फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   शिवकुटी में बंदरों का आतंक, 12 को काटा

शिवकुटी में बंदरों का आतंक, 12 को काटा

Fri, 08 Dec 2017 01:18 AM IST
Updated Fri, 08 Dec 2017 01:18 AM IST
विज्ञापन
शिवकुटी में बंदरों का आतंक, 12 को काटा
शिवकुटी में बंदरों का आतंक, 12 को काटा
विज्ञापन

- चार दिन से कर रहे हमला, कई को मार चुके हैं पंजा
- रात में दुबक कर बैठते हैं दरवाजे के बाहर, निकलते ही मारते है झपट्टा
- वन विभाग की डीएफओ और निगम के पशुधन अधिकारी से शिकायत
इलाहाबाद। शिवकुटी में बंदरों का इन दिनों आतंक है। पांच-पांच के झुंड में घूम रहे ये बंदर लोगों पर हमला कर रहे हैं। अब तक कटखने बंदर दो महिलाओं समेत 12 लोगों को काट चुके हैं। कई लोगों को पंजा मारकर घायल करने वाले बंदरों से लोग परेशान हैं। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत वन विभाग की डीएफओ और नगर निगम के पशुधन अधिकारी से की है। स्थानीय पार्षद ने शासन को भी लोगों की परेशानी से अवगत करा दी है।
फाफामऊ पर रेल यात्रियों के लिए मुसीबत बने बंदरों के झुंड इन दिनों शिवकुटी इलाके के घूम रहे हैं। शशी रानी स्कूल से पीएन भट्ट स्कूल की गली और आसपास के इलाकों में शनिवार से आक्रमक हुए बंदरों ने लोगों पर झुंड में हमला करना शुरू किया। अब तक एक दर्जन से अधिक लोगों को काट चुके बंदरों से बचने के लिए लोग सुबह घरों को दरवाजा खोलने से कतरा रहे हैं। पहले खिड़की खोलकर देखते हैं कि बंदर तो नहीं हैं, तब लोग बाहर निकलने की हिम्मत जुटाते हैं। भुक्तभोगी शिवाकांत पंडित, बबलू, राजू, एनआर वर्मा, नन्हा भट्ट और गृहणी रीता समेत कई अन्य लोगों को बंदरों ने काटकर घायल कर दिया है। इन लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। वहीं ऐसे लोगों की संख्या भी अधिक है, जो बंदरों के काटने से बचे लेकिन पंजों के निशान उनके चेहरे और शरीर पर देखे जा सकते हैं। लोगों का कहना है कि अब तो दोपहर में धूप देखना और सेंकना मुश्किल हो रहा है। परेशान लोगों ने बंदरों से निजात की गुहार लगाई है।
विज्ञापन

नवनिर्वाचित पार्षद कमलेश तिवारी ने लोगों की शिकायतों का संज्ञान लेकर डीएफओ दिव्या और पशुधन अधिकारी डॉ. धीरज गोयल से कटखने बंदरों को पकड़वाने की गुहार लगाई है। वहीं उन्होंने शासन को भी लोगों की परेशानी से अवगत करा दिया है। डीएफओ दिव्या ने बताया कि बंदरों को पकड़ने के लिए टीम भेजने की व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही लोगों को इस परेशानी से निजात दिलाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed