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अवैध खनन- विरोध करने पर खनन माफिया ने किसानों पर किया हमला, फायरिंग
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शाही। बहगुल नदी का किनारा खनन के लिए माफिया की पहली पसंद बना हुआ है। राजनीतिक संरक्षण प्राप्त हने की वजह से माफिया बेखौफ होकर खनन करते हैं। विरोध करने पर वे जानलेवा हमला करने सेे भी नहीं चूकते। शनिवार को बसावनपुर में यही हुआ। ग्रामीणों ने अवैध खनन का विरोध किया तो माफिया हमलावर हो गए। उन्होंने दो किसानों को घायल कर दिया। ग्रामीण इकट्ठे हुए तो फायरिंग कर उन्हें खदेड़ दिया। इस मामले में लेखपाल की तहरीर पर पुलिस ने दो ईंट भट्ठा मालिकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
ग्राम पंचायत सेवा ज्वालापुर के मजरा बसावनपुर के पश्चिम में बहगुल नदी से माफिया वर्षों से बेखौफ होकर खनन कर रहे हैं। पुलिस, प्रशासन को जानकारी होने के बावजूद नेताओं के दबाव में आंखें मूंदे रहते हैं। शनिवार को माफिया जेसीबी से खनन कर रेत ट्रैक्टर ट्रॉलियों में भर रहे थे। इससे आसपास के खेतों में फसल को नुकसान हो रहा था। किसान राजेश उर्फ वीरेंद्र और उनके चाचा हरपाल ने मौके पर पहुंचकर खनन का विरोध किया तो खनन कर रहे लोगों ने उन पर हमला कर दिया। इसमें राजेश और हरपाल घायल हो गए। गांव वाले जुटे तो माफिया ने फायरिंग कर उन्हें खदेड़ दिया। सूचना पुलिस को दी गई लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
रविवार को ग्रामीणों ने एसडीएम मीरगंज को इसकी सूचना दी तो उन्होंने लेखपाल मोहम्मद रिजवान को भेजकर रिपोर्ट देने का आदेश दिया। लेखपाल ने जांच की तो पता चला कि माफिया ने ढाई मीटर गहराई तक नदी किनारे अवैध खनन किया है। जांच रिपोर्ट में बताया कि खनन ईंट भट्ठा मालिक दुनका निवासी शरीफ अहमद और उसके भाई शकूर ने कराया है। इसके बाद शाही थाने में दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
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घायल किसानों की तहरीर पर पुलिस ने नहीं लिखी रिपोर्ट
किसान राजेश उर्फ वीरेंद्र और उनके चाचा हरपाल की तहरीर को पुलिस ने यह कहकर लेने से इंकार कर दिया कि मामले में लेखपाल की ओर से मुकदमा पंजीकृत किया जा चुका है, जबकि लेखपाल की ओर से दी गई तहरीर में मारपीट और फायरिंग का कोई जिक्र नहीं किया गया है। घायल किसानों का कहना है कि उनके साथ हुई मारपीट की रिपोर्ट दर्ज की जाए।
लेखपाल की तहरीर पर दो माफिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। अलग से भी जांच कराई जा रही है। इलाके से खनन माफिया का पूरी तरह से सफाया किया जाएगा। इसके लिए रणनीति बनाई जा रही है। - ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम मीरगंज
अवैध खनन में लगी ट्रैक्टर ट्राली पकड़ी, सीज
फतेहगंज पश्चिमी। सोमवार को खनन की सूचना पर एसडीएम ने लेखपाल आनंद प्रकाश को गांव भेजा तो तीन ट्रैक्टर ट्राली खनन में लगी थी। लेखपाल ने जैसे ही रोका दो ट्रैक्टर ट्राली लेकर ड्राइवर फरार हो गए। लेखपाल की सूचना पर मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी राजकुमार तिवारी, कांस्टेबल सत्येंद्र चौधरी रेत से भरी ट्रैक्टर ट्राली को थाने ले आए। इसके बाद उसे सीज कर दिया। बता दें कि कुछ दिनों पहले थाना फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र में एसडीएम ने मिट्टी और बालू का खनन करते हुए पांच ट्रैक्टर ट्राली सीज की। बता दें दबंग खनन माफिया ने एसडीएम की निगरानी का भी अपना जाल बिछा रखा है। तहसील से लेकर बरेली तक उनके आने-जाने का भी ध्यान रखते हैं। जब शाम को अधिकारी चले जाते हैं तब रात में खनन का खेल शुरू हो जाता है जो सुबह तक चलता है।
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ग्राम पंचायत सेवा ज्वालापुर के मजरा बसावनपुर के पश्चिम में बहगुल नदी से माफिया वर्षों से बेखौफ होकर खनन कर रहे हैं। पुलिस, प्रशासन को जानकारी होने के बावजूद नेताओं के दबाव में आंखें मूंदे रहते हैं। शनिवार को माफिया जेसीबी से खनन कर रेत ट्रैक्टर ट्रॉलियों में भर रहे थे। इससे आसपास के खेतों में फसल को नुकसान हो रहा था। किसान राजेश उर्फ वीरेंद्र और उनके चाचा हरपाल ने मौके पर पहुंचकर खनन का विरोध किया तो खनन कर रहे लोगों ने उन पर हमला कर दिया। इसमें राजेश और हरपाल घायल हो गए। गांव वाले जुटे तो माफिया ने फायरिंग कर उन्हें खदेड़ दिया। सूचना पुलिस को दी गई लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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रविवार को ग्रामीणों ने एसडीएम मीरगंज को इसकी सूचना दी तो उन्होंने लेखपाल मोहम्मद रिजवान को भेजकर रिपोर्ट देने का आदेश दिया। लेखपाल ने जांच की तो पता चला कि माफिया ने ढाई मीटर गहराई तक नदी किनारे अवैध खनन किया है। जांच रिपोर्ट में बताया कि खनन ईंट भट्ठा मालिक दुनका निवासी शरीफ अहमद और उसके भाई शकूर ने कराया है। इसके बाद शाही थाने में दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
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घायल किसानों की तहरीर पर पुलिस ने नहीं लिखी रिपोर्ट
किसान राजेश उर्फ वीरेंद्र और उनके चाचा हरपाल की तहरीर को पुलिस ने यह कहकर लेने से इंकार कर दिया कि मामले में लेखपाल की ओर से मुकदमा पंजीकृत किया जा चुका है, जबकि लेखपाल की ओर से दी गई तहरीर में मारपीट और फायरिंग का कोई जिक्र नहीं किया गया है। घायल किसानों का कहना है कि उनके साथ हुई मारपीट की रिपोर्ट दर्ज की जाए।
लेखपाल की तहरीर पर दो माफिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। अलग से भी जांच कराई जा रही है। इलाके से खनन माफिया का पूरी तरह से सफाया किया जाएगा। इसके लिए रणनीति बनाई जा रही है। - ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम मीरगंज
अवैध खनन में लगी ट्रैक्टर ट्राली पकड़ी, सीज
फतेहगंज पश्चिमी। सोमवार को खनन की सूचना पर एसडीएम ने लेखपाल आनंद प्रकाश को गांव भेजा तो तीन ट्रैक्टर ट्राली खनन में लगी थी। लेखपाल ने जैसे ही रोका दो ट्रैक्टर ट्राली लेकर ड्राइवर फरार हो गए। लेखपाल की सूचना पर मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी राजकुमार तिवारी, कांस्टेबल सत्येंद्र चौधरी रेत से भरी ट्रैक्टर ट्राली को थाने ले आए। इसके बाद उसे सीज कर दिया। बता दें कि कुछ दिनों पहले थाना फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र में एसडीएम ने मिट्टी और बालू का खनन करते हुए पांच ट्रैक्टर ट्राली सीज की। बता दें दबंग खनन माफिया ने एसडीएम की निगरानी का भी अपना जाल बिछा रखा है। तहसील से लेकर बरेली तक उनके आने-जाने का भी ध्यान रखते हैं। जब शाम को अधिकारी चले जाते हैं तब रात में खनन का खेल शुरू हो जाता है जो सुबह तक चलता है।