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तड़पता रहा रेल मुसाफिर, निहारते रहे वर्दी वाले
Updated Mon, 20 Nov 2017 10:23 PM IST
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तड़पता रहा रेल मुसाफिर, देखते रहे वर्दी वाले
0 यात्री को स्ट्रेचर पर लिटाने की बजाय प्लेटफार्म से चलते बने आरपीएफ और जीआरपी के जवान
0 सिकंदराबाद एक्सप्रेस में यात्री की बिगड़ गई थी तबीयत, स्टेशन डायरेक्टर के हस्तक्षेप के बाद अस्पताल भेजा गया यात्री
इलाहाबाद। सिकंदराबाद-दानापुर एक्सप्रेस के एसी थ्री कोच में सवार एक मुसाफिर की तबीयत सोमवार को बिगड़ गई। मध्य प्रदेश के सतना स्टेशन के पास उसकी तबीयत बिगड़ी तो इलाहाबाद में इसकी सूचना दी गई। ताकि ट्रेन के जंक्शन पहुंचने पर उसे चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। ट्रेन जंक्शन पहुंची तो मरीज को देखने के लिए रेलवे के डाक्टर मौके पर पहुंचे। इस दौरान मरीज की तबीयत ज्यादा खराब देखकर रेलवे के डाक्टर ने उसे स्ट्रेचर के माध्यम से रेलवे अस्पताल ले जाने की बात कही। मौके पर वहां आरपीएफ और जीआरपी के जवान थे लेकिन उसमें से किसी ने भी यात्री को स्ट्रेचर पर लिटाने की पहल नहीं की, और वे वहां से चलते बने। तकरीबन 15 मिनट तक यात्री वहीं तड़पता रहा। सूचना मिलते ही स्टेशन डायरेक्टर मौके पर पहुंचे। उनके हस्तक्षेप के बाद ही जीआरपी के सिपाहियों ने मरीज को ले जाने की व्यवस्था की।
सिकंदराबाद एक्सप्रेस के बी-वन कोच की बर्थ नंबर नौ पर सवार हैदराबाद का वाई नरेश (57) सवार थे। सतना के आसपास उनकी तबीयत बिगड़ी। उनके सामने वाली बर्थ पर बैठे प्रसाद नाम के एक दूसरे मुसाफिर ने कोच अटेंडेट के माध्यम से इसकी सूचना इलाहाबाद तक भिजवाई। सूचना मिलते ही जंक्शन पर रेलवे की डाक्टर शालिनी पहुंच गई। सुबह 11.30 बजे के आसपास ट्रेन आई तो वाई नरेश की जांच की गई। डा. शालिनी ने उसे अस्पताल में एडमिट करने की बात कही। वहां खड़े जीआरपी और आरपीएफ के जवान से कहा गया कि नरेश को स्ट्रेचर पर लिटा दिया जाए। ताकि समय रहते अस्पताल ले जाकर उसका इलाज शुरू किया जा सके। मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाने की बजाय खाकी वर्दी वाले वहां से चलते बने। यह देख ट्रेन के कोच में बैठे अन्य यात्रियों ने खासा शोर शराबा किया। इस बीच वाई नरेश तड़पता रहा। सूचना स्टेशन डायरेक्टर पीके शर्मा को मिली तो वे मौके पर पहुंचे। उनके कहने के बाद ही जीआरपी के सिपाही वाई नरेश को स्ट्रेचर के माध्यम से एंबुलेंस तक ले गए। बाद में मरीज को रेलवे की एंबुलेंस से इलाज के लिए बेली अस्पताल भेज दिया गया।
‘एक यात्री की सिकंदराबाद एक्सप्रेस में तबीयत खराब हुई थी। जंक्शन आने पर उसे डाक्टरों ने अटेंड किया। बाद में उसे इलाज के लिए बेली अस्पताल भेज दिया गया।’
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00 पीके शर्मा, स्टेशन डायरेक्टर इलाहाबाद जंक्शन।
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0 यात्री को स्ट्रेचर पर लिटाने की बजाय प्लेटफार्म से चलते बने आरपीएफ और जीआरपी के जवान
0 सिकंदराबाद एक्सप्रेस में यात्री की बिगड़ गई थी तबीयत, स्टेशन डायरेक्टर के हस्तक्षेप के बाद अस्पताल भेजा गया यात्री
इलाहाबाद। सिकंदराबाद-दानापुर एक्सप्रेस के एसी थ्री कोच में सवार एक मुसाफिर की तबीयत सोमवार को बिगड़ गई। मध्य प्रदेश के सतना स्टेशन के पास उसकी तबीयत बिगड़ी तो इलाहाबाद में इसकी सूचना दी गई। ताकि ट्रेन के जंक्शन पहुंचने पर उसे चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। ट्रेन जंक्शन पहुंची तो मरीज को देखने के लिए रेलवे के डाक्टर मौके पर पहुंचे। इस दौरान मरीज की तबीयत ज्यादा खराब देखकर रेलवे के डाक्टर ने उसे स्ट्रेचर के माध्यम से रेलवे अस्पताल ले जाने की बात कही। मौके पर वहां आरपीएफ और जीआरपी के जवान थे लेकिन उसमें से किसी ने भी यात्री को स्ट्रेचर पर लिटाने की पहल नहीं की, और वे वहां से चलते बने। तकरीबन 15 मिनट तक यात्री वहीं तड़पता रहा। सूचना मिलते ही स्टेशन डायरेक्टर मौके पर पहुंचे। उनके हस्तक्षेप के बाद ही जीआरपी के सिपाहियों ने मरीज को ले जाने की व्यवस्था की।
सिकंदराबाद एक्सप्रेस के बी-वन कोच की बर्थ नंबर नौ पर सवार हैदराबाद का वाई नरेश (57) सवार थे। सतना के आसपास उनकी तबीयत बिगड़ी। उनके सामने वाली बर्थ पर बैठे प्रसाद नाम के एक दूसरे मुसाफिर ने कोच अटेंडेट के माध्यम से इसकी सूचना इलाहाबाद तक भिजवाई। सूचना मिलते ही जंक्शन पर रेलवे की डाक्टर शालिनी पहुंच गई। सुबह 11.30 बजे के आसपास ट्रेन आई तो वाई नरेश की जांच की गई। डा. शालिनी ने उसे अस्पताल में एडमिट करने की बात कही। वहां खड़े जीआरपी और आरपीएफ के जवान से कहा गया कि नरेश को स्ट्रेचर पर लिटा दिया जाए। ताकि समय रहते अस्पताल ले जाकर उसका इलाज शुरू किया जा सके। मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाने की बजाय खाकी वर्दी वाले वहां से चलते बने। यह देख ट्रेन के कोच में बैठे अन्य यात्रियों ने खासा शोर शराबा किया। इस बीच वाई नरेश तड़पता रहा। सूचना स्टेशन डायरेक्टर पीके शर्मा को मिली तो वे मौके पर पहुंचे। उनके कहने के बाद ही जीआरपी के सिपाही वाई नरेश को स्ट्रेचर के माध्यम से एंबुलेंस तक ले गए। बाद में मरीज को रेलवे की एंबुलेंस से इलाज के लिए बेली अस्पताल भेज दिया गया।
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‘एक यात्री की सिकंदराबाद एक्सप्रेस में तबीयत खराब हुई थी। जंक्शन आने पर उसे डाक्टरों ने अटेंड किया। बाद में उसे इलाज के लिए बेली अस्पताल भेज दिया गया।’
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00 पीके शर्मा, स्टेशन डायरेक्टर इलाहाबाद जंक्शन।