फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Fellow convict escaped from police custody , including the detainee

पुलिस कस्टडी से फरार अपराधी साथी समेत बंदी

Sun, 22 May 2016 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 22 May 2016 01:28 AM IST
विज्ञापन
Fellow convict escaped from police custody , including the detainee
अपराध - फोटो : अमर उजाला
तीन बार पुलिस कस्टडी से फरार हो चुके पेशेवर अपराधी अब्दुल कयूम उर्फ बब्बू करेहा को एक साथी समेत एसटीएफ ने हिंदू हॉस्टल के पास दबोच लिया। वे दोनों बाइक पर जा रहे थे, तभी घेरकर गिरफ्तारी की गई। उनके कब्जे से दो अवैध असलहे, कारतूस और नगदी भी मिली। पूछताछ में यह भी पता चला कि बब्बू जल्द ही इलाहाबाद में महिला समेत दो लोगों की हत्या और रीवा में लूट की वारदात अंजाम देने वाला था।
विज्ञापन

 

एसटीएफ फील्ड यूनिट इलाहाबाद के उपनिरीक्षक अतुल सिंह को शुक्रवार शाम मुखबिर से सूचना मिली कि शातिर अपराधी अब्दुल कयूम उर्फ बब्बू करेहा, उर्फ बब्बू पंडित उर्फ हसन अपने एक साथी संग बाइक पर सिविल लाइंस की तरफ आने वाला है। एसटीएफ ने खबर मिलते ही हिंदू हॉस्टल चौराहे के पास घेराबंदी की। दो लोग यामहा बाइक पर उधर आए तो मुखबिर के इशारे पर एसटीएफ ने घेरकर दोनों को पकड़ लिया। तलाशी में उनके कब्जे से एक पिस्टल, तमंचा, कारतूस, मैग्जीन, दो मोबाइल फोन और 13 सौ रुपये नगद बरामद हुए।

विज्ञापन

 

गिरफ्तार अपराधियों में बब्बू करेहा और उसका साथी औद्योगिक क्षेत्र में रामपुर गांव का नियाजी अहमद सिद्दीकी है। अब्दुल कयूम उर्फ बब्बू करेहा ने 1975 से अपराध शुरू किया तो लगातार लूट, हत्या, अपहरण, फिरौती, डकैती, नकली नोटों का धंधा करता रहा। वर्ष 2004 में उसने उड़ीसा के सुंदरगढ़ में लोहा कारोबारी को अगवाकर तीन करोड़ रुपये फिरौती वसूली थी। तब वह साथियों समेत पकड़ा गया, लेकिन अगले साल पत्नी के निधन पर वह पेरोल पर छूटकर आया तो फरार हो गया था। दो साल पहले उसे नकली नोटों के साथ घूरपुर पुलिस ने पकड़ा था, लेकिन वह कोर्ट में पेशी के दौरान कस्टडी से फरार हो गया था, क्योंकि उसे दस साल की सजा हो गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

फरारी के दौरान उसने रीवा के अतरौला में हीरा कारोबारी को गोली मारकर लूटा, मगर साथी असलम समेत वहीं पकड़ा गया। साल भर रीवा जेल में रहने के बाद वह बीमारी के बहाने अस्पताल में भर्ती होकर फरार हो गया। अब वह रीवा में लूट के अलावा इलाहाबाद में एक महिला और जेल में बंद अपने एक दुश्मन की हत्या की फिराक में था जो जल्द ही जेल से छूटने वाला है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed