भूसे के लिए झगड़े में दलित को मार डाला
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अरांव में रहने वाला विजयशंकर (47) मजदूरी कर गुजारा करता था। उसके तीन बेटे सुनील, राजकुमार और धमेंद्र भी मजदूरी ही करते हैं। शनिवार सुबह गांव के त्रिलोकनाथ पांडेय ने विजयशंकर के घर के पास खेत में ट्रैक्टर लगाकर गेहूं की फसल की मड़ाई शुरू की। मड़ाई से भूसा उड़कर विजयशंकर के घर की तरफ जा रहा था। आरोप है कि उसने त्रिलोकनाथ के पास जाकर मड़ाई बंद करने या फिर रुख बदलने के लिए कहा ताकि भूसा उड़कर उसके घर की तरफ नहीं जाए। इस पर विजयशंकर और त्रिलोकनाथ के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि त्रिलोकनाथ ने विजयशंकर को अपने पुत्र डब्बू और भतीजे शिवम के साथ मिलकर लात-घूंसे और लाठी से जमकर पीटा। वह चीखते हुए बेसुध हो गया।
उसकी चीख-पुकार सुनकर परिवार की महिलाएं भागकर वहां पहुंची तो आरोप है कि आरोपियों ने उनके साथ भी बदसलूकी और खींचतान की। गांव वाले वहां जुटे तो बेहोश विजयशंकर को बरौत में निजी हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने परीक्षण कर बताया कि उसकी मौत हो चुकी है। खबर पाकर एसपी गंगापार और सीओ भी हॉस्पिटल पहुंच गए। वे पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर भी गए। बेटे राजकु्मार की तहरीर पर हंडिया थाने में त्रिलोकनाथ पांडेय, उसके पुत्र डब्बू और भतीजे शिवम के खिलाफ हत्या, मारपीट, महिलाओं से खींचतान, गालीगलौज और धमकी का मुकदमा लिखा गया। पुलिस ने दबिश दी लेकिन भी आरोपी नहीं मिला। सब घर छोड़कर भाग गए थे। जरा सी बात पर हत्या से गांव में भी तनाव का माहौल बना है।