगा दी मगर बच्चे की पिता की अर्जी पर जांच की मॉनिटरिंग शुरू की।
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कोर्ट की सख्ती के बाद जांच में तेजी आई। इस बीच घटना की मजिस्ट्रेट जांच जारी है। एडीएम एफआर इसकी जांच कर रहे हैं। उनकी संस्तुति पर ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच के लिए एम्स केतीन डाक्टरों का पैनल बनाया गया।