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46 लाख रुपये हड़पने के फेर में हुई थी प्रापर्टी डीलर की हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Thu, 07 May 2015 11:43 PM IST
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मीरापुर के प्रापर्टी डीलर अजय पाल की हत्या जमीन के सौदे के चक्कर में हुई थी। क्राइम ब्रांच और कीडगंज पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस के गिरफ्त से दूर है। पकड़े गए आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया है।
एसएसपी वीपी श्रीवास्तव ने बताया कि मीरापुर के कारोबारी अजय पाल की 21 अप्रैल की रात बंधवा हनुमान मंदिर जाते समय गोली मारकर परेड ग्राउंड में हत्या कर दी गई थी। ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में कीडगंज पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम जुटी थी। सर्विलांस और पूछताछ के आधार पुलिस ने बुधवार रात रामबाग स्टेशन के पास से नया पुरवा शिवकुटी के सौरभ उर्फ बंटी पाल और मीरापुर के सचिन कनौजिया को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
आरोपियों के पास से दो तमंचा, कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है। पूछताछ में पकड़े गए बदमाशों ने बताया कि जार्जटाउन की एक जमीन का केयरटेकर अलोपीबाग का पुलकेश बनर्जी उर्फ पप्पू बंगाली उर्फ दादा है। पप्पू बंगाली ने जमीन का सौदा अजय पाल से 6 करोड़ में तय किया था। इसके पेशगी के तौर अजय ने पप्पू को 46 लाख रुपये का भुगतान कर चुका था। रजिस्ट्री होनी थी। इसी बीच पप्पू को दूसरे प्रापर्टी डीलर जमीन का एक करोड़ अधिक कीमत लगा दिया। इस पर पप्पू का माथा ठनका। उसने हाल ही जेल से छूटे अपने दोस्त सचिन कनौजिया से संपर्क किया और अजय पाल को ठिकाने लगाने की साजिश रची। सचिन ने सौरभ उर्फ बंटी को भी इसमें शामिल कर लिया। इस काम के बदले उन्हें 5लाख रुपये मिलने थे।
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21 अप्रैल को पूरे दिन अजय पाल का पीछा करते रहे। लेकिन कहीं मौका नहीं मिला। रात में जब अजय बंधवा हनुमान मंदिर जाने लगा तो उसके पीछे बाइक से लग गए। परेड ग्राउंड के अजय पाल को घेर पहली गोली सचिन अजय के पीठ में पीछे से मारी। अजय स्कूटी समेत गिर पड़ा तो बंटी ने दूसरी गोली सीने में सटाकर मारी। पुल्केश ने भी गोली मारी लेकिन फायर मिस हो गया। सचिन ने बताया कि वह एनडीपीएस एक्ट और छिनैती के मामले में नैनी जेल में बंद था। उसी दौरान धोखाधड़ी के मामले में पुलकेश भी नैनी जेल में बंद था।
जेल में पुलकेश और सचिन की गहरी दोस्ती हो गई थी। सचिन ने बताया कि बंटी उसके मोहल्ले में दोस्ती थी जिसके चलते उससे कई साल से गहरी दोस्ती थी। बंटी पर भी कई मुकदमे दर्ज हैं। सचिन 10 अप्रैल को जेल से जमानत पर छूटा है। एसएसपी ने बताया कि पुलकेश की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में शामिल एसआई विनोद कुमार सिंह, डॉ. संजय सिंह,सिपाही अशोक कुमार, संजय सिंह, जितेंद्र पाल सिंह, बालगोविंद और इंस्पेक्टर कीडगंज पीएन मिश्र, सिपाही राधेश्याम यादव, जियाउल रहमान को ढाई हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा किया है।
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एसएसपी वीपी श्रीवास्तव ने बताया कि मीरापुर के कारोबारी अजय पाल की 21 अप्रैल की रात बंधवा हनुमान मंदिर जाते समय गोली मारकर परेड ग्राउंड में हत्या कर दी गई थी। ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में कीडगंज पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम जुटी थी। सर्विलांस और पूछताछ के आधार पुलिस ने बुधवार रात रामबाग स्टेशन के पास से नया पुरवा शिवकुटी के सौरभ उर्फ बंटी पाल और मीरापुर के सचिन कनौजिया को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
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आरोपियों के पास से दो तमंचा, कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है। पूछताछ में पकड़े गए बदमाशों ने बताया कि जार्जटाउन की एक जमीन का केयरटेकर अलोपीबाग का पुलकेश बनर्जी उर्फ पप्पू बंगाली उर्फ दादा है। पप्पू बंगाली ने जमीन का सौदा अजय पाल से 6 करोड़ में तय किया था। इसके पेशगी के तौर अजय ने पप्पू को 46 लाख रुपये का भुगतान कर चुका था। रजिस्ट्री होनी थी। इसी बीच पप्पू को दूसरे प्रापर्टी डीलर जमीन का एक करोड़ अधिक कीमत लगा दिया। इस पर पप्पू का माथा ठनका। उसने हाल ही जेल से छूटे अपने दोस्त सचिन कनौजिया से संपर्क किया और अजय पाल को ठिकाने लगाने की साजिश रची। सचिन ने सौरभ उर्फ बंटी को भी इसमें शामिल कर लिया। इस काम के बदले उन्हें 5लाख रुपये मिलने थे।
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21 अप्रैल को पूरे दिन अजय पाल का पीछा करते रहे। लेकिन कहीं मौका नहीं मिला। रात में जब अजय बंधवा हनुमान मंदिर जाने लगा तो उसके पीछे बाइक से लग गए। परेड ग्राउंड के अजय पाल को घेर पहली गोली सचिन अजय के पीठ में पीछे से मारी। अजय स्कूटी समेत गिर पड़ा तो बंटी ने दूसरी गोली सीने में सटाकर मारी। पुल्केश ने भी गोली मारी लेकिन फायर मिस हो गया। सचिन ने बताया कि वह एनडीपीएस एक्ट और छिनैती के मामले में नैनी जेल में बंद था। उसी दौरान धोखाधड़ी के मामले में पुलकेश भी नैनी जेल में बंद था।
जेल में पुलकेश और सचिन की गहरी दोस्ती हो गई थी। सचिन ने बताया कि बंटी उसके मोहल्ले में दोस्ती थी जिसके चलते उससे कई साल से गहरी दोस्ती थी। बंटी पर भी कई मुकदमे दर्ज हैं। सचिन 10 अप्रैल को जेल से जमानत पर छूटा है। एसएसपी ने बताया कि पुलकेश की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में शामिल एसआई विनोद कुमार सिंह, डॉ. संजय सिंह,सिपाही अशोक कुमार, संजय सिंह, जितेंद्र पाल सिंह, बालगोविंद और इंस्पेक्टर कीडगंज पीएन मिश्र, सिपाही राधेश्याम यादव, जियाउल रहमान को ढाई हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा किया है।