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कमरे मेें मृत मिला शिक्षक

Fri, 15 Jan 2016 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 15 Jan 2016 12:24 AM IST
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शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने उमेश चंद्र भारतीय (50) की बृहस्पतिवार को रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। सुबह बच्चे शिक्षक के कमरे पर ट्यूशन पढ़ने पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। बच्चों ने यह बात पड़ोसियों को बताई तो गांव के प्रधान और लालापुर पुलिस पहुंची। पुलिस से खबर पाकर परिवार के लोग भी रोते बिलखते वहां पहुंचे, फिर दरवाजा तोड़ा गया। कमरे में बिस्तर पर शिक्षक का शव पड़ा था। उनकी नाक से खून निकला  था। पुलिस को कमरे से 23 हजार रुपये और चार किलो मिठाई रखी मिली। यह मिठाई शिक्षक ने वेतन मिलने की खुशी में बच्चों को मिठाई बांटने के लिए खरीदी थी।
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फूलपुर में प्रतापपुर के पवरी बरिस्ता कला गांव निवासी उमेश चंद्र भारतीय शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने थे। सात महीने पहले उनकी नियुक्ति लालापुर के नगरवार गांव में हुई थी। वह गांव के ही भगौती प्रसाद के यहां किराए पर कमरा लेकर रहते थे। बुधवार को उमेश को वेतन मिला था। वह वेतन मिलने से काफी खुश थे। वह रात में अपने कमरे में सोए थे। बृहस्पतिवार सुबह बच्चे उमेश से ट्यूटशन पढ़ने पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। बच्चों ने काफी आवाज दी, लेकिन दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोस में रहने वाले लोगों को बताया।
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इस पर गांव के लोग पहुंचे। सूचना पाकर ग्राम प्रधान और लालापुर पुलिस पहुंची। सूचना पाकर शिक्षक का छोटा भाई और परिवार के अन्य लोग पहुंचे। दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर कमरे में चारपाई पर शिक्षक का शव पड़ा था। शिक्षक की मौत से घरवालों का रो रोकर हाल खराब था। उमेश पांच भाइयों में चौथे नंबर के थे।
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 पति के मौत की खबर सुनकर पत्नी रीना और बच्चों दिव्या और अतुल रोने बिलखने लगे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम में हार्टअटैक से मौत की बात सामने आने पर विसरा प्रिजर्व कर लिया गया है। शिक्षक के भाई अशोक चंद्र ने बताया कि उनके भाई हार्ट पेशेंट थे। ग्राम प्रधान नगरवार ने घटना की जानकारी एबीएसए सुमन केशरवानी को फोन पर दी, लेकिन मौके पर किसी शिक्षाधिकारी के न पहुंचने से ग्रामीणों में आक्रोश है।
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