फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Counting of notes, the statement of the soldier who made the video today will be

नोट गिनने, वीडियो बनाने वाले सिपाही का आज होगा बयान

Wed, 25 Jul 2018 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Wed, 25 Jul 2018 01:53 AM IST
विज्ञापन
Counting of notes, the statement of the soldier who made the video today will be
Writ man video viral
कैंट स्थित आबकारी कॉलोनी में नोटों से भरा कुकर मिलने के मामले में अब तक सच्चाई सामने नहीं आ सकी है। पुलिस भी पसोपेश में है कि जब संबंधित अफसर ने खुद 25-30 लाख रुपये होने की बात बताई थी तो बाकी के रुपये कहां गए। फिलहाल मामले में आज उस सिपाही का बयान दर्ज किया जाएगा जिसने सबसे पहले नोटों की गिनती की थी, साथ ही मोबाइल से वीडियो भी बनाया था।
विज्ञापन


आबकारी विभाग में सहायक एल्कोहल टेक्नालॉजिस्ट के पद पर तैनात इंजीनियर दीपक रस्तोगी के सरकारी क्वार्टर के पीछे स्थित गैरेज में 21 जुलाई को नोटों से भरा कुकर मिला था। सूचना पर पहुंची पुलिस को केवल 7.93 लाख रुपये मिले थे। दीपक ने पुलिस को जो तहरीर दी थी उसमें कहा गया था कि कुकर में अनुमानत: 25-30 लाख रुपये थे। मामले की जांच सीओ और एसीएम कर रहे हैं। घटना के तीन दिन बाद भी यह नहीं पता चल सका है कि रुपये किसके थे और बाकी की रकम कौन ले गया। मामले में रविवार को ही दीपक का बयान दर्ज किया जा चुका है। फिलहाल बुधवार को उस सिपाही का बयान दर्ज किया जाना है जिसने सबसे पहले नोटों की गिनती की थी। दरअसल एक्साइज इंटेलीजेंस ब्यूरो के इसी सिपाही ने मौके पर पहुंचकर सबसे पहले नोटों की गिनती की थी। पुलिस को मिली तहरीर में भी इस बात का जिक्र है। इस संबंध में सीओ सिविल लाइंस श्रीश्चंद्र ने कुछ भी बताने से इंकार किया। उनका कहना था कि नियमानुसार जांच की जा रही है।
विज्ञापन


किसको बचाने की हो रही कोशिश
सूत्रों की मानें तो आबकारी विभाग के अफसरों की चुप्पी ने जांच टीम की मुश्किल बढ़ा दी है। उधर मौके पर मौजूद अफसर भी कुछ जानकारी न होने की बात बता रहे हैं। अफसरों की चुप्पी से कई तरह की चर्चाओं को भी बल मिल रहा है। दरअसल विभाग में ही अंदरखाने इस बात की भी चर्चा है कि किसी बड़े अफसर को बचाने के लिए ही मातहत मुंह नहीं खोल रहे हैं। वरना ऐसा कैसे हो सकता है कि इतनी भारी मात्रा में रकम कोई लेकर चला जाए और किसी को इसकी भनक तक न लग सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed