{"_id":"b53b1e10ec07c89c2b8bc38cd501be2d","slug":"crime-in-allahabad-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीतल को सोना बताकर बेचने वाले तीन ठग आए फंदे में","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पीतल को सोना बताकर बेचने वाले तीन ठग आए फंदे में
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Fri, 12 Dec 2014 11:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सस्ते में कोई सोना बेचने की पेशकश करे तो सावधान हो जाएं। शहर में पीतल को खुदाई में मिला सोना बताकर बेचने वाला गिरोह सक्रिय है। एक गिरोह ने मलाकराज रामबाग के राजकिशोर को भी फांस लिया था। उनको असली सोने का एक टुकड़ा परखने के लिए देकर 3.5 किलो पीतल को सोने की आड़ में बेचने की तैयारी कर ली थी लेकिन राजकिशोर का माथा ठनका। उन्होंने एसओ जार्जटाउन विनोद यादव को खबर दी और गिरोह के लोगों को शुक्रवार को सीएमपी डिग्री कॉलेज के पास बुलाया। एसओ ने दो पुरुष और एक महिला को 3.5 किलो पीतल के गहनों को सोना बताकर बेचने के प्रयास में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस गिरोह के चार अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
पकड़े गए ठगों के नाम हैं गंगाराम भाट, धर्मू और उन्नाव के झोपड़पट्टी शुक्लागंज की दानी। गंगाराम और धर्मू गाजियाबाद के लालकुआं के रहने वाले हैं और चचेरे भाई हैं। 10 दिन पहले ही इलाहाबाद पहुंचे थे। अपने गिरोह अन्य सदस्यों के साथ सभी औद्योगिक क्षेत्र में किराए का मकान लेकर रहने लगे। शिकार की तलाश शुरू हुई और इसी क्रम में पांच दिन पूर्व गंगाराम, धर्मू और दानी की मुलाकात एमएनएनआईटी के एटीएम के पास पारे का शिवलिंग बनाने वाले मलाकराज के राजकिशोर से हुई। खुद को मजदूर बताकर सभी उनसे मिले। कहा कि खुदाई के दौरान उन्हें काफी सोना मिला है। साथ में उनकी मां और मामा भी थे। उनको जेवर दिखाए गए और परखने के लिए एक टुकड़ा दिया गया। ठगों ने राजकिशोर को अपना नंबर भी दिया।
जो टुकड़ा राजकिशोर को दिया गया था, वह 24 कैरेट सोने का निकला। इसके बाद राजकिशोर ने कई बार ठगों के नंबर पर कॉल की लेकिन संपर्क नहीं हो सका। 11 दिसंबर को उनके पास फोन आया। गंगाराम ने कहा कि आपने कुछ बताया नहीं। बातचीत के लिए दोपहर में परेड मैदान के पीपल के पेड़ के पास राजकिशोर ने तीनों को बुलाया। उनको सारे जेवर दिखाए गए। सौदा सात लाख रुपये में तय हुआ था लेकिन राजकिशोर को कुछ शक हुआ। उन्होंने जेवर से ही सोने का एक टुकड़ा लिया और कहा कि दो दिन बाद बात होगी।
विज्ञापन
जेवर से लिया गया सोना नकली निकला। राजकिशोर ने इसकी जानकारी एसओ जार्जटाउन विनोद यादव को दी। ठगों को घेरने की पूरी योजना बनी। शुक्रवार दोपहर में सीएमपी डिग्री कॉलेज के सामने पेट्रोल पंप पर तीनों को बुलाया गया। तीनों टेंपो से उतरे और राजकिशोर की ओर बढ़े। वहां मौजूद सादी वर्दी में तैनात पुलिस वालों ने उन्हें दबोच लिया। ठगों के पास 3.5 किलो पीतल के जेवर मिले हैं। रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
पहली बार इलाहाबाद आया गिरोह शहर में कई लोगों को ठग चुका है। सिविल लाइंस में ही तीन लाख रुपये लेकर दो लोगों को पीतल थमाने की बात सामने आई है। पुलिस ठगों से पूछताछ कर रही है। इस गिरोह के चार अन्य सदस्य लखनऊ और रायबरेली के हैं। चारों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
विज्ञापन
पकड़े गए ठगों के नाम हैं गंगाराम भाट, धर्मू और उन्नाव के झोपड़पट्टी शुक्लागंज की दानी। गंगाराम और धर्मू गाजियाबाद के लालकुआं के रहने वाले हैं और चचेरे भाई हैं। 10 दिन पहले ही इलाहाबाद पहुंचे थे। अपने गिरोह अन्य सदस्यों के साथ सभी औद्योगिक क्षेत्र में किराए का मकान लेकर रहने लगे। शिकार की तलाश शुरू हुई और इसी क्रम में पांच दिन पूर्व गंगाराम, धर्मू और दानी की मुलाकात एमएनएनआईटी के एटीएम के पास पारे का शिवलिंग बनाने वाले मलाकराज के राजकिशोर से हुई। खुद को मजदूर बताकर सभी उनसे मिले। कहा कि खुदाई के दौरान उन्हें काफी सोना मिला है। साथ में उनकी मां और मामा भी थे। उनको जेवर दिखाए गए और परखने के लिए एक टुकड़ा दिया गया। ठगों ने राजकिशोर को अपना नंबर भी दिया।
विज्ञापन
जो टुकड़ा राजकिशोर को दिया गया था, वह 24 कैरेट सोने का निकला। इसके बाद राजकिशोर ने कई बार ठगों के नंबर पर कॉल की लेकिन संपर्क नहीं हो सका। 11 दिसंबर को उनके पास फोन आया। गंगाराम ने कहा कि आपने कुछ बताया नहीं। बातचीत के लिए दोपहर में परेड मैदान के पीपल के पेड़ के पास राजकिशोर ने तीनों को बुलाया। उनको सारे जेवर दिखाए गए। सौदा सात लाख रुपये में तय हुआ था लेकिन राजकिशोर को कुछ शक हुआ। उन्होंने जेवर से ही सोने का एक टुकड़ा लिया और कहा कि दो दिन बाद बात होगी।
विज्ञापन
जेवर से लिया गया सोना नकली निकला। राजकिशोर ने इसकी जानकारी एसओ जार्जटाउन विनोद यादव को दी। ठगों को घेरने की पूरी योजना बनी। शुक्रवार दोपहर में सीएमपी डिग्री कॉलेज के सामने पेट्रोल पंप पर तीनों को बुलाया गया। तीनों टेंपो से उतरे और राजकिशोर की ओर बढ़े। वहां मौजूद सादी वर्दी में तैनात पुलिस वालों ने उन्हें दबोच लिया। ठगों के पास 3.5 किलो पीतल के जेवर मिले हैं। रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
पहली बार इलाहाबाद आया गिरोह शहर में कई लोगों को ठग चुका है। सिविल लाइंस में ही तीन लाख रुपये लेकर दो लोगों को पीतल थमाने की बात सामने आई है। पुलिस ठगों से पूछताछ कर रही है। इस गिरोह के चार अन्य सदस्य लखनऊ और रायबरेली के हैं। चारों की तलाश में दबिश दी जा रही है।