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हादसा नहीं सुनियोजित साजिश का नतीजा थी पति की मौत

Sun, 27 May 2018 02:08 AM IST
Updated Sun, 27 May 2018 02:08 AM IST
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हादसा नहीं सुनियोजित साजिश का नतीजा थी पति की मौत
हादसा नहीं, सुनियोजित साजिश का नतीजा थी पति की मौत
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संदिग्ध हाल में मृत पाए गए वरिष्ठ लिपिक की पत्नी ने लगाया आरोप

अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। ‘मेरे पति की मौत किसी हादसे में नहीं हुई, सुनियोजित साजिश रचकर उनकी हत्या की गई। पुलिस ने भी पिंड छुड़ाने के लिए इसे हादसा बताकर मामले की जांच करने की जरूरत नहीं समझी।’ यह आरोप पीएनपी कार्यालय में तैनात रहे वरिष्ठ लिपिक रामचंद्र पटेल की पत्नी रामकुमारी ने लगाया है। उन्होंने पुलिस पर जानबूझकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत सीएम से की है। साथ ही एसपी क्राइम या सीबीसीआईडी से जांच कराने की मांग की है।

धूमनगंज के अबूबकरपुर निवासी रामचंद्र पटेल परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में बतौर वरिष्ठ लिपिक तैनात थे। पत्नी रामकुमारी ने बताया कि कार्यालय संबंधी काम के संबंध में वह 13 को रामपुर और फिर 15 को लखनऊ गए थे। उस दिन शिक्षा विभाग के कुछ कर्मचारी लखनऊ में आयोजित धरना प्रदर्शन में शामिल होने गए थे। शाम सात बजे उन्होंने बेटे को फोन कर बताया था कि वह रात तक घर पहुंच जाएंगे। हालांकि वह नहीं आए और सुबह 6.30 बजे बेटे सचिन के फोन करने पर सोरांव पुलिस ने बताया कि तुम्हारे पिता का एक्सीडेंट हो गयाहै। कुछ देर बाद पुलिस ने बताया कि उनकी मौत हो चुकीहै। आरोप है कि शव को देखने से साफ था कि उनकी हत्या की गई। इसके बावजूद पुलिस ने किसी तरह की जांच नहीं कीगई। आरोप यह भी है कि जिन व्यक्तियों के साथ उनके पति लौट रहे थे, उन्होंने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उन्होंने रामचंद्र को लोकसेवा आयोग गेट के पास रात दो बजे छोड़ा था। लेकिन वह शहर से लगभग 22 किमी दूर लखनऊ मार्ग पर सेवईत स्टेशन के पास गंभीर रूप से जख्मी हाल में मिले थे। यह इसलिए और संदेह पैदा करता है क्योंकि लोकसेवा आयोग से उनके घर जाने के लिए वाहन हाईकोर्ट पानी की टंकी के पास मिलता है। महिला ने मामले की शिकायत पत्र भेजकर सीएम समेत तमाम आलाअधिकारियों से की है। साथ ही मांग की है जांच क्राइम ब्रांच या सीबीसीआईडी से कराई जाए।
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