crime : दसवीं में फेल होने के डर से छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान, सुसाइड नोट में लिखा...
खुल्दाबाद के चकनिरातुल मोहल्ले में रहने वाले सत्येंद्र पांडेय मूल रूप से चरवा कौशाम्बी के रहने वाले हैं। वह प्राइवेट नौकरी करते हैं। परिवार में बेटे व पत्नी के अलावा बेटी आकृति थी। वह इलाहाबाद पब्लिक स्कूल की छात्रा थी और इस बार 10वीं की परीक्षा दी थी।
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खुल्दाबाद में 10वीं की छात्रा आकृति (17) ने फांसी लगाकर जान दे दी। वह रिजल्ट को लेकर परेशान थी। दोपहर में बहुत देर तक नहीं दिखाई देने पर परिजन उसे बुलाने पहली मंजिल पर पहुंचे तो वह कमरे में फंदे पर लटकी मिली। उसके पास से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें उसने अपनी मौत का जिम्मेदार खुद को बताया है। घटना से घर में कोहराम मचा हुआ है।
खुल्दाबाद के चकनिरातुल मोहल्ले में रहने वाले सत्येंद्र पांडेय मूल रूप से चरवा कौशाम्बी के रहने वाले हैं। वह प्राइवेट नौकरी करते हैं। परिवार में बेटे व पत्नी के अलावा बेटी आकृति थी। वह इलाहाबाद पब्लिक स्कूल की छात्रा थी और इस बार 10वीं की परीक्षा दी थी। पुलिस के मुताबिक, परिजनों ने बताया कि बृहस्पतिवार को सुबह ही आकृति पहली मंजिल पर बने अपने कमरे में चली गई। बहुत देर तक नीचे नहीं आने पर परिजनों ने आवाज दी लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
परिजन उसे बुलाने ऊपर पहुंचे तो वह कमरे के भीतर फांसी पर लटकी मिली। इस पर घर में कोहराम मच गया। शोरगुल पर आसपास के लोग भी जुट गए। घरवाले उसे फंदे से उतारकर पास ही स्थित निजी अस्पताल ले गए लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस पहुंची और जांच पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। खुल्दाबाद इंस्पेक्टर अनुराग शर्मा ने बताया कि परिजनों ने बताया कि जल्द ही उसका रिजल्ट घोषित होने वाला था। इसी को लेकर वह बेहद परेशान रहती थी।
लिखा, जिंदगी से तंग आ गई हूं...
पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम हाउस पर छात्रा के कपड़ों से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। इसमें लिखा था, ‘मैं अपनी मौत की जिम्मेदार खुद हूं। मेरा सबने बहुत साथ दिया। मैं जिंदगी से बहुत तंग आ चुकी हूं।’ हालांकि इसमें यह नहीं लिखा था कि छात्रा ने यह कदम क्यों उठाया। उधर पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर पैतृक निवास कौशाम्बी चले गए।