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शियाट्स बवाल बना अतीक के लिए मुसीबत

Sun, 12 Feb 2017 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 12 Feb 2017 01:58 AM IST
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Atiq make trouble for organically Siats
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
शियाट्स का बवाल बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद के लिए मुसीबत बन गया। घटना के तकरीबन दो माह बाद आखिरकार उन्हें जेल जाना ही पड़ा। शियाट्स में डेयरी डिपार्टमेंट के दो छात्रों मो.सैफ और शाकिब को निलंबित कर दिया गया था। उन दोनों का निलंबन वापस लेने के लिए 14 दिसंबर को शियाट्स में अतीक समर्थकों के साथ पहुंच थे। समर्थकों ने वहां बवाल काट दिया। मामले में अतीक समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले के तूल पकड़ने पर ही अतीक का कानपुर कैंट से सपा ने टिकट भी काट दिया और वह चुनाव मैदान से बाहर हो गए।
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डेयरी डिर्पाटमेंट के छात्र मो.सैफ और शाकिब पर एसोसिएट प्रोफेसर तेजस जैकब पर कातिलाना हमले का आरोप है। उन दोनों के साथ कई लोगों पर हत्या के प्रयास का मुकदमा कराया गया था। मामले को शियाट्स प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए दोनों छात्रों को पांच नवंबर को निलंबित कर दिया था। जिस पर अतीक की नाराजगी शियाट्स को झेलनी पड़ी थी। बताया जाता है कि मो.सैफ अतीक के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता है। ऐसे में अतीक ने दोनों छात्रों को माफ करने के लिए सिफारिश की थी, मगर उनकी नहीं सुनी गई। कर्मचारियों का कहना है कि इसी वजह से तैश में आकर 14 दिसंबर को काफिला लेकर अतीक जैसे ही शियाट्स गेट से अंदर घुसे एक-एक कर गुर्गे उतरने लगे। असलहाधारी गुर्गों को सुरक्षा कर्मियों ने रोकने की कोशिश की तो उनकी पिटाई शुरू कर दी गई। इसके बाद निदेशक प्रशासन के कार्यालय तक कोई भी विरोध की हिम्मत नहीं जुटा सका था।
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पूर्व सांसद अतीक अहमद अपने गुर्गों के साथ शियाट्स में निदेशक प्रशासन प्रो.विनोद बी लाल के कार्यालय पहुंचे। कार्यालय में ताला बंद था। अतीक ने ताला खुलवाया इसके बाद अंदर जाकर बैठ गए। साथ आए गुर्गों ने गालीगलौज शुरू कर रखी थी। वहां जो भी कर्मचारी था, उसे पीटा जा रहा था। जानकारी पर मीडिया प्रभारी डा.रमाकांत दुबे और सुरक्षा अधिकारी एसबी सिंह अतीक के पास पहुंचे। दोनों को वहां पीटा गया। डेयरी डिपार्टमेंट में एसोसिएट प्रोफेसर तेजस जैकब के अपहरण का प्रयास किया गया। उन्हें अतीक के गुर्गों ने असलहा सटाकर पीटा। उनसे टैब लूट लिया गया। हालांकि, भीड़ बढ़ने पर तेजस को छोड़कर हमलावर भाग निकले। अतीक के जाने के बाद पुलिस पहुंची। मीडिया प्रभारी डॉ. रमाकांत दुबे ने पूर्व सांसद अतीक, निष्कासित छात्र मो.सैफ समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर नैनी कोतवाली में दी थी। जिस पर पुलिस ने धारा 147, 148, 149, 323, 504, 506 और सात सीएल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
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