कचरी के किसानों को मिल रही धमकी
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करछना के कचरी में अब किसानों को स्थानीय ठेकेदार, आसपास के गांवों के प्रधान और सत्तापक्ष से जुड़े लोग धमकी दे रहे हैं। किसानों का आरोप है कि उनको धमकाया जा रहा है कि वे थर्मल पावर के निर्माण में किसी तरह का विरोध ना करें और मुआवजा लेकर हट जाएं। ऐसी धमकियों से कचरी के किसानों का आक्रोश और बढ़ता जा रहा है। उधर, पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए किसानों के परिवार वालों से बुधवार को बीएसपी विधायक दीपक पटेल भी मिलने पहुंचे। हालांकि, गायब किसान लक्ष्मी नारायण शुक्ला का अभी तक पता नहीं चला है। लक्ष्मी नारायण के बेटे हेमंत ने बताया कि उसके पिता का मोबाइल बंद है। पुलिस वालों से पूछा गया तो वे कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। इससे कचरी का माहौल और गरमाता जा रहा है।
कचरी में भारी सुरक्षा बलों के बीच थर्मल पावर की बाउंड्री बनाई जा रही है। इससे वहां किसानों की खड़ी फसलों को रौंदा जा रहा है। बाउंड्री बनाने के दौरान हो रही खोदाई से अगल-बगल बने मकानों की नींव भी हिल जा रही है। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि बारिश में उनके मकान को झटका लग सकता है।
जिन किसानों की जमीन पर बाउंड्री बनाई जा रही है, उनका कहना है कि पूर्व डीएम संजय प्रसाद ने उनके परिवार से किसी एक सदस्य को नौकरी और उनके जमीन का पूरा मुआवजा दिए जाने का आश्वासन दिया था, लेकिन जिला प्रशासन ने बंजर जमीन और उपजाऊ जमीन दोनों का एक ही रेट पर मुआवजा दिया है। किसानों ने कहा कि जमीन चले जाने से उनके जीवन का संकट खड़ा हो जाएगा। जिला प्रशासन उन्हें लगातार अंधेरे में रखे है। बुधवार को इलाके में पीएसी और बढ़ा दी गई है। स्कूलों में बच्चों की संख्या कम हो गई है। प्रशासन की नाकेबंदी से महिलाओं और बच्चों में खौफ का माहौल बना है।
कचरी में थर्मल पावर के लिए बाउंड्री बनाए जाने के विरोध में इलाहाबाद हाईकोर्ट में रामचंद्र की अगुवाई में याचिका दायर करने वालों की पुलिस तलाशी कर रही है। हालांकि, याचिका दायर करने वाले गांव से बाहर हैं। वे कचरी नहीं जा रहे हैं। उनको आशंका है कि वे कचरी जाएंगे तो पुलिस उनको गिरफ्तार कर सकती है।