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विधायकों ने पुलिस की मदद से किया अपहरण
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 12 Feb 2016 01:57 AM IST
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बहादुरपुर ब्लाक के निर्दलीय उम्मीदवार अरुणेंद्र यादव उर्फ डब्बू के
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समर्थन वाले बीडीसी सदस्यों को शिरडी में साई धाम से लौटते वक्त मंगलवार को
सतना में बस से उतारकर अगवा कर लिया गया था। अगवा होने वाले बीडीसी
सदस्यों में डब्बू के सगे भाई चंद्रजीत यादव और चाचा ज्ञानचंद्र भी शामिल
थे।
उनका आरोप है कि बस सतना के उचेहरा इलाके में पहुंची तभी सपा के हंडिया विधायक प्रशांत सिंह और फूलपुर विधायक सईद अहमद ने अपने करीबियों रविचंद्र, भूपेंद्र सिंह, राजू सिंह, माला सिंह वैभव सिंह, पप्पू चंदेल, सरकारी गनर तथा करीब बीस अन्य लोगों के साथ आठ फोर व्हीलर गाड़ियों में आकर बस रोक ली। उनके साथ हनुमानगंज चौकी प्रभारी संजय सिंह और सिपाही जुनैद खां तथा महेंद्र भी थे।
चंद्रजीत के मुताबिक, उनके समेत सभी बीडीसी सदस्यों को असलहे सटाकर मारते-पीटते और गाली देते हुए बस से उतारकर गाड़ियों में बैठाया गया। उन्हें गाजीपुर जनपद के सैदपुर में ले जाकर बंधक बना लिया गया। उनसे कहा गया कि राजकुमार उर्फ रिंकू सिंह की जीत के लिए उन्हें बंधक बनाया गया है ताकि वे डब्बू के लिए बुधवार को वोट नहीं दे सकें।
ब्लाक प्रमुख पद पर राजकुमार की जीत के बाद उन सबको बुधवार शाम वाराणसी में हाइवे पर लाकर छोड़ा गया तब वे रात में किसी तरह सरायइनायत थाने पहुंचे। चंद्रजीत की तहरीर पर सरायइनायत थाने में विधायक प्रशांत सिंह, सईद अहमद, दरोगा संजय सिंह, दो सिपाहियों समेत 11 लोगों को नामजद करते हुए 20 अज्ञात के खिलाफ अपहरण, मारपीट, धमकी, गालीगलौज, बलवा, हत्या की कोशिश की धारा में मुकदमा लिखा गया। एसएसपी का कहना है कि दरोगा और सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। जांच के बाद बाकी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विधायकों के सरकारी गनरों से भी घटना के बारे में पूछताछ की जाएगी।
बहादुरपुर ब्लाक में प्रमुख पद के चुनाव के दौरान हुए उपद्रव में थानाध्यक्ष सरायइनायत विजय यादव की तहरीर पर नामजद लोगों में महेंद्र कुमार, अजय कुमार दुबे, गणेश यादव, विवेक कुमार, मुलायम सिंह, जीतेंद्र कुमार, जबर यादव, लालचंद्र यादव, शिवमिलन यादव, जगन यादव, कुक्कू यादव, मानवेंद्र सिंह, अमित सिंह, चंदन सिंह, अभिनंदन, रामराज सिंह, शिवपाल, राम सिंह बिंद, बलीकरन बिंद, अनिकेश कुमार सिंह, अजय यादव, सोनू उर्फ छुट्टन गिरि शामिल हैं। छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
बहादुरपुर ब्लाक के निकट बुधवार दोपहर ब्लाक प्रमुख उम्मीदवार राजकुमार सिंह और अरुणेंद्र उर्फ डब्बू के समर्थकों के बीच टकराव के दौरान फायरिंग में गोली लगने से मृत डुबकी कला गांव हंडिया निवासी देवेंद्र सिंह उर्फ डब्बू के छोटे भाई शिवेंद्र सिंह की तरफ से केस लिखा गया है। सरायइनायत थाने में शिवेंद्र की तहरीर पर खपहिटा सैदाबाद के वीरेंद्र सिंह उर्फ पंकज के खिलाफ कत्ल का मुकदमा लिखा गया। हालांकि अब तक कत्ल का कारण साफ नहीं हो सका। पुलिस का तो कहना है कि मारने वाले वीरेंद्र और मृतक देवेंद्र उर्फ बब्बू तो राजकुमार के समर्तकों में शामिल थे। वीरेंद्र ने लापरवाही से फायरिंग की जिससे गोली बब्बू के सीने में जा धंसी।
अगर शिरडी से लौटते वक्त सतना में ब्लाक प्रमुख पद के निर्दलीय प्रत्याशी रहे अरुणेंद्र उर्फ डब्बू के पक्ष के 28 बीडीसी सदस्यों के अपहरण का आरोप सही माना जाए तो यह सरासर सरकारी मशीनरी और सत्तापक्ष की मनमानी का मामला नजर आता है। आरोप है कि अपहरण में दो सपा विधायक प्रशांत सिंह और सईद अहमद के साथ दरोगा और सिपाही भी शामिल थे। सपा विधायकों को सुरक्षा की खातिर मिले सरकारी गनर भी कारबाइन सटाकर बीडीसी सदस्यों को अगवा करने में शामिल रहे। एसएसपी केएस इमेनुएल ने कहा है कि सरकारी गनरों से पूछताछ की जाएगी। उन्हें भी निलंबित किया जाएगा। एसपी गंगापार दिगंबर कुशवाहा को इस पूरे मसले की छानबीन सौंपी गई है।
बहादुरपुर ब्लाक प्रमुख चुनाव के दौरान हुए भारी बवाल पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य मुकुंद तिवारी ने कहा है कि इस घटना ने कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है। सत्तापक्ष के आगे सरकारी अधिकारी एजेंट की भूमिका में रहे। सपा समर्थित प्रत्याशी को जिताने के लिए सरकारी मशीनरी का बेजा इस्तेमाल किया गया। उन्होंने राज्यपाल से मांग की है कि इस घटना की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाए। उन्होंने पीड़ित परिवार को बीस लाख रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी की भी मांग की है। बैठक में दीपचंद्र शर्मा, तारिक सईद अज्जू, हरदेव सिंह, विजय निषाद, अफरोज अहमद, अनिल प्रजापति, अजीत कुशवाहा, राजाराम कनौजिया आदि मौजूद रहे।
उनका आरोप है कि बस सतना के उचेहरा इलाके में पहुंची तभी सपा के हंडिया विधायक प्रशांत सिंह और फूलपुर विधायक सईद अहमद ने अपने करीबियों रविचंद्र, भूपेंद्र सिंह, राजू सिंह, माला सिंह वैभव सिंह, पप्पू चंदेल, सरकारी गनर तथा करीब बीस अन्य लोगों के साथ आठ फोर व्हीलर गाड़ियों में आकर बस रोक ली। उनके साथ हनुमानगंज चौकी प्रभारी संजय सिंह और सिपाही जुनैद खां तथा महेंद्र भी थे।
चंद्रजीत के मुताबिक, उनके समेत सभी बीडीसी सदस्यों को असलहे सटाकर मारते-पीटते और गाली देते हुए बस से उतारकर गाड़ियों में बैठाया गया। उन्हें गाजीपुर जनपद के सैदपुर में ले जाकर बंधक बना लिया गया। उनसे कहा गया कि राजकुमार उर्फ रिंकू सिंह की जीत के लिए उन्हें बंधक बनाया गया है ताकि वे डब्बू के लिए बुधवार को वोट नहीं दे सकें।
ब्लाक प्रमुख पद पर राजकुमार की जीत के बाद उन सबको बुधवार शाम वाराणसी में हाइवे पर लाकर छोड़ा गया तब वे रात में किसी तरह सरायइनायत थाने पहुंचे। चंद्रजीत की तहरीर पर सरायइनायत थाने में विधायक प्रशांत सिंह, सईद अहमद, दरोगा संजय सिंह, दो सिपाहियों समेत 11 लोगों को नामजद करते हुए 20 अज्ञात के खिलाफ अपहरण, मारपीट, धमकी, गालीगलौज, बलवा, हत्या की कोशिश की धारा में मुकदमा लिखा गया। एसएसपी का कहना है कि दरोगा और सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। जांच के बाद बाकी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विधायकों के सरकारी गनरों से भी घटना के बारे में पूछताछ की जाएगी।
बहादुरपुर ब्लाक में प्रमुख पद के चुनाव के दौरान हुए उपद्रव में थानाध्यक्ष सरायइनायत विजय यादव की तहरीर पर नामजद लोगों में महेंद्र कुमार, अजय कुमार दुबे, गणेश यादव, विवेक कुमार, मुलायम सिंह, जीतेंद्र कुमार, जबर यादव, लालचंद्र यादव, शिवमिलन यादव, जगन यादव, कुक्कू यादव, मानवेंद्र सिंह, अमित सिंह, चंदन सिंह, अभिनंदन, रामराज सिंह, शिवपाल, राम सिंह बिंद, बलीकरन बिंद, अनिकेश कुमार सिंह, अजय यादव, सोनू उर्फ छुट्टन गिरि शामिल हैं। छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
बहादुरपुर ब्लाक के निकट बुधवार दोपहर ब्लाक प्रमुख उम्मीदवार राजकुमार सिंह और अरुणेंद्र उर्फ डब्बू के समर्थकों के बीच टकराव के दौरान फायरिंग में गोली लगने से मृत डुबकी कला गांव हंडिया निवासी देवेंद्र सिंह उर्फ डब्बू के छोटे भाई शिवेंद्र सिंह की तरफ से केस लिखा गया है। सरायइनायत थाने में शिवेंद्र की तहरीर पर खपहिटा सैदाबाद के वीरेंद्र सिंह उर्फ पंकज के खिलाफ कत्ल का मुकदमा लिखा गया। हालांकि अब तक कत्ल का कारण साफ नहीं हो सका। पुलिस का तो कहना है कि मारने वाले वीरेंद्र और मृतक देवेंद्र उर्फ बब्बू तो राजकुमार के समर्तकों में शामिल थे। वीरेंद्र ने लापरवाही से फायरिंग की जिससे गोली बब्बू के सीने में जा धंसी।
अगर शिरडी से लौटते वक्त सतना में ब्लाक प्रमुख पद के निर्दलीय प्रत्याशी रहे अरुणेंद्र उर्फ डब्बू के पक्ष के 28 बीडीसी सदस्यों के अपहरण का आरोप सही माना जाए तो यह सरासर सरकारी मशीनरी और सत्तापक्ष की मनमानी का मामला नजर आता है। आरोप है कि अपहरण में दो सपा विधायक प्रशांत सिंह और सईद अहमद के साथ दरोगा और सिपाही भी शामिल थे। सपा विधायकों को सुरक्षा की खातिर मिले सरकारी गनर भी कारबाइन सटाकर बीडीसी सदस्यों को अगवा करने में शामिल रहे। एसएसपी केएस इमेनुएल ने कहा है कि सरकारी गनरों से पूछताछ की जाएगी। उन्हें भी निलंबित किया जाएगा। एसपी गंगापार दिगंबर कुशवाहा को इस पूरे मसले की छानबीन सौंपी गई है।
बहादुरपुर ब्लाक प्रमुख चुनाव के दौरान हुए भारी बवाल पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य मुकुंद तिवारी ने कहा है कि इस घटना ने कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है। सत्तापक्ष के आगे सरकारी अधिकारी एजेंट की भूमिका में रहे। सपा समर्थित प्रत्याशी को जिताने के लिए सरकारी मशीनरी का बेजा इस्तेमाल किया गया। उन्होंने राज्यपाल से मांग की है कि इस घटना की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाए। उन्होंने पीड़ित परिवार को बीस लाख रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी की भी मांग की है। बैठक में दीपचंद्र शर्मा, तारिक सईद अज्जू, हरदेव सिंह, विजय निषाद, अफरोज अहमद, अनिल प्रजापति, अजीत कुशवाहा, राजाराम कनौजिया आदि मौजूद रहे।