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हॉस्टल की आग में जल उठा शहर

Sat, 29 Apr 2017 02:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 29 Apr 2017 02:46 AM IST
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City burnt in the hostel fire
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में वॉश आउट की प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में जारी आंदोलन शुक्रवार को बवाल में तब्दील हो गया। हॉस्टल की आग में शहर का बड़ा हिस्सा जल उठा। जगह-जगह हुए पथराव, आगजनी, बमबाजी, फायरिंग, लाठीचार्ज में कई छात्र और सुरक्षा कर्मी घायल हो गए। कई सरकारी और निजी वाहन फूंक दिए गए। पुलिस के वाहनों को भी नहीं बख्शा गया और जमकर तोड़फोड़ हुई। हॉस्टलों के आसपास के इलाकों में चार घंटे तक तांडव होता रहा। सुरक्षा बलों और छात्रों के बीच गुरिल्ला युद्ध जैसे हालात रहे। स्थिति पर नियंत्रण के लिए सुरक्षा बलों को हॉस्टलों में घुसना पड़ा। वहां भी तोड़फोड़ हुई। पुलिस ने मामले में दो दर्जन से अधिक छात्रों को गिरफ्तार किया है। तनाव को देखते हुए हॉस्टलों के आसपास आरएएफ और पीएसी की तैनाती कर दी गई है।
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छात्रों ने भले ही बृहस्पतिवार को घोषणा की थी कि अब वॉश आउट नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उनकी लड़ाई होगी लेकिन कहीं न कहीं वॉश आउट की प्रस्तावित कार्रवाई चिंगारी बनकर सुलग रही थी, क्योंकि पूरा बवाल हॉस्टलों के इर्द-गिर्द ही मंडराता रहा। शुक्रवार सुबह बैंक रोड चौराहे के सामने विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के नेतृत्व में कार्य परिषद की बैठक शुरू हुई तो छात्रों ने गेस्ट हाउस को घेर लिया। छात्र अड़े थे कि वीसी से उनकी मुलाकात कराई जाए। छात्र उन्हें विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार के मसले पर 13 सूत्रीय ज्ञापन देना चाहते हैं। दोपहर ढाई बजे तक बात नहीं बनी तो पुलिस ने छात्रों को गेस्ट हाउस के गेट से हटाना शुरू कर दिया। छात्र नहीं माने तो पुलिस ने छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र, छात्र नेता अजीत यादव, शैलेंद्र मौर्या, दिग्विजय को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया और इसी के साथ हॉस्टलों के आसपास जगह-जगह बवाल शुरू हो गया।
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कचहरी रोड पर सिटी बस और एलनगंज में स्कूल बस फूंक दी गई। ताराचंद छात्रावास के पास एक शिक्षक की कार तोड़ दी गई और एक वाहन फूंक दिया गया। हिंदू हॉस्टल चौराहे पर भी निजी वाहनों में तोड़फोड़ की गई। पुलिस के वाहन भी क्षतिग्रस्त कर दिए गए। हॉलैंड हॉल पास और विज्ञान संकाय भी कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई। इस दौरान सुरक्षा बलाें और छात्रों ने एक-दूसरे पर जमकर पथराव किया। सुरक्षा बलों पर बम भी फेंके गए। हालात नियंत्रण से बाहर होेते देख आरएएफ और पीएसी के जवानों ने सीधे हॉस्टलों में धावा बोल दिया और जमकर लाठियां भांजी। बवाल थमने के बाद शाम को छात्रसंघ उपाध्यक्ष अदील हमजा, पूर्व अध्यक्ष ऋचा सिंह, दिनेश यादव, एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव विवेकानंद पाठक, विकास तिवारी, अखिलेश गुप्ता समेत अन्य छात्र पुलिस लाइन में अपने साथियों से मिलने पहुंचे तो उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया।
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‘आगजनी, तोड़फोड़, बमबाजी करने वाले इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विद्यार्थी नहीं, बल्कि उपद्रवी हैं। ऐसे उपद्रवियों से वीसी क्यों मिलेंगे? अवैध छात्र हॉस्टल नहीं छोड़ना चाहते हैं और अब हिंसात्मक  आंदोलन के जरिये दबाव बना रहे हैं। मेरी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से अपील है कि बाहरी लोगों के बहकावे में न आएं।’ प्रो. राम सेवक दुबे, चीफ प्रॉक्टर


‘बवाल करने वाले तकरीबन दो दर्जन छात्रों को पकड़ा गया है। अन्य उपद्रवियों को चिह्नित किया जा रहा है। ऐसे उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हॉस्टलों में एहतियातन फोर्स तैनात कर दी गई है। शनिवार को भी फोर्स तैनात रहेगी।’ शलभ माथुर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
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