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सीएए, एनआरसी की बात की तो पुलिस ने लाठियां पटक समाप्त करा दी सभा
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CPIM public meeting at mauaima in Prayagraj
- फोटो : CITY DESK
डीवाईएफआई संग कई संगठनों ने ली थी सभा की अनुमति
वाम दलों के नेताओं का आरोप, यह अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला
प्रयागराज। गंगापार के मऊआइमा स्थित नाटी इमली के पास रविवार को सीएए, एनआरसी की चर्चा करने पर पुलिस ने लाठियां पटककर अनुमति देने के बावजूद सभा समाप्त करा दी। मुख्य वक्ता सीआईटीयू नेता हरिश्चंद्र द्विवेदी को बोलने से रोक दिया गया। इससे वहां अफरातफरी मच गई। लोगों के विरोध के बावजूद सीओ समेत अन्य पुलिस कर्मियों ने किसी की एक न सुनीं। कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने इसकी निंदा करते हुए आरोप लगाते हुए कहा कि यह अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है।
नाटी इमली के पास भारतीय मजदूर यूनियन, किसान मजदूर यूनियन और भारत की जनवादी नौजवान सभा (डीवाईएफआई) ने सभा का आयोजन किया था। इसके लिए शांति व्यवस्था बनाए रखने की शर्त के साथ प्रशासन से अनुमति ली गई थी। सभा में आवारा पशुओं से फसलों की तबाही, फसलों का उचित मूल्य न मिलने, महंगाई समेत अन्य समस्याओं पर केंद्र व राज्य सरकार के रुख की चर्चा की गई।
सभा के लिए 11 से दो बजे तक की अनुमति थी। सीआईटीयू नेता हरिश्चंद्र द्विवेदी ने बतौर मुख्य वक्ता जैसे ही माइक संभाला और सीएए, एनआरसी पर बोलने लगे तो पुलिस ने टोकाटाकी की। सीआईटीयू के संयोजक अविनाश मिश्र का आरोप है कि स्वीकृति के बाद सभा निर्धारित समय से पहले समाप्त करा देना सरकार की तानाशाही का प्रमाण है। निंदा करते हुए जनवादी नौजवान सभा के जिला सचिव अखिल विकल्प ने कहा कि सभा से लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन तक करना हमारा संवैधानिक अधिकार है।
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सभा में सेंटर ऑफ ट्रेड यूनियन(सीआईटीयू) के प्रदेश अध्यक्ष रवि मिश्रा, किसान सभा के भूपेंद्र पांडेय, खेत मज़दूर यूनियन नेताओं के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, किसान मौजूद रहे।
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वाम दलों के नेताओं का आरोप, यह अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला
प्रयागराज। गंगापार के मऊआइमा स्थित नाटी इमली के पास रविवार को सीएए, एनआरसी की चर्चा करने पर पुलिस ने लाठियां पटककर अनुमति देने के बावजूद सभा समाप्त करा दी। मुख्य वक्ता सीआईटीयू नेता हरिश्चंद्र द्विवेदी को बोलने से रोक दिया गया। इससे वहां अफरातफरी मच गई। लोगों के विरोध के बावजूद सीओ समेत अन्य पुलिस कर्मियों ने किसी की एक न सुनीं। कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने इसकी निंदा करते हुए आरोप लगाते हुए कहा कि यह अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है।
नाटी इमली के पास भारतीय मजदूर यूनियन, किसान मजदूर यूनियन और भारत की जनवादी नौजवान सभा (डीवाईएफआई) ने सभा का आयोजन किया था। इसके लिए शांति व्यवस्था बनाए रखने की शर्त के साथ प्रशासन से अनुमति ली गई थी। सभा में आवारा पशुओं से फसलों की तबाही, फसलों का उचित मूल्य न मिलने, महंगाई समेत अन्य समस्याओं पर केंद्र व राज्य सरकार के रुख की चर्चा की गई।
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सभा के लिए 11 से दो बजे तक की अनुमति थी। सीआईटीयू नेता हरिश्चंद्र द्विवेदी ने बतौर मुख्य वक्ता जैसे ही माइक संभाला और सीएए, एनआरसी पर बोलने लगे तो पुलिस ने टोकाटाकी की। सीआईटीयू के संयोजक अविनाश मिश्र का आरोप है कि स्वीकृति के बाद सभा निर्धारित समय से पहले समाप्त करा देना सरकार की तानाशाही का प्रमाण है। निंदा करते हुए जनवादी नौजवान सभा के जिला सचिव अखिल विकल्प ने कहा कि सभा से लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन तक करना हमारा संवैधानिक अधिकार है।
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सभा में सेंटर ऑफ ट्रेड यूनियन(सीआईटीयू) के प्रदेश अध्यक्ष रवि मिश्रा, किसान सभा के भूपेंद्र पांडेय, खेत मज़दूर यूनियन नेताओं के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, किसान मौजूद रहे।