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परीक्षा केंद्र में घुसे गुंडों ने थानेदार पर किया पथराव
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 19 Feb 2016 12:26 AM IST
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बोर्ड परीक्षा के पहले दिन पहली पाली में ही सरायइनायत इलाके में ककरा दुबावल स्थित परीक्षा केंद्र में गुंडई की हद हो गई। तमंचा लेकर तीन बदमाश परीक्षा केंद्र में जबरन घुसे और विरोध पर प्रधानाचार्य, शिक्षकों, चपरासी के साथ ही सिपाहियों को भी धमकाया। छात्रों पर फब्तियां कसीं। एक छात्र से परचा छीनकर स्कूल के बाहर फेंक दिया। सिपाहियों से खबर पाकर पहुंचे थानाध्यक्ष सरायइनायत पर भी पथराव कर दिया। इतनी गुंडई के बावजूद पुलिस बदमाशों को पकड़ नहीं सकी। आलम यह कि दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान भी यही गुंडे स्कूल के बाहर दिखे।
यह घटना है ककरा दुबावल स्थित महर्षि दुर्वासा इंटर कॉलेज की। बृहस्पतिवार सुबह की पाली में हाईस्कूल बोर्ड की परीक्षा चल रही थी। वहां दो सिपाहियों की ड्यूटी थी लेकिन वे आए साढ़े आठ बजे। तब तक वहां नकल कराने वालों का मजमा लग गया था। तभी उसी गांव के विकास समेत तीन गुंडे आए। विकास के बारे में बताया गया कि वह तमंचा खोंसे था। सिपाहियों के सामने वे तीनों स्कूल के गेट के पास पहुंचे और अंदर जाने से रोकने पर चपरासी अच्युतानंद को धमकाते हुए धकेल दिया। भीतर घुसने पर इन तीनों को प्रधानाचार्य डॉ.लवकुश सिंह और शिक्षकों ने रोका तो उन्हें भी गुंडों ने बुरा-भला कहते हुए गोली मारने की धमकी दी।
वे तीनों टहलते हुए उस तरफ गए जहां छात्राएं परीक्षा दे रही थीं। छात्राओं पर फब्तियां कसीं और अश्लील इशारे किए। फिर एक छात्र से परचा छीनकर छत पर जाकर बाहर फेंक दिया। प्रधानाचार्य के बुलाने पर दोनों सिपाही अंदर आए तो गुंडों ने उनसे भी गालीगलौज कर दी। सिपाहियों से खबर पाकर थानाध्यक्ष सरायइनायत अमित मिश्रा पहुंच गए। तब तक वे तीनों कॉलेज के पीछे चले गए थे। थानेदार के उधर जाते ही गुंडों ने ईंट-पत्थर चला दिए। ऐसे में फोर्स की कमी के कारण थानेदार को रुकना पड़ा। पुलिस गुंडों को पकड़े बगैर लौट गई। बेखौफ अपराधी दूसरी पाली में भी स्कूल के सामने टहलते रहे। पिछले साल भी विकास सेक्टर मजिस्ट्रेट के सामने तमंचा लेकर इसी स्कूल में घुसा था। तब उसके खिलाफ मुकदमा लिखा गया था।
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गांव में भी वह कई बार फायरिंग कर चुका है लेकिन पुलिस ध्यान नहीं देती। इसी वजह से वह इस कदर गुंडई कर रहा है। इन्हीं अराजक तत्वों के चलते प्रधानाचार्य ने पत्र लिखकर अपने स्कूल को परीक्षा केंद्र नहीं बनाने की मांग की थी। इस घटना के बाद प्रधानाचार्य (केंद्र व्यवस्थापक) डॉ.लवकुश सिंह और थानाध्यक्ष ने पहली पारी की परीक्षा निरस्त करने के लिए लिखा है।
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यह घटना है ककरा दुबावल स्थित महर्षि दुर्वासा इंटर कॉलेज की। बृहस्पतिवार सुबह की पाली में हाईस्कूल बोर्ड की परीक्षा चल रही थी। वहां दो सिपाहियों की ड्यूटी थी लेकिन वे आए साढ़े आठ बजे। तब तक वहां नकल कराने वालों का मजमा लग गया था। तभी उसी गांव के विकास समेत तीन गुंडे आए। विकास के बारे में बताया गया कि वह तमंचा खोंसे था। सिपाहियों के सामने वे तीनों स्कूल के गेट के पास पहुंचे और अंदर जाने से रोकने पर चपरासी अच्युतानंद को धमकाते हुए धकेल दिया। भीतर घुसने पर इन तीनों को प्रधानाचार्य डॉ.लवकुश सिंह और शिक्षकों ने रोका तो उन्हें भी गुंडों ने बुरा-भला कहते हुए गोली मारने की धमकी दी।
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वे तीनों टहलते हुए उस तरफ गए जहां छात्राएं परीक्षा दे रही थीं। छात्राओं पर फब्तियां कसीं और अश्लील इशारे किए। फिर एक छात्र से परचा छीनकर छत पर जाकर बाहर फेंक दिया। प्रधानाचार्य के बुलाने पर दोनों सिपाही अंदर आए तो गुंडों ने उनसे भी गालीगलौज कर दी। सिपाहियों से खबर पाकर थानाध्यक्ष सरायइनायत अमित मिश्रा पहुंच गए। तब तक वे तीनों कॉलेज के पीछे चले गए थे। थानेदार के उधर जाते ही गुंडों ने ईंट-पत्थर चला दिए। ऐसे में फोर्स की कमी के कारण थानेदार को रुकना पड़ा। पुलिस गुंडों को पकड़े बगैर लौट गई। बेखौफ अपराधी दूसरी पाली में भी स्कूल के सामने टहलते रहे। पिछले साल भी विकास सेक्टर मजिस्ट्रेट के सामने तमंचा लेकर इसी स्कूल में घुसा था। तब उसके खिलाफ मुकदमा लिखा गया था।
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गांव में भी वह कई बार फायरिंग कर चुका है लेकिन पुलिस ध्यान नहीं देती। इसी वजह से वह इस कदर गुंडई कर रहा है। इन्हीं अराजक तत्वों के चलते प्रधानाचार्य ने पत्र लिखकर अपने स्कूल को परीक्षा केंद्र नहीं बनाने की मांग की थी। इस घटना के बाद प्रधानाचार्य (केंद्र व्यवस्थापक) डॉ.लवकुश सिंह और थानाध्यक्ष ने पहली पारी की परीक्षा निरस्त करने के लिए लिखा है।