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किसी को नहीं पता, सिपाही ने किसके कहने पर गिने नोट
Updated Fri, 27 Jul 2018 02:08 AM IST
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सिपाही ने किसके कहने पर गिने नोट?
किसी को पता नहीं, आबकारी अफसरों ने भी जताई अनभिज्ञता
सिपाही छुट्टी पर, पुलिस अब तक नहीं दर्ज कर सकी है बयान
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। कैंट स्थित आबकारी कॉलोनी में नोटों से भरा कुकर मिलने के मामला दिन पर दिन उलझता ही जा रहा है। छह दिन बीतने के बाद भी अब तक नहीं पता चला है कि नोट किसके थे और पुलिस को मिले 7.93 लाख रुपये के अलावा बाकी की रकम कौन ले गया। उधर, कोई यह बताने को भी तैयार नहीं कि सिपाही ने किसके कहने पर नोट गिने? फिलहाल छुट्टी पर होने के कारण उसका बयान बृहस्पतिवार को भी नहीं हो सका।
इंजीनियर दीपक रस्तोगी आबकारी विभाग में सहायक एल्कोहल टेक्नालॉजिस्ट के पद पर तैनात हैं। 21 जुलाई को उनके सरकारी क्वार्टर के पीछे स्थित गैरेज में नोटों से भरा कुकर मिलने पर हड़कंप मच गया था। जानकारी दी गई तो पुलिस पहुुंची लेकिन उसे केवल 7.93 लाख रुपये मिले थे। दीपक ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि कुकर में अनुमानत: 25-30 लाख रुपये थे। उच्चाधिकारियों ने मामले की जांच सीओ और एसीएम से कराने का निर्णय लिया था। बृहस्पतिवार को घटना के छह दिन बीत गए लेकिन अब तक यह नहीं पता चल सका है कि नोट किसके थे और बाकी की रकम कौन ले गया। सूत्रों की मानें तो जांच टीम इस बात का भी पता लगाने में जुटी है कि आबकारी विभाग के इकोनॉमिक इंटेलिजेंस ब्यूरो(ईआईबी) के सिपाही ने नोट गिनने में इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई। किसके कहने पर उसने नोट गिने और इसके लिए पुलिस का इंतजार करने की भी जरूरत नहीं समझी।
दरअसल, दीपक ने पुलिस से पहले घटना की जानकारी अपने अफसरों को दी थी। जिसके बाद आबकारी विभाग के कई बड़े अफसर पहुंच गए थे। इसी दौरान दीपक के मकान के पड़ोस में रहने वाले एक अफसर के घर किसी काम के सिलसिले में ईआईबी सिपाही भी पहुंचा था और मामले की जानकारी पर वह भी गैरेज में पहुंच गया। सूत्रों का कहना है कि सिपाही ने खुद से ही नोट गिनना शुरू किया होगा, इसकी संभावना बहुत कम ही है। किसी न किसी ने उसे नोट गिनने के लिए जरूर कहा होगा। हालांकि इस बारे में दीपक के साथ ही घटना के वक्त मौजूद रहे आबकारी अफसर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। दीपक के मुताबिक अफसरों के आने के बाद पेन व कागज लेने चले गए थे।
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आज हो सकता है बयान
पुलिस सूत्रों की मानें तो ईआईबी के जिस सिपाही ने सबसे पहले नोट गिने, वह आकस्मिक छुट्टी पर चला गया है। दो दिन की छुट्टी के बाद उसकी शुक्रवार को लौटने की संभावना है। ऐसे में बृहस्पतिवार को ही उसका बयान दर्ज किया जा सकता है। मामले में जांच टीम में शामिल सीओ सिविल लाइंस श्रीश्चंद्र का कहना है कि सिपाही का बयान दर्ज होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल अभी उसका बयान नहीं दर्ज हो सका है।
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किसी को पता नहीं, आबकारी अफसरों ने भी जताई अनभिज्ञता
सिपाही छुट्टी पर, पुलिस अब तक नहीं दर्ज कर सकी है बयान
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। कैंट स्थित आबकारी कॉलोनी में नोटों से भरा कुकर मिलने के मामला दिन पर दिन उलझता ही जा रहा है। छह दिन बीतने के बाद भी अब तक नहीं पता चला है कि नोट किसके थे और पुलिस को मिले 7.93 लाख रुपये के अलावा बाकी की रकम कौन ले गया। उधर, कोई यह बताने को भी तैयार नहीं कि सिपाही ने किसके कहने पर नोट गिने? फिलहाल छुट्टी पर होने के कारण उसका बयान बृहस्पतिवार को भी नहीं हो सका।
इंजीनियर दीपक रस्तोगी आबकारी विभाग में सहायक एल्कोहल टेक्नालॉजिस्ट के पद पर तैनात हैं। 21 जुलाई को उनके सरकारी क्वार्टर के पीछे स्थित गैरेज में नोटों से भरा कुकर मिलने पर हड़कंप मच गया था। जानकारी दी गई तो पुलिस पहुुंची लेकिन उसे केवल 7.93 लाख रुपये मिले थे। दीपक ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि कुकर में अनुमानत: 25-30 लाख रुपये थे। उच्चाधिकारियों ने मामले की जांच सीओ और एसीएम से कराने का निर्णय लिया था। बृहस्पतिवार को घटना के छह दिन बीत गए लेकिन अब तक यह नहीं पता चल सका है कि नोट किसके थे और बाकी की रकम कौन ले गया। सूत्रों की मानें तो जांच टीम इस बात का भी पता लगाने में जुटी है कि आबकारी विभाग के इकोनॉमिक इंटेलिजेंस ब्यूरो(ईआईबी) के सिपाही ने नोट गिनने में इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई। किसके कहने पर उसने नोट गिने और इसके लिए पुलिस का इंतजार करने की भी जरूरत नहीं समझी।
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दरअसल, दीपक ने पुलिस से पहले घटना की जानकारी अपने अफसरों को दी थी। जिसके बाद आबकारी विभाग के कई बड़े अफसर पहुंच गए थे। इसी दौरान दीपक के मकान के पड़ोस में रहने वाले एक अफसर के घर किसी काम के सिलसिले में ईआईबी सिपाही भी पहुंचा था और मामले की जानकारी पर वह भी गैरेज में पहुंच गया। सूत्रों का कहना है कि सिपाही ने खुद से ही नोट गिनना शुरू किया होगा, इसकी संभावना बहुत कम ही है। किसी न किसी ने उसे नोट गिनने के लिए जरूर कहा होगा। हालांकि इस बारे में दीपक के साथ ही घटना के वक्त मौजूद रहे आबकारी अफसर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। दीपक के मुताबिक अफसरों के आने के बाद पेन व कागज लेने चले गए थे।
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आज हो सकता है बयान
पुलिस सूत्रों की मानें तो ईआईबी के जिस सिपाही ने सबसे पहले नोट गिने, वह आकस्मिक छुट्टी पर चला गया है। दो दिन की छुट्टी के बाद उसकी शुक्रवार को लौटने की संभावना है। ऐसे में बृहस्पतिवार को ही उसका बयान दर्ज किया जा सकता है। मामले में जांच टीम में शामिल सीओ सिविल लाइंस श्रीश्चंद्र का कहना है कि सिपाही का बयान दर्ज होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल अभी उसका बयान नहीं दर्ज हो सका है।