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अपराधियों के मददगार हैं कारखास सिपाही

Wed, 13 Jan 2016 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद Updated Wed, 13 Jan 2016 11:33 PM IST
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डीजीपी के आदेश के बावजूद दो सिपाहियों को निलंबित करने के सिवाय बाकी थानों में तैनात कारखास सिपाहियों पर अब तक कार्रवाई नहीं की जा सकी है। थानेदारों के ये कारखास सिपाही अपराधियों के मददगार बनकर अपराध को बढ़ावा दे रहे हैं। जुआ और सट्टा के अड्डे चलवाने के साथ ही नशा विक्रेताओं से उनकी साठगांठ शहर की जनता के लिए मुसीबत का सबब बनी है। इस बारे में अफसरों तक शिकायत पहुंचती है लेकिन नेताओं के दबाव में उन सिपाहियों को हटाया नहीं जा रहा। नतीजा यह कि चोरी-छिनैती जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं।
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सभी थानेदार किसी एक सिपाही को अपना कारखास बनाकर रखते हैं। वही सिपाही इलाके में सभी तरह की धन उगाही करता है। पैसों के लालच में थानेदार उनके इशारों पर नाचते हैं। ऐेसे में बेलगाम कारखास सिपाही अवैध कमाई बढ़ाने के लिए इलाके में जुए और सट्टे के कई अड्डे चलवाते हैं। यह तथ्य कई बार सामने आया है कि जुआ-सट्टा में हारने वाले लोग चोरी-छिनैती करते हैं। यूं कारखास सिपाही अपराध को बढ़ावा देते हैं।
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 मौजूदा समय में सट्टे के सबसे बड़े अड्डे सिविल लाइंस, धूमनगंज, कर्नलगंज में चल रहे हैं जबकि जुआ जार्जटाउन, मुट्ठीगंज, कीडगंज में खूब हो रहा है। इन दोनों थाना क्षेत्रों में स्मैक सहित अन्य नशा करोबारियों ने कारखास सिपाहियों के बूते गढ़ बना रखा है। गऊघाट, नई बस्ती चौखंडी सहित नशेड़ी आए दिन आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते हैं। वाटर लिफ्टिंग पंप और साइकिल समेत अन्य घरेलू सामान पलक झपकते गायब किए जा रहे हैं। पुलिस इन घटनाओं की एफआईआर भी नहीं दर्ज करती है।
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सिविल लाइंस में वाल्मीकि चौराहा के निकट बलईपुर रेलवे कॉलोनी में सुबह से देर शाम तक सटोरियों का जमघट लगा रहता है लेकिन कारखास सिपाही का हाथ होने से पुलिस की शह है। सट्टे और जुआ के अड्डों से रोज एक थाने को पांच से दस हजार रुपये मिलते हैं।


 डीजीपी के आदेश के बावजूद अगर एसएसपी इन कारखास सिपाहियों को नहीं हटा पा रहे हैं तो समझा जा सकता है कि नियम-कानून सिर्फ कहने के लिए हैं। पुलिस विभाग में चर्चा है कि साहबों से बड़े बंगले तो इन कारखास सिपाहियों के हैं, जो हर महीने लाखों रुपये अवैध उगाही के जरिए घर ले जाते हैं। इस पर एसएसपी केएस इमैनुएल का कहना है कि इस बाबत नैनी थाने के दो सिपाही निलंबित किए गए हैं। बाकी ऐसे सिपाही भी जल्द हटाए जाएंगे।
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