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सीएमपी में जमकर बमबाजी, पुलिस ने बरसाईं लाठियां
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 06 Oct 2018 01:44 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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छात्रसंघ चुनाव के दौरान शुक्रवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर तो दिनभर शांत रहा लेकिन, सीएमपी डिग्री कॉलेज के बाहर जमकर उपद्रव हुआ। दोपहर में ताबड़तोड़ बमबाजी से कॉलेज परिसर के साथ ही आसपास का इलाका भी थर्रा उठा। इसके बाद पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाईं। इससे वहां भगदड़ मच गई। उधर, पुलिस ने कॉलेज के आसपास खड़ी बाइकों पर भी गुस्सा उतारा।
सीएमपी कॉलेज में दोपहर में मतदान प्रक्रिया चल रही थी। अचानक 12 बजे के करीब मुख्य द्वार के बगल में कुछ युवकों ने एक के बाद एक बम फोड़ने शुरू कर दिए। लगातार धमाकों से कॉलेज परिसर के साथ ही आसपास का इलाका भी थर्रा उठा। इससे मतदान करने पहुंचे छात्र-छात्राओं में दहशत फैल गई। एक के बाद एक बम फूटते देख चुनाव ड्यूटी में तैनात फोर्स के भी होश उड़ गए। सुरक्षा में तैनात जवानों ने बमबाजी करने वाले युवकों को खदेड़ा तो वहां भगदड़ मच गई। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रत्याशी व उनके समर्थक भी जुटे थे, जो पुलिस के खदेड़ने पर इधर-उधर भागने लगे। इसमेें किसी का मोबाइल गिरा तो किसी का चश्मा सड़क पर गिरकर टूट गया।
भगदड़ में कुछ लोग गिरकर चुटहिल भी हुए। उधर भन्नाए पुलिसवालों ने लाठियां बरसानी शुरू कर दीं। इसके बाद जो पकड़ में आया, उसे जमकर पीटा गया। यहां तक कि पुलिसवालों ने एक-एक युवक को घेरकर लाठियों से पीटा। इस दौरान बाइक लेकर घुस आया राहगीर भी पकड़ में आ गया जिसे पुलिस ने पीटकर भगाया। कार लेकर कॉलेज परिसर के आसपास खड़े युवक भी पुलिस के गुस्से का शिकार हुए। यही नहीं, पुलिस ने लाठियां बरसाकर कई बाइकें भी क्षतिग्रस्त कर दीं। उपद्रव करने वाले अन्य युवक तो भाग निकले लेकिन, दो युवक पुलिस के हत्थे चढ़ गए। इनमें से एक ने पूछताछ के दौरान अपना नाम अतुल सोनकर उर्फ नानू बताया। दोनों को थाने ले जाया गया जहां उनसे पूछताछ रात तक जारी थी। इंस्पेक्टर निशिकांत राय का कहना है कि लाठीचार्ज की बात गलत है। उपद्रवी युवकों को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया था। वाहनों में तोड़फोड़ की बात गलत है।
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पुलिस की इस कार्रवाई से प्रत्याशियों व उनके समर्थकों में आक्रोश भी रहा। एक प्रत्याशी का कहना था कि पुलिस ने बम फोड़नेवालों को तो जाने दिया, उल्टा निर्दोषों को पीटा। यहां तक कि उनके वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। प्रत्याशियों की मानें तो करीब आधा दर्जन बाइकें पुलिस की कार्रवाई में क्षतिग्रस्त हुई हैं। उधर कुछ प्रत्याशियों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस की बर्बरता देख वोट डालने पहुंचे कई छात्र-छात्राएं वापस लौट गए।
मौके पर जुटे लोगों का कहना था कि उपद्रवियों को खदेड़ने के दौरान जार्जटाउन थाने में तैनात एक सिपाही की कारगुजारी पुलिस पर भारी पड़ सकती थी। दरअसल सादे कपड़ों में तैनात इस सिपाही ने वहां से गुजर रहे बाइकसवार युवक को रोका तो वह उससे उलझ गया। इसी दौरान सिपाही ने उसे डंडे से पीटना शुरू कर दिया। घटना के दौरान कुछ दूर पर प्रत्याशी व उनके समर्थक भी मौजूद थे। वर्दी में न होने के कारण कोई उसे पहचान नहीं सका और बाइकसवार युवक के शोर मचाने पर पकड़ो-पकड़ो का शोर मचाते हुए समर्थकों का एक गुट सिपाही की ओर बढ़ने लगा। हालांकि इसी दौरान पीछे से और फोर्स पहुंची और यह देखकर समर्थक पीछे हटे। चर्चा रही कि सिपाही की यह नासमझी बड़े बवाल का कारण बन सकती थी।
दिन में सीएमपी के आसपास का इलाका बमबाजी से दहशत में रहा तो शाम को चुनाव परिणाम की घोषणा के दौरान भी लगातार धमाकोें से इलाका दहलता रहा। शाम 5.45 बजे के करीब जैसे ही विवि प्रबंधन ने चुनाव परिणाम घोषित करना शुरू किया, बम के धमाकों से क्षेत्र गूंजने लगा। हर पद के लिए परिणाम की घोषणा पर बम फोड़े गए। यही नहीं, कुछ युवकोें ने हवा में गोलियां भी दागीं। बमबाजी व फायरिंग होते देख पुलिस ने सबसे पहले विजयी प्रत्याशियों को सुरक्षा घेरे में ले लिया। इसके बाद एक टीम ने बमबाजी, फायरिंग करने वालों को खदेड़ना शुरू किया। इस दौरान कुछ युवकों पर लाठियां भी बरसाई गईं। इसके बाद सुरक्षा घेरे में ही विजयी प्रत्याशियों को उनके घर तक पहुंचाया गया और तब जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली।
स्कॉर्पियो पर फेंके बम, जवाब में फायरिंग
उधर शाम साढ़े छह बजे के करीब जगत तारन गर्ल्स इंटर कॉलेज के पास बमबाजी फायरिंग की घटना हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यहां स्कॉर्पियो से जा रहे युवकों पर स्कूटीसवार तीन युवकों ने बम फेंका। गनीगत रही कि हमले में कोई हताहत नहीं हुआ। उधर जवाब में स्कॉर्पियो से जा रहे युवकों ने तमंचे से गोलियां चलाईं। फायरिंग होते देख तीनों युवक स्कूटी छोड़कर भाग निकले। गोली लगने से स्कूटी भी क्षतिग्रस्त हो गई। सूचना पर इंस्पेक्टर मुट्ठीगंज फोर्स लेकर पहुंचे और आसपास के लोगों से पूछताछ की। खोजबीन की गई तो स्कूटी सवार युवक मिल गए। तीनों को थाने लाया गया, लेकिन बाद में कोई शिकायत न मिलने पर उन्हें छोड़ दिया गया। हालांकि जार्जटाउन पुलिस घटना से ही इंकार करती रही।
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सीएमपी कॉलेज में दोपहर में मतदान प्रक्रिया चल रही थी। अचानक 12 बजे के करीब मुख्य द्वार के बगल में कुछ युवकों ने एक के बाद एक बम फोड़ने शुरू कर दिए। लगातार धमाकों से कॉलेज परिसर के साथ ही आसपास का इलाका भी थर्रा उठा। इससे मतदान करने पहुंचे छात्र-छात्राओं में दहशत फैल गई। एक के बाद एक बम फूटते देख चुनाव ड्यूटी में तैनात फोर्स के भी होश उड़ गए। सुरक्षा में तैनात जवानों ने बमबाजी करने वाले युवकों को खदेड़ा तो वहां भगदड़ मच गई। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रत्याशी व उनके समर्थक भी जुटे थे, जो पुलिस के खदेड़ने पर इधर-उधर भागने लगे। इसमेें किसी का मोबाइल गिरा तो किसी का चश्मा सड़क पर गिरकर टूट गया।
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भगदड़ में कुछ लोग गिरकर चुटहिल भी हुए। उधर भन्नाए पुलिसवालों ने लाठियां बरसानी शुरू कर दीं। इसके बाद जो पकड़ में आया, उसे जमकर पीटा गया। यहां तक कि पुलिसवालों ने एक-एक युवक को घेरकर लाठियों से पीटा। इस दौरान बाइक लेकर घुस आया राहगीर भी पकड़ में आ गया जिसे पुलिस ने पीटकर भगाया। कार लेकर कॉलेज परिसर के आसपास खड़े युवक भी पुलिस के गुस्से का शिकार हुए। यही नहीं, पुलिस ने लाठियां बरसाकर कई बाइकें भी क्षतिग्रस्त कर दीं। उपद्रव करने वाले अन्य युवक तो भाग निकले लेकिन, दो युवक पुलिस के हत्थे चढ़ गए। इनमें से एक ने पूछताछ के दौरान अपना नाम अतुल सोनकर उर्फ नानू बताया। दोनों को थाने ले जाया गया जहां उनसे पूछताछ रात तक जारी थी। इंस्पेक्टर निशिकांत राय का कहना है कि लाठीचार्ज की बात गलत है। उपद्रवी युवकों को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया था। वाहनों में तोड़फोड़ की बात गलत है।
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पुलिस की इस कार्रवाई से प्रत्याशियों व उनके समर्थकों में आक्रोश भी रहा। एक प्रत्याशी का कहना था कि पुलिस ने बम फोड़नेवालों को तो जाने दिया, उल्टा निर्दोषों को पीटा। यहां तक कि उनके वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। प्रत्याशियों की मानें तो करीब आधा दर्जन बाइकें पुलिस की कार्रवाई में क्षतिग्रस्त हुई हैं। उधर कुछ प्रत्याशियों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस की बर्बरता देख वोट डालने पहुंचे कई छात्र-छात्राएं वापस लौट गए।
मौके पर जुटे लोगों का कहना था कि उपद्रवियों को खदेड़ने के दौरान जार्जटाउन थाने में तैनात एक सिपाही की कारगुजारी पुलिस पर भारी पड़ सकती थी। दरअसल सादे कपड़ों में तैनात इस सिपाही ने वहां से गुजर रहे बाइकसवार युवक को रोका तो वह उससे उलझ गया। इसी दौरान सिपाही ने उसे डंडे से पीटना शुरू कर दिया। घटना के दौरान कुछ दूर पर प्रत्याशी व उनके समर्थक भी मौजूद थे। वर्दी में न होने के कारण कोई उसे पहचान नहीं सका और बाइकसवार युवक के शोर मचाने पर पकड़ो-पकड़ो का शोर मचाते हुए समर्थकों का एक गुट सिपाही की ओर बढ़ने लगा। हालांकि इसी दौरान पीछे से और फोर्स पहुंची और यह देखकर समर्थक पीछे हटे। चर्चा रही कि सिपाही की यह नासमझी बड़े बवाल का कारण बन सकती थी।
दिन में सीएमपी के आसपास का इलाका बमबाजी से दहशत में रहा तो शाम को चुनाव परिणाम की घोषणा के दौरान भी लगातार धमाकोें से इलाका दहलता रहा। शाम 5.45 बजे के करीब जैसे ही विवि प्रबंधन ने चुनाव परिणाम घोषित करना शुरू किया, बम के धमाकों से क्षेत्र गूंजने लगा। हर पद के लिए परिणाम की घोषणा पर बम फोड़े गए। यही नहीं, कुछ युवकोें ने हवा में गोलियां भी दागीं। बमबाजी व फायरिंग होते देख पुलिस ने सबसे पहले विजयी प्रत्याशियों को सुरक्षा घेरे में ले लिया। इसके बाद एक टीम ने बमबाजी, फायरिंग करने वालों को खदेड़ना शुरू किया। इस दौरान कुछ युवकों पर लाठियां भी बरसाई गईं। इसके बाद सुरक्षा घेरे में ही विजयी प्रत्याशियों को उनके घर तक पहुंचाया गया और तब जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली।
स्कॉर्पियो पर फेंके बम, जवाब में फायरिंग
उधर शाम साढ़े छह बजे के करीब जगत तारन गर्ल्स इंटर कॉलेज के पास बमबाजी फायरिंग की घटना हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यहां स्कॉर्पियो से जा रहे युवकों पर स्कूटीसवार तीन युवकों ने बम फेंका। गनीगत रही कि हमले में कोई हताहत नहीं हुआ। उधर जवाब में स्कॉर्पियो से जा रहे युवकों ने तमंचे से गोलियां चलाईं। फायरिंग होते देख तीनों युवक स्कूटी छोड़कर भाग निकले। गोली लगने से स्कूटी भी क्षतिग्रस्त हो गई। सूचना पर इंस्पेक्टर मुट्ठीगंज फोर्स लेकर पहुंचे और आसपास के लोगों से पूछताछ की। खोजबीन की गई तो स्कूटी सवार युवक मिल गए। तीनों को थाने लाया गया, लेकिन बाद में कोई शिकायत न मिलने पर उन्हें छोड़ दिया गया। हालांकि जार्जटाउन पुलिस घटना से ही इंकार करती रही।