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एजुकेशन माफिया का मोबाइल स्विच आन, लोकेशन दिल्ली में
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 07 Jul 2017 02:29 AM IST
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रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
- फोटो : demo pic
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डा. बंसल हत्याकांड में प्राइम सस्पेक्ट आलोक सिन्हा का मोबाइल कुछ दिन पहले अचानक स्विच आन हो गया। एजुकेशन माफिया आलोक सिन्हा को खोज रही पुलिस टीम एलर्ट हो गई है। एक टीम को दिल्ली भेजा जा रहा है। हालांकि आलोक ने जिस तरह अब तक पुलिस को चकमा दिया है, उससे पुलिस को लग रहा है कि मोबाइल खोलना भी उसकी एक चाल हो सकती है।
डा. बंसल हत्याकांड की खोज में लगी पुलिस टीम ने उसके दो नंबरों को सर्विलांस लगा रखा था। हालांकि हत्याकांड के बाद से ही उसके दोनों मोबाइल लगातार स्विच आफ जा रहे थे। कुछ दिन पहले आलोक सिन्हा का एक नंबर स्विच आन हुआ तो पुलिस टीम एक्टिव हो गई। मोबाइल की लोकेशन दिल्ली में थी। उस मोबाइल पर काल किए गए। घंटी गई लेकिन किसी ने उसे उठाया नहीं। बाद में मोबाइल दोबारा बंद हो गया। अधिकारियों को इसकी जानकारी दी तो एक टीम दिल्ली भेजने का निर्णय लिया गया। डा. बंसल हत्याकांड में पुलिस ने अब सिर्फ और सिर्फ आलोक सिन्हा पर ध्यान केंद्रित कर रखा है।
जांच में लगे एक अधिकारी के मुताबिक उसकी शुुरूआत से कई गतिविधियां संदिग्ध नजर आई। उसकी कॉल डीटेल्स से भी कई महत्वपूर्ण सुराग पुलिस को मिले थे। एसटीएफ के अधिकारी ने बताया कि हत्याकांड से पहले से लेकर उसके बाद तक आलोक की जो भी गतिविधियां रहीं, वे बेहद शातिराना थी। मसलन घटना से दो महीने पहले उसने परिवार समेत अपना नोएडा और पटना वाला मकान छोड़ दिया था। घटना के बाद उसने नैनी जेल में बंद अख्तर कटरा से बात की फिर उसके दोनों मोबाइल स्विच आफ हो गए। न तो उसका न ही उसके परिवार का कोई सुराग अब तक मिल पाया है। ऐसे में यकायक उसका मोबाइल खुलना भी संदेह के घेरे में है। हो सकता है कि पुलिस टीम को भटकाने के लिए यह उसकी कोई चाल हो। फिलहाल टीम जल्द ही दिल्ली जाएगी। मोबाइल द्वारा पता चली लोकेशन को ट्रेस किया जा रहा है।
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डा. बंसल हत्याकांड की खोज में लगी पुलिस टीम ने उसके दो नंबरों को सर्विलांस लगा रखा था। हालांकि हत्याकांड के बाद से ही उसके दोनों मोबाइल लगातार स्विच आफ जा रहे थे। कुछ दिन पहले आलोक सिन्हा का एक नंबर स्विच आन हुआ तो पुलिस टीम एक्टिव हो गई। मोबाइल की लोकेशन दिल्ली में थी। उस मोबाइल पर काल किए गए। घंटी गई लेकिन किसी ने उसे उठाया नहीं। बाद में मोबाइल दोबारा बंद हो गया। अधिकारियों को इसकी जानकारी दी तो एक टीम दिल्ली भेजने का निर्णय लिया गया। डा. बंसल हत्याकांड में पुलिस ने अब सिर्फ और सिर्फ आलोक सिन्हा पर ध्यान केंद्रित कर रखा है।
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जांच में लगे एक अधिकारी के मुताबिक उसकी शुुरूआत से कई गतिविधियां संदिग्ध नजर आई। उसकी कॉल डीटेल्स से भी कई महत्वपूर्ण सुराग पुलिस को मिले थे। एसटीएफ के अधिकारी ने बताया कि हत्याकांड से पहले से लेकर उसके बाद तक आलोक की जो भी गतिविधियां रहीं, वे बेहद शातिराना थी। मसलन घटना से दो महीने पहले उसने परिवार समेत अपना नोएडा और पटना वाला मकान छोड़ दिया था। घटना के बाद उसने नैनी जेल में बंद अख्तर कटरा से बात की फिर उसके दोनों मोबाइल स्विच आफ हो गए। न तो उसका न ही उसके परिवार का कोई सुराग अब तक मिल पाया है। ऐसे में यकायक उसका मोबाइल खुलना भी संदेह के घेरे में है। हो सकता है कि पुलिस टीम को भटकाने के लिए यह उसकी कोई चाल हो। फिलहाल टीम जल्द ही दिल्ली जाएगी। मोबाइल द्वारा पता चली लोकेशन को ट्रेस किया जा रहा है।
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