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रिश्वत लेने के दोनों आरोपी रेल अफसर हुए सस्पेंड
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रिश्वत लेने के आरोपी दोनों रेल अफसर हुए सस्पेंड
0 नौ मार्च को सीबीआई ने रिश्वत लेते पकड़ा था रंगे हाथ
0 एनसीआर जीएम ने की निलंबन की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। सीबीआई द्वारा रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े गए दोनों अफसरों को रेलवे ने निलंबित कर दिया है। बुधवार को यह कार्रवाई उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) प्रशासन द्वारा की गई। इसके अलावा इस मामले में विभागीय रिपोर्ट भी रेलवे बोर्ड को भेज दी गई है।
शनिवार नौ मार्च को सीबीआई की टीम ने एनसीआर के इलाहाबाद मंडल में तैनात सीनियर डीएसटीई नीरज पुरी गोस्वामी और डीएसटीई पीके सिंह को 10 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रैप किया था। इन पर आरोप था कि रेलवे के सिग्नल एंड टेलीकाम के इन अफसरों ने पहले बिना काम हुए ही मेजरमेंट बुक (एमबी) भर दी और फर्जी एमबी के आधार पर ठेकेदार को 12 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। एडवांस किए गए भुगतान के एवज में यह 10 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। इस मामले में सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच ने मुकदमा दर्ज जांच भी शुरू की। दोनों अफसर जेल भी भेजे जा चुके हैं। इस बीच एनसीआर के महाप्रबंधक राजीव चौधरी के बाहर होने की वजह से दोनों अफसरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई नहीं की जा सकी थी। मंगलवार को जीएम के सामने अफसरों ने सीबीआई द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में अवगत कराया। बुधवार को महाप्रबंधक एनसीआर ने दोनों अफसरों को सस्पेंड कर दिया। एनसीआर के सीपीआरओ गौरव कृष्ण बंसल ने इसकी पुष्टि की है।
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रिश्वत लेने के आरोपी दोनों रेल अफसर हुए सस्पेंड
0 नौ मार्च को सीबीआई ने रिश्वत लेते पकड़ा था रंगे हाथ
0 एनसीआर जीएम ने की निलंबन की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। सीबीआई द्वारा रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े गए दोनों अफसरों को रेलवे ने निलंबित कर दिया है। बुधवार को यह कार्रवाई उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) प्रशासन द्वारा की गई। इसके अलावा इस मामले में विभागीय रिपोर्ट भी रेलवे बोर्ड को भेज दी गई है।
शनिवार नौ मार्च को सीबीआई की टीम ने एनसीआर के इलाहाबाद मंडल में तैनात सीनियर डीएसटीई नीरज पुरी गोस्वामी और डीएसटीई पीके सिंह को 10 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रैप किया था। इन पर आरोप था कि रेलवे के सिग्नल एंड टेलीकाम के इन अफसरों ने पहले बिना काम हुए ही मेजरमेंट बुक (एमबी) भर दी और फर्जी एमबी के आधार पर ठेकेदार को 12 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। एडवांस किए गए भुगतान के एवज में यह 10 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। इस मामले में सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच ने मुकदमा दर्ज जांच भी शुरू की। दोनों अफसर जेल भी भेजे जा चुके हैं। इस बीच एनसीआर के महाप्रबंधक राजीव चौधरी के बाहर होने की वजह से दोनों अफसरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई नहीं की जा सकी थी। मंगलवार को जीएम के सामने अफसरों ने सीबीआई द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में अवगत कराया। बुधवार को महाप्रबंधक एनसीआर ने दोनों अफसरों को सस्पेंड कर दिया। एनसीआर के सीपीआरओ गौरव कृष्ण बंसल ने इसकी पुष्टि की है।
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