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लकी ड्रॉ में बाइक देने के बहाने पौने दो लाख ठगे

Sun, 19 Feb 2017 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 19 Feb 2017 01:38 AM IST
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fraud in katara
एमबीए की परीक्षा में हुआ फर्जीवाड़ा - फोटो : demo pic
कटरा के एक कारोबारी को शातिरों ने जाल में फंसा पौने दो लाख रुपये ठग लिए। लकी ड्रॉ में बाइक देने के नाम पर कारोबारी से कई बार विभिन्न बैंक खातों में रकम जमा कराई गई। जब बाइक नहीं मिली तब कारोबारी को ठगी का पता चला। आननफानन में वह बैंक पहुंचे और उन खातों को बंद कराने की कोशिश जिसमें उन्होंने रकम जमा की थी। लेकिन बैंक अफसरों ने बिना एफआईआर के कोई कार्रवाई करने से मना कर दिया। कारोबारी शनिवार सुबह कर्नलगंज थाने गया, लेकिन उसे वहां से भी लौटा दिया गया। कर्नलगंज पुलिस के इस रवैये से कारोबारियों में आक्रोश है। मामले की शिकायत कर्नलगंज सीओ से की गई। सीओ विजय शंकर तिवारी ने कारोबारी को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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क टरा मिशन रोड निवासी विपिन कुमार गुप्ता कारोबारी हैं। सात फरवरी को विपिन के मोबाइल पर अंजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने बताया कि वह मोबाइल कंपनी से बोल रहे हैं। लकी ड्रॉ में आपने बाइक जीती है। बाइक लेना चाहते हैं तो दिए गए नंबर पर 400 का रिचार्ज कराएं। विपिन झांसे में आ गए। 400 रुपये का रिचार्ज दिए गए नंबर पर कराने के बाद फोन का इंतजार करने लगे।
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दूसरे दिन एक महिला ने कॉल किया और बताया कि सिक्योरिटी के तौर पर 13 हजार रुपये दिए गए बैंक खाते में जमा कर दें। इसके बाद दोबारा कॉल आई और इंश्योरेंस के नाम पर रकम जमा करवाई गई। विपिन शातिरों के जाल में फंसते गए। ठगों के बताए बैंक खातों में 7 से13 फरवरी के बीच कुल 1 लाख 86 हजार रुपये जमा करा दिए। इसके बाद भी उन्हें बाइक नहीं मिली। विपिन ने बताया कि इसके बावजूद उनके पास शातिरों का फोन आया और उन्होंने अगली किस्त जमा करने पर ही खातों में जमा की गई रकम और बाइक देने की बात कही। पौने दो लाख रुपये गंवाने के बाद विपिन को यह विश्वास हो गया कि उनके  साथ ठगी हुई।
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कारोबारी विपिन गुप्ता के मुताबिक जिन बैंक खातों में उसने शातिरों के कहने पर रकम जमा की है। उसमें से महज 48 हजार रुपये ही शातिरों ने निकाले हैं। अगर पुलिस मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ले तो बाकी की रकम उन्हें वापस मिल सकती है। एफआईआर दर्ज होने के बाद बैंक अफसर खाते से रकम निकालने पर रोक लगा देंगे। साथ ही कार्रवाई कर रकम भी उनके खाते में वापस आ जाएगी।
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