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साथी की मौत पर भड़के वकील, हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 11 Jun 2018 01:20 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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होलागढ़ के मुकुंदपुर में जमीन के विवाद में हुई फायरिंग में साथी की मौत की खबर मिलने पर अधिवक्ता भड़क उठे। बड़ी संख्या में वकील पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। वह घटना को लेकर आक्रोशित थे। उन्होंने आश्रित परिवार के लिए 20 लाख मुआवजे की मांग की। बाद में अफसरों के आश्वासन पर वकील शांत हुए। इसके बाद शव घर भेजा जा सका।
मुुकुंदपुर बाजार में घटना करीब 11 बजे की है। समय ज्यादा होने के कारण डीएम से अनुमति लेकर शाम को ही शव का पोस्टमार्टम कराने का फैसला किया गया। उधर साथी की मौत की खबर मिली तो अधिवक्ता भड़क उठे। बड़ी संख्या में अधिवक्ता पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। इसकी जानकारी मिलते ही अफसर चौकन्ना हो गए। आननफानन में एसपी गंगापार सुनील कुमार सिंह मयफोर्स मौके पर पहुंचे। एहतियात कई थानों की फोर्स भी बुला ली गई। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव घर भेजे जाने की तैयारी चल रही थी कि अधिवक्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया।
उनका कहना था कि आश्रित परिवार के लिए 20 लाख मुआवजे की घोषणा की जाए। साथ ही डीएम-एसएसपी को भी मौके पर बुलाया जाए। पुलिस अफसरों ने समझाने की कोशिश की लेकिन अधिवक्ता नहीं माने। मामले की जानकारी दी गई तो डीएम सुहास एलवाई और एसएसपी नितिन तिवारी भी पहुंच गए। एसएसपी ने बताया कि चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। एक आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उधर डीएम ने आश्वासन दिया कि अधिवक्ता के आश्रित परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी। साथ ही उन्हें जल्द ही सरकार से मुआवजा भी दिलवाया जाएगा। तब जाकर करीब नौ बजे अधिवक्ता शांत हुए और फिर कड़ी सुरक्षा के बीच शव लेकर घरवाले रवाना हुए।
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मृतक अधिवक्ता रविप्रकाश के पिता शिव नारायण तिवारी गांव में ही पोस्टमैन हैं। दो बेटों में रविप्रकाश छोटे थे। बड़ा बेटा ज्ञान प्रकाश दिल्ली में रहकर प्राइवेट नौकरी करता है। सूचना पर वह भी घर के लिए चल दिया। एक बेटी नीतू है। जवान बेटे की मौत पर माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। मौके पर पहुंचे रिश्तेदारों की भी आंखें नम थीं। बुजुर्ग मां-बाप की हालत देख वह उन्हें ढांढस बंधाने की भी हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे।
उधर पति की मौत पर दीपिका बदहवास सी हो गई थी। दो साल पहले ही उनकी शादी हुई थी। अस्पताल में बिलख रही दीपिका ने बताया कि जिस समय फोन आया, रविप्रकाश खाना खा रहे थे। अचानक वह खाना छोड़कर चले गए। रोते-रोते वह बेसुध सी हो जा रही थी। परिवारवाले किसी तरह उसे संभालते रहे।
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मुुकुंदपुर बाजार में घटना करीब 11 बजे की है। समय ज्यादा होने के कारण डीएम से अनुमति लेकर शाम को ही शव का पोस्टमार्टम कराने का फैसला किया गया। उधर साथी की मौत की खबर मिली तो अधिवक्ता भड़क उठे। बड़ी संख्या में अधिवक्ता पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। इसकी जानकारी मिलते ही अफसर चौकन्ना हो गए। आननफानन में एसपी गंगापार सुनील कुमार सिंह मयफोर्स मौके पर पहुंचे। एहतियात कई थानों की फोर्स भी बुला ली गई। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव घर भेजे जाने की तैयारी चल रही थी कि अधिवक्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया।
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उनका कहना था कि आश्रित परिवार के लिए 20 लाख मुआवजे की घोषणा की जाए। साथ ही डीएम-एसएसपी को भी मौके पर बुलाया जाए। पुलिस अफसरों ने समझाने की कोशिश की लेकिन अधिवक्ता नहीं माने। मामले की जानकारी दी गई तो डीएम सुहास एलवाई और एसएसपी नितिन तिवारी भी पहुंच गए। एसएसपी ने बताया कि चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। एक आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उधर डीएम ने आश्वासन दिया कि अधिवक्ता के आश्रित परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी। साथ ही उन्हें जल्द ही सरकार से मुआवजा भी दिलवाया जाएगा। तब जाकर करीब नौ बजे अधिवक्ता शांत हुए और फिर कड़ी सुरक्षा के बीच शव लेकर घरवाले रवाना हुए।
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मृतक अधिवक्ता रविप्रकाश के पिता शिव नारायण तिवारी गांव में ही पोस्टमैन हैं। दो बेटों में रविप्रकाश छोटे थे। बड़ा बेटा ज्ञान प्रकाश दिल्ली में रहकर प्राइवेट नौकरी करता है। सूचना पर वह भी घर के लिए चल दिया। एक बेटी नीतू है। जवान बेटे की मौत पर माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। मौके पर पहुंचे रिश्तेदारों की भी आंखें नम थीं। बुजुर्ग मां-बाप की हालत देख वह उन्हें ढांढस बंधाने की भी हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे।
उधर पति की मौत पर दीपिका बदहवास सी हो गई थी। दो साल पहले ही उनकी शादी हुई थी। अस्पताल में बिलख रही दीपिका ने बताया कि जिस समय फोन आया, रविप्रकाश खाना खा रहे थे। अचानक वह खाना छोड़कर चले गए। रोते-रोते वह बेसुध सी हो जा रही थी। परिवारवाले किसी तरह उसे संभालते रहे।