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जज के बेटे समेत स्टाफ को संगम में डुबोने की कोशिश
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Updated Mon, 12 Nov 2018 01:44 AM IST
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crime
- फोटो : pexels.com
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बिहार मेें तैनात अपर जिला जज के बेटे व ड्राइवर समेत अन्य स्टाफ को संगम में डुबोकर मारने का प्रयास किया गया। किसी तरह उनकी जान बच सकी। जज की शिकायत पर दारागंज पुलिस ने अज्ञात नाविक के खिलाफ हत्या के प्रयास के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की। साथ ही 24 घंटे के भीतर उसे गिरफ्तार भी कर लिया।
राजकुमार वर्तमान में बिहार के बेतिया, चंपारण में अपर जिला जज के पद पर तैनात हैं। वह मूल रूप से दारागंज के बख्शीखुर्द के रहने वाले हैं। शनिवार शाम वह बेटे अक्षत व स्टाफ के साथ लेटे हनुमान के दर्शन को गए थे। दर्शन के बाद परिवार समेत वह गंगाजल लेने के लिए संगम पहुंचे। वहां झूंसी निवासी नाविक ने उनसे पहले पांच हजार रुपये मांगे, लेकिन बाद में 200 रुपये में तैयार हो गया। जज संगम तट पर खड़े रहे और परिवार व स्टाफ नाव से चल दिया। आरोप है कि नदी की मुख्य धारा में नाव ले जाने के बाद नाविक ने पांच हजार रुपये मांगे और बेटे व अन्य स्टाफ को डुबोने की कोशिश की। किसी तरह उन लोेगों ने जान बचाई, इस दौरान नाविक भाग निकला। सूचना मिलने पर दारागंज पुलिस पहुंच गई, लेकिन आरोपी नाव चालक का कुछ पता नहीं चला। इसके बाद जज ने थाने में तहरीर दी, जिसके आधार पर मुकदमा लिखा गया। रविवार देर रात संगम चौकी इंचार्ज आलोक पांडेय ने आरोपी नाविक को झूंसी से गिरफ्तार कर लिया। दारागंज इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने बताया कि आरोपी सेठलाल पुत्र बनवारी लाल झूंसी के नीबी का रहने वाला है। यह भी पता चला है कि झूंसी में अवैध शराब बेचने में वह पहले भी जेल भेजा जा चुका है।
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राजकुमार वर्तमान में बिहार के बेतिया, चंपारण में अपर जिला जज के पद पर तैनात हैं। वह मूल रूप से दारागंज के बख्शीखुर्द के रहने वाले हैं। शनिवार शाम वह बेटे अक्षत व स्टाफ के साथ लेटे हनुमान के दर्शन को गए थे। दर्शन के बाद परिवार समेत वह गंगाजल लेने के लिए संगम पहुंचे। वहां झूंसी निवासी नाविक ने उनसे पहले पांच हजार रुपये मांगे, लेकिन बाद में 200 रुपये में तैयार हो गया। जज संगम तट पर खड़े रहे और परिवार व स्टाफ नाव से चल दिया। आरोप है कि नदी की मुख्य धारा में नाव ले जाने के बाद नाविक ने पांच हजार रुपये मांगे और बेटे व अन्य स्टाफ को डुबोने की कोशिश की। किसी तरह उन लोेगों ने जान बचाई, इस दौरान नाविक भाग निकला। सूचना मिलने पर दारागंज पुलिस पहुंच गई, लेकिन आरोपी नाव चालक का कुछ पता नहीं चला। इसके बाद जज ने थाने में तहरीर दी, जिसके आधार पर मुकदमा लिखा गया। रविवार देर रात संगम चौकी इंचार्ज आलोक पांडेय ने आरोपी नाविक को झूंसी से गिरफ्तार कर लिया। दारागंज इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने बताया कि आरोपी सेठलाल पुत्र बनवारी लाल झूंसी के नीबी का रहने वाला है। यह भी पता चला है कि झूंसी में अवैध शराब बेचने में वह पहले भी जेल भेजा जा चुका है।
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