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असलहा तस्करी में मदरसे का पूर्व शिक्षक भाई समेत गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 27 Oct 2016 02:37 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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एसटीएफ और मऊआइमा पुलिस ने इलाके में रामनगर गनश्यारी रेलवे क्रासिंग के पास बुधवार सुबह घेरेबंदी कर दो असलहा तस्करों को दबोच लिया। पकड़े गए बदमाशों के पास से 28 पिस्टल बरामद की गईं। दोनों बदमाश सगे भाई हैं और इनमें से एक कुछ महीने पहले तक एक मदरसे में शिक्षक था। पूछताछ में उसने कबूला कि वह मुंगेर से पिस्टल लाकर आसपास के जनपदों में सप्लाई करता है। उसके गैंग के लोग दूसरे राज्यों में असलहों की सप्लाई करते हैं। वह मदरसे में पढ़ाने की आड़ लेकर असलहों की तस्करी का काम कर रहा था। एक मामले में कुछ महीने पहले वह जेल भेजा गया तो उसे मदरसे से शिक्षक पद से हटा दिया गया था। मऊआइमा पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर विधिक कार्रवाई कर रही है।
एसटीएफ इलाहाबाद यूनिट के सीओ प्रवीण सिंह ने बताया कि एसटीएफ ने पूर्व कई असलहा तस्करों को पकड़ा था। इसी क्रम में एसआई अजय सिंह और अतुल सिंह को सूचना मिली कि असलहा तस्कर प्रतापगढ़ के अनीस अहमद को एक दर्जन पिस्टल सप्लाई करने जा रहा है। इस सूचना पर एसटीएफ एसआई केशवचंद्र राय, श्रीनिवास यादव, मऊआइमा थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह, सिपाही पंकज त्रिपाठी, प्रवीण सिंह, प्रभजंन पांडेय, रोहित सिंह,अभिमन्यु सिंह, अर्जुन सिंह, भूपेंद्र सिंह के साथ गनश्यारी रेलवे क्रासिंग के पास घेरेबंदी की। शंका होने पर प्रतापगढ़ की ओर से आ रहे बाइक सवार संदिग्धों ने भागने का प्रयास किया तो उन्हें घेरकर पुलिस ने दबोच लिया। तलाशी में उनके पास से 28 पिस्टल, 2 मोबाइल, दो नली बंदूक का लाइसेंस, बाइक बरामद की गई। पकड़े गए बदमाशों में रऊफ अहमद, मारूफ अहमद निवासी गाबी महुआन थाना लालगंज प्रतापगढ़ है।
दोनों सगे भाई हैं। पूछताछ में बताया कि वे मानधाता के अनीस अहमद को असलहा सप्लाई करने जा रहे थे। वे मुंगेर, खंडवा और संभल से असलहा लाकर आसपास के जनपदों में सप्लाई करते हैं। पूछताछ में मारूफ ने पुलिस को बताया कि वह प्रतापगढ़ में कादीपुर महुआर स्थित मदरसा में शिक्षक था। वह असलहा तस्करी के काले धंधे पर पर्दा डालने के लिए मदरसे में ही असलहे छिपाकर रखता था। ताकि पुलिस से बचता रहे। कु छ दिन पहले वह पड़ोसी पर जानलेवा हमले के बाद जेल गया। जुलाई में जमानत पर छूट कर आया। तब तक उसे मदरसे से निकाला जा चुका था। तमाम प्रयास के बाद भी उसे मदरसे में दोबारा शिक्षक नहीं रखा गया। वे दस से पंद्रह हजार रुपये मुनाफे पर असलहा तस्करी कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक मारूफ और उसका भाई आठ साल से इस धंधे में लिप्त थे।
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पकड़े गए असलहा तस्करों ने बताया कि उनके गैंग में पूरे प्रदेश के लगभग दो दर्जन लोग शामिल हैं। उनके गैंग का सरगना बाराबंकी का हाफिज है। जिसे अप्रैल महीने में एसटीएफ टीम ने शिवकुटी इलाके में तेलियरगंज इलाके से पकड़ा था। वह इस समय जेल में है। जेल से छूटने के बाद वह हर बार असलहा तस्करी का धंधा करने लगता है। एसटीएफ और मऊआइमा पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद गैंग के दूसरे बदमाशों की तलाश में लगी है। पकड़े गए बदमाश अब तक लगभग पांच सौ अवैध असलहों की सप्लाई कर चुके हैं।
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एसटीएफ इलाहाबाद यूनिट के सीओ प्रवीण सिंह ने बताया कि एसटीएफ ने पूर्व कई असलहा तस्करों को पकड़ा था। इसी क्रम में एसआई अजय सिंह और अतुल सिंह को सूचना मिली कि असलहा तस्कर प्रतापगढ़ के अनीस अहमद को एक दर्जन पिस्टल सप्लाई करने जा रहा है। इस सूचना पर एसटीएफ एसआई केशवचंद्र राय, श्रीनिवास यादव, मऊआइमा थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह, सिपाही पंकज त्रिपाठी, प्रवीण सिंह, प्रभजंन पांडेय, रोहित सिंह,अभिमन्यु सिंह, अर्जुन सिंह, भूपेंद्र सिंह के साथ गनश्यारी रेलवे क्रासिंग के पास घेरेबंदी की। शंका होने पर प्रतापगढ़ की ओर से आ रहे बाइक सवार संदिग्धों ने भागने का प्रयास किया तो उन्हें घेरकर पुलिस ने दबोच लिया। तलाशी में उनके पास से 28 पिस्टल, 2 मोबाइल, दो नली बंदूक का लाइसेंस, बाइक बरामद की गई। पकड़े गए बदमाशों में रऊफ अहमद, मारूफ अहमद निवासी गाबी महुआन थाना लालगंज प्रतापगढ़ है।
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दोनों सगे भाई हैं। पूछताछ में बताया कि वे मानधाता के अनीस अहमद को असलहा सप्लाई करने जा रहे थे। वे मुंगेर, खंडवा और संभल से असलहा लाकर आसपास के जनपदों में सप्लाई करते हैं। पूछताछ में मारूफ ने पुलिस को बताया कि वह प्रतापगढ़ में कादीपुर महुआर स्थित मदरसा में शिक्षक था। वह असलहा तस्करी के काले धंधे पर पर्दा डालने के लिए मदरसे में ही असलहे छिपाकर रखता था। ताकि पुलिस से बचता रहे। कु छ दिन पहले वह पड़ोसी पर जानलेवा हमले के बाद जेल गया। जुलाई में जमानत पर छूट कर आया। तब तक उसे मदरसे से निकाला जा चुका था। तमाम प्रयास के बाद भी उसे मदरसे में दोबारा शिक्षक नहीं रखा गया। वे दस से पंद्रह हजार रुपये मुनाफे पर असलहा तस्करी कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक मारूफ और उसका भाई आठ साल से इस धंधे में लिप्त थे।
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पकड़े गए असलहा तस्करों ने बताया कि उनके गैंग में पूरे प्रदेश के लगभग दो दर्जन लोग शामिल हैं। उनके गैंग का सरगना बाराबंकी का हाफिज है। जिसे अप्रैल महीने में एसटीएफ टीम ने शिवकुटी इलाके में तेलियरगंज इलाके से पकड़ा था। वह इस समय जेल में है। जेल से छूटने के बाद वह हर बार असलहा तस्करी का धंधा करने लगता है। एसटीएफ और मऊआइमा पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद गैंग के दूसरे बदमाशों की तलाश में लगी है। पकड़े गए बदमाश अब तक लगभग पांच सौ अवैध असलहों की सप्लाई कर चुके हैं।