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शव रखकर जाम लगाया तो मुकदमा
Updated Mon, 20 Nov 2017 10:26 PM IST
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थाने के सामने शव रखा तब लिखा गया मुकदमा
0 बिजली मिस्त्री की मौत के मामले में नाराज थे परिजन
अमर उजाला ब्यूरो
हनुमानगंज (इलाहाबाद)। सरायइनायत के फतूहां गांव के उमेश कुमार (18) की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में तहरीर देने के बाद भी केस नहीं दर्ज किए जाने से नाराज लोगों ने रविवार देर रात शव को थाने के सामने रखकर पुलिस के खिलाफ नारे लगाए। इसके बाद चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट लिखी गई।
फतूहां गांव निवासी होरीलाल का पुत्र उमेश शनिवार को घर से निकला था। वह समारोहों में बिजली की सजावट का काम करता था। रविवार सुबह परिजनों को खबर मिली कि उमेश को एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी मौत हो गई। बताया गया कि जेनरेटर स्टार्ट करने के दौरान उसे करंट लग गया। मगर परिजनों ने कत्ल की आशंका जाहिर की। पोस्टमार्टम में भी मौत की वजह साफ नहीं हो सकी। पिता होरीलाल ने फतूहां निवासी रामानंद भारतीय के बेटों राकेश, रवींद्र, अमरजीत तथा चक मुजम्मिल गांव के सुरेश कुमार विश्वकर्मा के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने एफआईआर लिखने में टालमटोल की तो पोस्टमार्टम के बाद रात में परिजन उमेश का शव लेकर सरायइनायत थाने पहुंचे और जाम लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद चार लोगों के खिलाफ जहर खिलाकर मारने और दलित उत्पीड़न की रिपोर्ट लिखी गई। परिजनों ने बताया कि एक नामजद आरोपी सुरेश विश्वकर्मा को एसआरएन अस्पताल परिसर में ही पुलिस ने पकड़ लिया था।
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0 बिजली मिस्त्री की मौत के मामले में नाराज थे परिजन
अमर उजाला ब्यूरो
हनुमानगंज (इलाहाबाद)। सरायइनायत के फतूहां गांव के उमेश कुमार (18) की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में तहरीर देने के बाद भी केस नहीं दर्ज किए जाने से नाराज लोगों ने रविवार देर रात शव को थाने के सामने रखकर पुलिस के खिलाफ नारे लगाए। इसके बाद चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट लिखी गई।
फतूहां गांव निवासी होरीलाल का पुत्र उमेश शनिवार को घर से निकला था। वह समारोहों में बिजली की सजावट का काम करता था। रविवार सुबह परिजनों को खबर मिली कि उमेश को एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी मौत हो गई। बताया गया कि जेनरेटर स्टार्ट करने के दौरान उसे करंट लग गया। मगर परिजनों ने कत्ल की आशंका जाहिर की। पोस्टमार्टम में भी मौत की वजह साफ नहीं हो सकी। पिता होरीलाल ने फतूहां निवासी रामानंद भारतीय के बेटों राकेश, रवींद्र, अमरजीत तथा चक मुजम्मिल गांव के सुरेश कुमार विश्वकर्मा के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने एफआईआर लिखने में टालमटोल की तो पोस्टमार्टम के बाद रात में परिजन उमेश का शव लेकर सरायइनायत थाने पहुंचे और जाम लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद चार लोगों के खिलाफ जहर खिलाकर मारने और दलित उत्पीड़न की रिपोर्ट लिखी गई। परिजनों ने बताया कि एक नामजद आरोपी सुरेश विश्वकर्मा को एसआरएन अस्पताल परिसर में ही पुलिस ने पकड़ लिया था।
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