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युवक को डंपर ने रौंदा, चक्काजाम, डंपर फूंका
Updated Wed, 28 Jun 2017 08:51 PM IST
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युवक की मौत पर डंपर फूंका, शव रखकर जाम
0 बाइक पर ननद-भाभी को छोड़ने जा रहा था तभी डंपर ने मारी टक्कर, गांव वालों ने तोड़फोड़ कर आग लगाई
अमर उजाला ब्यूरो
मेजा (इलाहाबाद)।
यमुनापार के मेजा में बुधवार सुबह बाइक पर ट्रिपलिंग युवक के लिए जानलेवा साबित हो गई। मिट्टी भरकर जा रहे डंपर ने बाइक में टक्कर मारी तो युवक गाड़ी के नीचे आ गया, जबकि पीछे बैठी दोनों युवतियां दूर छिटक गईं। उन्हीं दोनों को युवक अपने मौसा के घर से छोड़ने जा रहा था, तभी यह हादसा हो गया। गुस्साए लोगों ने पुलिस के सामने डंपर में आग लगाकर चक्काजाम कर दिया। पुलिस ने खदेड़ा तो ग्रामीण भागे, मगर कुछ देर बाद फिर जाम लगा दिया। पुलिस ने पहले समझाने की कोशिश की, लेकिन लोग नहीं शांत हुए तो लाठियां भांजकर शव को जबरन कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कोरांव में धाव गांव का रामबहादुर आदिवासी (18) अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसकी दो बहन हैं, 13 साल की पूजा और 10 साल की तीजा। पिता भुवर का निधन होने के बाद वही मां और दोनों बहनों का सहारा था। दो दिन पहले वह मां निर्मला (55) और दोनों बहनों को लेकर मेजा के शिवपुरा में अपने मौसा ईश्वरदीन के यहां आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में गया था। बुधवार सुबह वे घर लौटने की तैयारी में थे, तभी कार्यक्रम में आई पौसिया चौहान गांव की रिश्तेदार पिंकी (30) और उसकी ननद शांति (18) ने रामबहादुर से कहा कि वे पहले उन दोनों को बाइक पर उनके घर पहुंचा दे। मां ने भी कहा तो रामबहादुर उन दोनों को बाइक पर बैठाकर पौसिया चौहान गांव के लिए रवाना हो गया। वे शिवपुरा गांव के बाहर निकले, तभी मिट्टी भरकर जा रहे डंपर ने बाइक में पीछे से टक्कर मार दी।
पिंकी और उसकी ननद शांति तो दूर छिटक गईं, लेकिन रामबहादुर डंपर के पहिए के नीचे आ गया। ड्राइवर कुछ दूर पर डंपर से उतरकर भाग गया। पता चला तो गांववालों के साथ परिजन और रिश्तेदार वहां जुट गए। फोन से सूचना पाकर यूपी 100 की पीआरवी से पुलिसकर्मी पहुंच गए। रामबहादुर का शव देख आक्रोशित लोगों ने पुिलस की मौजूदगी में तोड़फोड़ के बाद डंपर में आग लगा दी। यह डंपर ऊंचडीह से कोहराड़ पावर प्लांट तक चल रहे रेलवे लाइन बिछाने के काम में मिट्टी ढोने में लगा था। खबर पाकर मेजा समेत कई थानों की पुलिस वहां पहुंच गई। पुलिस ने बलपूर्वक भीड़ को हटाया, लेकिन कुछ ही मिनट बाद ग्रामीणों ने फिर आकर शव को उरुवा-ऊंचडीह मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया और तहसीलदार ने आर्थिक मदद का भी भरोसा दिया। तब भी लोग नहीं माने तो पुलिस ने लाठियां भांजकर खदेड़ने के बाद रामबहादुर का शव सीलकर पोस्टमार्टम हाऊस भेज दिया। तब जाकर करीब सवा दस बजे यातायात सुचारू हो सका।
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डंपर मालिक ने भी लिखाया है मुकदमा
-इस घटना में रामबहादुर की मौत के लिए दोषी डंपर चालक के खिलाफ मेजा थाने में केस दर्ज किया गया तो डंपर मालिक ने भी तोड़फोड़ और आगजनी का केस ग्रामीणों के खिलाफ लिखाया है। पुलिस का कहना है कि दोनों मामले की जांच के बाद सुबूतों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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0 बाइक पर ननद-भाभी को छोड़ने जा रहा था तभी डंपर ने मारी टक्कर, गांव वालों ने तोड़फोड़ कर आग लगाई
अमर उजाला ब्यूरो
मेजा (इलाहाबाद)।
यमुनापार के मेजा में बुधवार सुबह बाइक पर ट्रिपलिंग युवक के लिए जानलेवा साबित हो गई। मिट्टी भरकर जा रहे डंपर ने बाइक में टक्कर मारी तो युवक गाड़ी के नीचे आ गया, जबकि पीछे बैठी दोनों युवतियां दूर छिटक गईं। उन्हीं दोनों को युवक अपने मौसा के घर से छोड़ने जा रहा था, तभी यह हादसा हो गया। गुस्साए लोगों ने पुलिस के सामने डंपर में आग लगाकर चक्काजाम कर दिया। पुलिस ने खदेड़ा तो ग्रामीण भागे, मगर कुछ देर बाद फिर जाम लगा दिया। पुलिस ने पहले समझाने की कोशिश की, लेकिन लोग नहीं शांत हुए तो लाठियां भांजकर शव को जबरन कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कोरांव में धाव गांव का रामबहादुर आदिवासी (18) अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसकी दो बहन हैं, 13 साल की पूजा और 10 साल की तीजा। पिता भुवर का निधन होने के बाद वही मां और दोनों बहनों का सहारा था। दो दिन पहले वह मां निर्मला (55) और दोनों बहनों को लेकर मेजा के शिवपुरा में अपने मौसा ईश्वरदीन के यहां आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में गया था। बुधवार सुबह वे घर लौटने की तैयारी में थे, तभी कार्यक्रम में आई पौसिया चौहान गांव की रिश्तेदार पिंकी (30) और उसकी ननद शांति (18) ने रामबहादुर से कहा कि वे पहले उन दोनों को बाइक पर उनके घर पहुंचा दे। मां ने भी कहा तो रामबहादुर उन दोनों को बाइक पर बैठाकर पौसिया चौहान गांव के लिए रवाना हो गया। वे शिवपुरा गांव के बाहर निकले, तभी मिट्टी भरकर जा रहे डंपर ने बाइक में पीछे से टक्कर मार दी।
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पिंकी और उसकी ननद शांति तो दूर छिटक गईं, लेकिन रामबहादुर डंपर के पहिए के नीचे आ गया। ड्राइवर कुछ दूर पर डंपर से उतरकर भाग गया। पता चला तो गांववालों के साथ परिजन और रिश्तेदार वहां जुट गए। फोन से सूचना पाकर यूपी 100 की पीआरवी से पुलिसकर्मी पहुंच गए। रामबहादुर का शव देख आक्रोशित लोगों ने पुिलस की मौजूदगी में तोड़फोड़ के बाद डंपर में आग लगा दी। यह डंपर ऊंचडीह से कोहराड़ पावर प्लांट तक चल रहे रेलवे लाइन बिछाने के काम में मिट्टी ढोने में लगा था। खबर पाकर मेजा समेत कई थानों की पुलिस वहां पहुंच गई। पुलिस ने बलपूर्वक भीड़ को हटाया, लेकिन कुछ ही मिनट बाद ग्रामीणों ने फिर आकर शव को उरुवा-ऊंचडीह मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया और तहसीलदार ने आर्थिक मदद का भी भरोसा दिया। तब भी लोग नहीं माने तो पुलिस ने लाठियां भांजकर खदेड़ने के बाद रामबहादुर का शव सीलकर पोस्टमार्टम हाऊस भेज दिया। तब जाकर करीब सवा दस बजे यातायात सुचारू हो सका।
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डंपर मालिक ने भी लिखाया है मुकदमा
-इस घटना में रामबहादुर की मौत के लिए दोषी डंपर चालक के खिलाफ मेजा थाने में केस दर्ज किया गया तो डंपर मालिक ने भी तोड़फोड़ और आगजनी का केस ग्रामीणों के खिलाफ लिखाया है। पुलिस का कहना है कि दोनों मामले की जांच के बाद सुबूतों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।